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Act Only Insurance: इंश्योरेंस होने के बाद भी नहीं मिलेगा एक रुपया? जानें किस गलती से रिजेक्ट हो सकता है क्लेम
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:33 PM IST
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सार
Third Party Insurance Benefits: क्या आप भी थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस को फिजूल का खर्चा समझते हैं? तो ये आपका काफी नुकसान करा सकती है। क्योंकि यह सिर्फ चालान से बचने का जरिया नहीं, बल्कि आपकी जमा-पूंजी का सुरक्षा कवच है। सड़क पर हुई एक गलती आपको लाखों के कर्ज में डुबो सकती है, जिससे सिर्फ एक्ट-ओनली कवर ही बचा सकता है। जानिए इसके फायदे और वो एक गलती, जिससे क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
भारत में किसी भी वाहन को सड़क पर चलाने के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना अनिवार्य है। इसे एक्ट-ओनली इंश्योरेंस भी कहा जाता है। यह बीमा मुख्य रूप से उस व्यक्ति या संपत्ति के नुकसान की भरपाई करता है जो आपके वाहन से दुर्घटना में प्रभावित हुआ हो। अक्सर लोग बीमा के तकनीकी शब्दों में उलझ जाते हैं। इसे आसान भाषा में ऐसे समझें तो इसके तीन प्रकार होते हैं:
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भारत में क्यों अनिवार्य है यह बीमा?
भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना वाहन चलाना गैर-कानूनी है। अगर बिना इंश्योरेंस वाहन चलाते पकड़े जाते हैं तो गाड़ी का भारी चालान हो सकता है। दोबारा उल्लंघन पर जुर्माना और सजा भी संभव है। इसलिए यह सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि कानूनी जरूरत भी है।
इसके फायदे क्या हैं?
आर्थिक सुरक्षा: सड़क हादसे में अगर सामने वाले व्यक्ति की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो जाए या उसे शारीरिक चोट आए, तो उसका हर्जाना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। थर्ड-पार्टी बीमा होने पर सारा खर्च इंश्योरेंस कंपनी उठाती है।
जेल और भारी चालान से बचाव
ट्रैफिक पुलिस के पकड़े जाने पर बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और कुछ मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है।
किफायती विकल्प
यह इंश्योरेंस प्लान कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी की तुलना में काफी सस्ता होता है। बहुत कम प्रीमियम भरकर आप एक बड़े जोखिम को कवर कर लेते हैं।
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इन मामलों में नहीं मिलेगा क्लेम
बीमा पॉलिसी होने के बावजूद कुछ स्थितियों में कंपनी क्लेम देने से मना कर सकती है, जैसे:
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
इंश्योरेंस सेक्टर के विशेषज्ञों के मुताबिक कई लोग केवल पैसे बचाने के लिए बीमा नहीं करवाते, लेकिन दुर्घटना होने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। इसलिए कम से कम सुरक्षा के लिए भी थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ये थर्ड पार्टी इंश्योरेंस ही काफी है? इसपर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह जरूरी सुरक्षा देता है, लेकिन इसमें आपके वाहन के नुकसान का कवर नहीं होता। अगर आप अपने वाहन की भी सुरक्षा चाहते हैं तो कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
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- फर्स्ट पार्टी (1st Party): आप खुद, यानी वह व्यक्ति जो पॉलिसी खरीद रहा है और गाड़ी चला रहा है।
- सेकंड पार्टी (2nd Party): वह इंश्योरेंस कंपनी जिससे आपने बीमा खरीदा है।
- थर्ड पार्टी (3rd Party): वह अनजान व्यक्ति, जिसकी गाड़ी या संपत्ति को आपकी गलती से नुकसान पहुंचा है या जिसे चोट लगी है।
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भारत में क्यों अनिवार्य है यह बीमा?
भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना वाहन चलाना गैर-कानूनी है। अगर बिना इंश्योरेंस वाहन चलाते पकड़े जाते हैं तो गाड़ी का भारी चालान हो सकता है। दोबारा उल्लंघन पर जुर्माना और सजा भी संभव है। इसलिए यह सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि कानूनी जरूरत भी है।
इसके फायदे क्या हैं?
आर्थिक सुरक्षा: सड़क हादसे में अगर सामने वाले व्यक्ति की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो जाए या उसे शारीरिक चोट आए, तो उसका हर्जाना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। थर्ड-पार्टी बीमा होने पर सारा खर्च इंश्योरेंस कंपनी उठाती है।
जेल और भारी चालान से बचाव
ट्रैफिक पुलिस के पकड़े जाने पर बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और कुछ मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है।
किफायती विकल्प
यह इंश्योरेंस प्लान कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी की तुलना में काफी सस्ता होता है। बहुत कम प्रीमियम भरकर आप एक बड़े जोखिम को कवर कर लेते हैं।
ये भी पढ़े: Pollution: ट्रैफिक कैमरों से प्रदूषण की पहचान करेगा एआई डैशबोर्ड, CSIR-NEERI वैज्ञानिकों ने विकसित की नई तकनीक
इन मामलों में नहीं मिलेगा क्लेम
बीमा पॉलिसी होने के बावजूद कुछ स्थितियों में कंपनी क्लेम देने से मना कर सकती है, जैसे:
- शराब पीकर वाहन चलाने पर दुर्घटना।
- बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना।
- वाहन का अवैध या गलत इस्तेमाल।
- पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन करने पर।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
इंश्योरेंस सेक्टर के विशेषज्ञों के मुताबिक कई लोग केवल पैसे बचाने के लिए बीमा नहीं करवाते, लेकिन दुर्घटना होने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। इसलिए कम से कम सुरक्षा के लिए भी थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ये थर्ड पार्टी इंश्योरेंस ही काफी है? इसपर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह जरूरी सुरक्षा देता है, लेकिन इसमें आपके वाहन के नुकसान का कवर नहीं होता। अगर आप अपने वाहन की भी सुरक्षा चाहते हैं तो कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
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