{"_id":"697e2bb71c8112b76d001fcd","slug":"bike-taxi-row-in-karnataka-auto-unions-seek-supreme-court-intervention-2026-01-31","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bike Taxi: बंगलूरू में ऑटो चालक यूनियनों का विरोध, बाइक-टैक्सी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Bike Taxi: बंगलूरू में ऑटो चालक यूनियनों का विरोध, बाइक-टैक्सी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 31 Jan 2026 09:50 PM IST
विज्ञापन
सार
कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा राज्य में बाइक-टैक्सी ऑपरेशन पर से प्रतिबंध हटाने के बाद, शहर में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के यूनियनों ने राज्य सरकार से हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की अपील की है।
बाइक टैक्सी (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विज्ञापन
विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा राज्य में बाइक-टैक्सी संचालन पर लगी रोक हटाए जाने के बाद बंगलूरू की ऑटो और टैक्सी चालक यूनियनें खुलकर विरोध में आ गई हैं। यूनियनों ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करे।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को सौंपा गया ज्ञापन
कर्नाटक राज्य निजी परिवहन संघों का महासंघ ने परिवहन आयुक्त को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। इसमें राज्य सरकार से अनुरोध किया गया कि वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करे। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह कर्नाटक हाईकोर्ट की एक खंडपीठ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू कर रहे थे, ने राज्य में बाइक-टैक्सी सेवाओं पर लगी पूर्ण पाबंदी को हटा दिया था।
यह भी पढ़ें - Tesla Autopilot: एंट्री-लेवल टेस्ला ईवी खरीदने वाले सावधान! अब ऑटोपायलट के लिए अलग से देने होंगे पैसे
Trending Videos
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को सौंपा गया ज्ञापन
कर्नाटक राज्य निजी परिवहन संघों का महासंघ ने परिवहन आयुक्त को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। इसमें राज्य सरकार से अनुरोध किया गया कि वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करे। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह कर्नाटक हाईकोर्ट की एक खंडपीठ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू कर रहे थे, ने राज्य में बाइक-टैक्सी सेवाओं पर लगी पूर्ण पाबंदी को हटा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Tesla Autopilot: एंट्री-लेवल टेस्ला ईवी खरीदने वाले सावधान! अब ऑटोपायलट के लिए अलग से देने होंगे पैसे
यूनियनों ने उठाए सुरक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल
फेडरेशन के अध्यक्ष नटराज शर्मा ने कहा कि बाइक-टैक्सी संचालन की अनुमति देने से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा, सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा और ऑटो-टैक्सी चालकों की आजीविका पर असर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बाइक-टैक्सी सेवाओं को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। शर्मा ने कहा कि सरकार से आग्रह किया गया है कि वह महाधिवक्ता से कानूनी राय लेकर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करे।
फेडरेशन के अध्यक्ष नटराज शर्मा ने कहा कि बाइक-टैक्सी संचालन की अनुमति देने से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा, सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा और ऑटो-टैक्सी चालकों की आजीविका पर असर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बाइक-टैक्सी सेवाओं को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। शर्मा ने कहा कि सरकार से आग्रह किया गया है कि वह महाधिवक्ता से कानूनी राय लेकर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करे।
सरकार का रुख अभी स्पष्ट नहीं
इस बीच, परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है। विभाग फिलहाल समय लेता हुआ नजर आ रहा है और यह साफ नहीं है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी या फिर बाइक-टैक्सी संचालन के लिए नए नियम बनाएगी।
विधानसभा सत्र के बाद होगा फैसला: परिवहन मंत्री
परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि ऑटो चालक यूनियनों का ज्ञापन प्राप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक विधानसभा सत्र के बाद महाधिवक्ता की राय ली जाएगी और फिर मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा होगी। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी या कोई वैकल्पिक कदम उठाया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Tyre Manufacturing Date: पुराने टायर हो सकते हैं खतरनाक, टायर कब बने थे, कैसे करें पहचान?
इस बीच, परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है। विभाग फिलहाल समय लेता हुआ नजर आ रहा है और यह साफ नहीं है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी या फिर बाइक-टैक्सी संचालन के लिए नए नियम बनाएगी।
विधानसभा सत्र के बाद होगा फैसला: परिवहन मंत्री
परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि ऑटो चालक यूनियनों का ज्ञापन प्राप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक विधानसभा सत्र के बाद महाधिवक्ता की राय ली जाएगी और फिर मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा होगी। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी या कोई वैकल्पिक कदम उठाया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Tyre Manufacturing Date: पुराने टायर हो सकते हैं खतरनाक, टायर कब बने थे, कैसे करें पहचान?
बाइक-टैक्सी को लेकर कर्नाटक में कानूनी और नीतिगत खींचतान तेज होती जा रही है। एक तरफ हाईकोर्ट का आदेश है, तो दूसरी ओर पारंपरिक परिवहन से जुड़े चालकों की आजीविका और सुरक्षा को लेकर चिंता। आने वाले दिनों में सरकार का फैसला यह तय करेगा कि राज्य में बाइक-टैक्सी का भविष्य किस दिशा में जाएगा।
