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AI Traffic Cameras: सड़क सुरक्षा के लिए गोवा का बड़ा कदम, एआई आधारित ट्रैफिक सिस्टम होगा लागू
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 31 Jan 2026 07:33 PM IST
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सार
गोवा सरकार राज्य भर में 92 जगहों पर कैमरों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित ट्रैफिक सिग्नल लगाएगी। ये स्मार्ट कैमरे कई तरह के ट्रैफिक उल्लंघनों का पता लगाने में सक्षम होंगे, और ये चौबीसों घंटे काम करेंगे।
Traffic Cameras
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
गोवा में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के साथ मिलकर पहले चरण में राज्यभर के 92 स्थानों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ट्रैफिक सिग्नल और स्मार्ट कैमरे लगाने जा रहा है। इसका उद्देश्य तकनीक के जरिए नियमों का सख्त और प्रमाण-आधारित पालन सुनिश्चित करना है।
तकनीक आधारित प्रवर्तन पर जोर
परिवहन निदेशक प्रविमल अभिषेक ने शुक्रवार को मडगांव में आयोजित एक कार्यक्रम में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एआई कैमरों की मदद से "टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और एविडेंस-बेस्ड एनफोर्समेंट" संभव होगा> जिससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर तुरंत और सटीक कार्रवाई की जा सकेगी।
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तकनीक आधारित प्रवर्तन पर जोर
परिवहन निदेशक प्रविमल अभिषेक ने शुक्रवार को मडगांव में आयोजित एक कार्यक्रम में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एआई कैमरों की मदद से "टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और एविडेंस-बेस्ड एनफोर्समेंट" संभव होगा> जिससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर तुरंत और सटीक कार्रवाई की जा सकेगी।
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24x7 निगरानी, कई तरह के उल्लंघन होंगे चिन्हित
ये स्मार्ट कैमरे दिन-रात काम करेंगे और ट्रैफिक नियमों के कई उल्लंघनों को खुद-ब-खुद पहचान सकेंगे। इनमें ट्रिपल सीट राइडिंग, नंबर प्लेट से जुड़ी गड़बड़ियां और अन्य ट्रैफिक अपराध शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इससे नियम तोड़ने वालों पर बिना मानवीय हस्तक्षेप के कार्रवाई संभव होगी।
सड़क सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी
प्रविमल अभिषेक ने कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सीट बेल्ट पहनना, हेलमेट का उपयोग, लेन अनुशासन और तय स्पीड लिमिट का पालन "बुनियादी कर्तव्य" के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके लिए किसी बाहरी दबाव की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
यह भी पढ़ें - Tyre Manufacturing Date: पुराने टायर हो सकते हैं खतरनाक, टायर कब बने थे, कैसे करें पहचान?
ये स्मार्ट कैमरे दिन-रात काम करेंगे और ट्रैफिक नियमों के कई उल्लंघनों को खुद-ब-खुद पहचान सकेंगे। इनमें ट्रिपल सीट राइडिंग, नंबर प्लेट से जुड़ी गड़बड़ियां और अन्य ट्रैफिक अपराध शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इससे नियम तोड़ने वालों पर बिना मानवीय हस्तक्षेप के कार्रवाई संभव होगी।
सड़क सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी
प्रविमल अभिषेक ने कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सीट बेल्ट पहनना, हेलमेट का उपयोग, लेन अनुशासन और तय स्पीड लिमिट का पालन "बुनियादी कर्तव्य" के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके लिए किसी बाहरी दबाव की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
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इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव
इसी कार्यक्रम में उन्होंने यह भी बताया कि कदंब परिवहन निगम (KTC) ने शहरी विकास विभाग के साथ मिलकर गोवा सरकार को करीब 200 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का प्रस्ताव सौंपा है। इससे सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।
एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार योजना
पीडब्ल्यूडी ने राज्यभर में सड़क दुर्घटना के ब्लैक स्पॉट की पहचान कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, इन स्थानों पर सुधारात्मक कदम उठाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं की संख्या कम की जा सके।
यह भी पढ़ें - US Highways: अमेरिका में सड़कों के नंबर क्यों होते हैं? जानें हाईवे नंबरिंग सिस्टम की पूरी कहानी
इसी कार्यक्रम में उन्होंने यह भी बताया कि कदंब परिवहन निगम (KTC) ने शहरी विकास विभाग के साथ मिलकर गोवा सरकार को करीब 200 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का प्रस्ताव सौंपा है। इससे सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।
एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार योजना
पीडब्ल्यूडी ने राज्यभर में सड़क दुर्घटना के ब्लैक स्पॉट की पहचान कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, इन स्थानों पर सुधारात्मक कदम उठाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं की संख्या कम की जा सके।
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स्कूलों में सड़क सुरक्षा शिक्षा की तैयारी
परिवहन निदेशक ने यह भी बताया कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा शिक्षा को शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में हादसे ड्राइविंग के दौरान मानवीय भूल के कारण होते हैं, जिन्हें शुरुआती स्तर पर जागरूकता से कम किया जा सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस चरणबद्ध योजना का मकसद प्रवर्तन, जागरूकता और बुनियादी ढांचे तीनों को साथ लेकर चलना है। ताकि गोवा में सड़क सुरक्षा को स्थायी रूप से बेहतर बनाया जा सके।
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परिवहन निदेशक ने यह भी बताया कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा शिक्षा को शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में हादसे ड्राइविंग के दौरान मानवीय भूल के कारण होते हैं, जिन्हें शुरुआती स्तर पर जागरूकता से कम किया जा सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस चरणबद्ध योजना का मकसद प्रवर्तन, जागरूकता और बुनियादी ढांचे तीनों को साथ लेकर चलना है। ताकि गोवा में सड़क सुरक्षा को स्थायी रूप से बेहतर बनाया जा सके।
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