चीन के कार बाजार में भारी गिरावट: फरवरी में 34% से ज्यादा घटी बिक्री, जानें क्या है वजह
China Car Sales Decline 2026: चीन के ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों भारी सुस्ती छाई हुई है। फरवरी 2026 में वहां पैसेंजर कारों की घरेलू बिक्री में 34% से ज्यादा की भारी गिरावट आई है। सब्सिडी में कटौती, सुस्त होती अर्थव्यवस्था और त्योहारी छुट्टियों के कारण लोग नई कारें खरीदने से बच रहे हैं।
विस्तार
चीन का ऑटोमोबाइल बाजार इन दिनों सुस्ती के दौर से गुजर रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में चीन के अंदर पैसेंजर कारों की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। स्थिति यह है कि लोग नई कारें खरीदने से कतरा रहे हैं। आइए समझते हैं कि बिक्री के आंकड़े क्या कहते हैं और इस भारी गिरावट के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं?
चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (CAAM) की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के घरेलू कार बाजार में भारी सुस्ती देखने को मिली है। पिछले साल की तुलना में फरवरी 2026 में कारों की घरेलू बिक्री सीधे तौर पर 34.2% गिर गई है। बिक्री में इस महीने-दर-महीने गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां जनवरी में करीब 14 लाख कारें बिकी थीं। वहीं फरवरी में यह आंकड़ा सिमट कर सिर्फ 9.5 लाख कारों पर आ गया। इतना ही नहीं, अगर घरेलू बिक्री के साथ-साथ निर्यात के आंकड़ों को भी मिला लिया जाए तो भी चीन की कुल पैसेंजर कार बिक्री में साल-दर-साल के आधार पर 15.4% की बड़ी कमी दर्ज की गई है।
आखिर क्यों घट रही है कारों की बिक्री?
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन के लोगों के जरिए कारें कम खरीदने के पीछे मुख्य रूप से ये 3 कारण हैं:
1. सब्सिडी का खत्म होना: हाल के दिनों में चीनी सरकार ने पुरानी कार देकर नई कार लेने (ट्रेड-इन) पर मिलने वाली छूट और सब्सिडी को धीरे-धीरे कम कर दिया है। पहले इन छूटों की वजह से लोग तेजी से नई कारें (खासकर इलेक्ट्रिक कारें) खरीद रहे थे, लेकिन अब यह फायदा न मिलने से ग्राहकों ने कदम पीछे खींच लिए हैं।
2. सुस्त अर्थव्यवस्था और मंदी: चीन की अर्थव्यवस्था इस समय धीमी रफ्तार से चल रही है और वहां का रियल एस्टेट (प्रॉपर्टी) सेक्टर भी लंबे समय से मंदी की मार झेल रहा है। इस अनिश्चितता के कारण लोग अपना पैसा बचा रहे हैं और कार जैसी महंगी खरीदारी करने से बच रहे हैं।
3. लूनर न्यू ईयर की छुट्टियां: फरवरी महीने में चीन का सबसे बड़ा त्योहार 'लूनर न्यू ईयर' था। इस त्योहार के दौरान कई दिनों तक छुट्टियां रहती हैं और बाजार बंद रहते हैं। व्यापारिक गतिविधियां ठप रहने का सीधा असर कार की बिक्री पर भी पड़ा है।
कंपनियों का नया प्लान
भले ही चीन के अंदर कारें कम बिक रही हों, लेकिन चीनी कार निर्माता कंपनियों ने हार नहीं मानी है। घरेलू बाजार में हुए नुकसान की भरपाई वे दूसरे देशों में कारें बेचकर कर रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि फरवरी में चीन से कारों का निर्यात 58% बढ़कर 5.86 लाख यूनिट तक पहुंच गया है। इसका साफ मतलब है कि चीनी कंपनियां अब अपना पूरा फोकस विदेशी बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने पर लगा रही हैं।
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