ICRA Report: जनवरी में कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 27% उछाल, FY26 में 7-9% ग्रोथ का अनुमान
ICRA Report India: जनवरी में भारतीय कमर्शियल वाहन उद्योग में 27% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें थोक बिक्री 99,544 यूनिट्स तक पहुंच गई। जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% किए जाने और माल ढुलाई गतिविधियों में सुधार के चलते मांग में तेजी आई। मीडियम और हैवी और लाइट कमर्शियल वाहन दोनों सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ देखी गई है जबकि पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए उद्योग में सकारात्मक वृद्धि का अनुमान है।
विस्तार
भारतीय कमर्शियल व्हीकल (सीवी) उद्योग में जनवरी महीने में जोरदार तेजी देखने को मिली। इस दौरान थोक बिक्री (होलसेल) सालाना आधार पर 27% बढ़कर 99,544 यूनिट्स पहुंच गई। दिसंबर 2025 में 97,682 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। यानी महीने-दर-महीने के लिहाज से 1.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रेटिंग एजेंसी ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तेजी की बड़ी वजह जीएसटी दर में कटौती रही। आपको बता दें कि 22 सितंबर 2025 से जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% हो गई थी। टैक्स में कटौती से वाहनों की कीमतें कम हुईं और मांग बढ़ी। इसके अलावा माल ढुलाई (फ्रेट) गतिविधियों में सुधार ने भी बिक्री को सहारा दिया।
मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ
मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल (M&HCV) सेगमेंट में जनवरी के दौरान रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 15.4% बढ़ी। वहीं पिछले महीने की तुलना में इसमें 22.1% की मजबूत उछाल दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026 के पहले 10 महीनों में इस सेगमेंट की रिटेल बिक्री 6.3% बढ़ी है। यह संकेत देता है कि जीएसटी कटौती के बाद बाजार में मांग में सुधार आया है।
लाइट कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी बढ़ी मांग
लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) सेगमेंट में भी जनवरी के दौरान रिटेल बिक्री 14.9% बढ़ी। वहीं वित्त वर्ष 2026 के पहले 10 महीनों में इस सेगमेंट की बिक्री 11.1% बढ़ी है।
कुल मिलाकर कैसी रही तस्वीर?
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के पहले 10 महीनों में घरेलू सीवी उद्योग की थोक बिक्री 11.3% बढ़ी जबकि रिटेल बिक्री में 8.5% की बढ़ोतरी हुई।
आगे बिक्री के क्या हैं अनुमान?
- वित्त वर्ष 2026 में थोक बिक्री 7-9% बढ़ सकती है।
- वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर 4-6% रहने का अनुमान है।
- M&HCV (ट्रक) सेगमेंट में 7-9% ग्रोथ की संभावना है।
- LCV (ट्रक) सेगमेंट में 9-11% वृद्धि हो सकती है।
- बस सेगमेंट में चालू वित्त वर्ष में 8-10% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर जीएसटी कटौती और बेहतर माल ढुलाई गतिविधियों की वजह से कमर्शियल वाहन उद्योग में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है।