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Bharat Taxi: अब बड़े शहरों से लेकर तालुका तक पहुंचेगी भारत टैक्सी, जानें सरकार का दो-तीन वर्षों का प्लान
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:39 PM IST
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सार
Minister Krishan Pal Rajya Sabha: भारत टैक्सी अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार ने राज्यसभा में एलान किया है कि अमूल जैसे दिग्गजों की ओर से समर्थित ये को-ऑपरेटिव टैक्सी सर्विस अगले 3 वर्षों में हर तालुका तक पहुंचेगी। 4 लाख ड्राइवरों के साथ शुरू हुआ यह सफर कैसे आपकी राइड को सस्ता और सुरक्षित बनाएगा, जानिए इस रिपोर्ट में...
भारत टैक्सी
- फोटो : play.google.co
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विस्तार
आज यानी 11 मार्च 2026 को राज्यसभा में को-ऑपरेटिव सेक्टर के जरिए रोजगार सृजन पर चर्चा के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई। सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी का विस्तार अब बड़े स्तर पर किया जाएगा।
क्या है भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म?
भारत टैक्सी एक कोऑपरेटिव आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे देश के प्रमुख सहकारी संगठनों ने मिलकर तैयार किया है। इसका मकसद पारंपरिक एप-आधारित टैक्सी सेवाओं के मुकाबले ड्राइवरों को अधिक कमाई और बेहतर नियंत्रण देना है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहक मोबाइल एप के माध्यम से आसानी से टैक्सी बुक कर सकते हैं। सरकार के अनुसार इसमें पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
ये भी पढ़े: चीन के कार बाजार में भारी गिरावट: फरवरी में 34% से ज्यादा घटी बिक्री, जानें क्या है वजह
अगले 2-3 साल में विस्तार
संसद में जानकारी देते हुए सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने बताया कि फिलहाल ये सेवा कुछ शहरों में संचालित हो रही है, लेकिन सरकार की योजना इसे तेजी से विस्तार देने की है। योजना के अनुसार अगले दो से तीन वर्षों में सभी बड़े शहरों में सेवा शुरू की जाएगी। फिर छोटे शहरों और तालुका (तहसील )स्तर तक प्लेटफॉर्म पहुंचाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक ड्राइवरों को इससे जोड़ा जा सके।
अभी किन शहरों में उपलब्ध?
फिलहाल भारत टैक्सी सेवा दिल्ली-एनसीआर, अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका जैसे शहरों पर संचालित हो रही है। सरकार के अनुसार इस प्लेटफॉर्म से अब तक करीब 4 लाख ड्राइवर रजिस्टर हो चुके हैं।
ड्राइवरों की आय बढ़ाने पर फोकस
भारत टैक्सी की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। पारंपरिक राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म में अक्सर ड्राइवरों को कमीशन देना पड़ता है, जिससे उनकी आय कम हो जाती है। कोऑपरेटिव मॉडल के जरिए ड्राइवरों को बेहतर कमाई का मौका मिलेगा, प्लेटफॉर्म पर स्वामित्व की भावना मिलेगी और बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी।
ये भी पढ़े: PM-eBus Sewa: 116 शहरों की सड़कों पर दौड़ेंगी 10 हजार एसी इलेक्ट्रिक बसें, जानें क्या है सरकार का प्लान
दिल्ली पुलिस के साथ इंटीग्रेशन
सरकार के अनुसार भारत टैक्सी एप में सुरक्षा को लेकर भी खास व्यवस्था की गई है। भारत टैक्सी को अन्य निजी कंपनियों से अलग बनाने वाली सबसे बड़ी खूबी इसकी सुरक्षा है। मंत्री ने सदन को बताया कि यह दिल्ली पुलिस के साथ पूरी तरह इंटीग्रेटेड है, जिससे यात्रियों खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। साथ ही यात्रियों और ड्राइवरों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया लागू है। इसके अलावा बुकिंग और भुगतान में पूरी पारदर्शिता रखने का दावा भी किया गया है।
किसने बनाया यह प्लेटफॉर्म?
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म को देश के आठ प्रमुख सहकारी संगठनों ने मिलकर विकसित किया है। इसमें डेयरी सेक्टर की बड़ी सहकारी संस्था अमूल भी शामिल है। पिछले महीने केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस सेवा को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया था।
क्या ओला-ऊबर को चुनौती मिलेगी ?
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारत टैक्सी का विस्तार बड़े पैमाने पर होता है, तो यह निजी राइड-हेलिंग कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकता है। खासकर अगर ड्राइवरों को बेहतर कमाई और कम कमीशन का विकल्प मिलता है तो बड़ी संख्या में ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकते हैं।
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क्या है भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म?
भारत टैक्सी एक कोऑपरेटिव आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे देश के प्रमुख सहकारी संगठनों ने मिलकर तैयार किया है। इसका मकसद पारंपरिक एप-आधारित टैक्सी सेवाओं के मुकाबले ड्राइवरों को अधिक कमाई और बेहतर नियंत्रण देना है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहक मोबाइल एप के माध्यम से आसानी से टैक्सी बुक कर सकते हैं। सरकार के अनुसार इसमें पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
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अगले 2-3 साल में विस्तार
संसद में जानकारी देते हुए सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने बताया कि फिलहाल ये सेवा कुछ शहरों में संचालित हो रही है, लेकिन सरकार की योजना इसे तेजी से विस्तार देने की है। योजना के अनुसार अगले दो से तीन वर्षों में सभी बड़े शहरों में सेवा शुरू की जाएगी। फिर छोटे शहरों और तालुका (तहसील )स्तर तक प्लेटफॉर्म पहुंचाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक ड्राइवरों को इससे जोड़ा जा सके।
अभी किन शहरों में उपलब्ध?
फिलहाल भारत टैक्सी सेवा दिल्ली-एनसीआर, अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका जैसे शहरों पर संचालित हो रही है। सरकार के अनुसार इस प्लेटफॉर्म से अब तक करीब 4 लाख ड्राइवर रजिस्टर हो चुके हैं।
ड्राइवरों की आय बढ़ाने पर फोकस
भारत टैक्सी की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। पारंपरिक राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म में अक्सर ड्राइवरों को कमीशन देना पड़ता है, जिससे उनकी आय कम हो जाती है। कोऑपरेटिव मॉडल के जरिए ड्राइवरों को बेहतर कमाई का मौका मिलेगा, प्लेटफॉर्म पर स्वामित्व की भावना मिलेगी और बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी।
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दिल्ली पुलिस के साथ इंटीग्रेशन
सरकार के अनुसार भारत टैक्सी एप में सुरक्षा को लेकर भी खास व्यवस्था की गई है। भारत टैक्सी को अन्य निजी कंपनियों से अलग बनाने वाली सबसे बड़ी खूबी इसकी सुरक्षा है। मंत्री ने सदन को बताया कि यह दिल्ली पुलिस के साथ पूरी तरह इंटीग्रेटेड है, जिससे यात्रियों खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। साथ ही यात्रियों और ड्राइवरों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया लागू है। इसके अलावा बुकिंग और भुगतान में पूरी पारदर्शिता रखने का दावा भी किया गया है।
किसने बनाया यह प्लेटफॉर्म?
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म को देश के आठ प्रमुख सहकारी संगठनों ने मिलकर विकसित किया है। इसमें डेयरी सेक्टर की बड़ी सहकारी संस्था अमूल भी शामिल है। पिछले महीने केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस सेवा को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया था।
क्या ओला-ऊबर को चुनौती मिलेगी ?
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारत टैक्सी का विस्तार बड़े पैमाने पर होता है, तो यह निजी राइड-हेलिंग कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकता है। खासकर अगर ड्राइवरों को बेहतर कमाई और कम कमीशन का विकल्प मिलता है तो बड़ी संख्या में ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकते हैं।
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