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अब ड्राेन पहुंचाएगा आपका पार्सल: भारत की पहली ड्रोन-रोबोट डिलीवरी सर्विस गुरुग्राम से शुरू, ऐसे करेगा काम

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Tue, 24 Feb 2026 11:47 AM IST
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सार

Skye Air Drone Deliver India:  गुरुग्राम की ड्रोन लॉजिस्टिक्स कंपनी ने ड्रोन और एआई-संचालित रोबोट के जरिए डोरस्टेप डिलीवरी मॉडल लॉन्च कर दिया है। बताया जा रहा है कि कंपनी अब तक 3.6 मिलियन ड्रोन डिलीवरी कर चुकी है और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के साथ एक ऑटोमेटेड हाइपरलोकल इकोसिस्टम तैयार कर रही है। इस पहल की घोषणा AI Impact Summit 2026 में की गई थी। जानिए इसके बारे में विस्तार से...
 

From Skies to Doorstep: How Sky Air Using Drones and AI Rovers Transform Home Delivery auto news hindi
ड्रान डिलीवरी की हुई शुरुआत - फोटो : ani
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विस्तार

गुरुग्राम के स्काई एयर ने हाइपरलोकल डिलीवरी के लिए एक अनोखा सिस्टम शुरू किया है। अब आसमान से ड्राेन और जमीन पर एआई रोबोट मिलकर आपके दरवाजे तक पहुंचाने का काम करेंगे। एक्सपर्ट का कहना है कि दुनिया की इस पहली एकीकृत स्वायत्त प्रणाली (Integrated Autonomous System) ने भारत को ग्लोबल टेक मैप पर सबसे आगे खड़ा कर दिया है।
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क्या है नया बदलाव? 
अभी तक ड्राेन डिलीवरी को लेकर चर्चाएं तेज थी, लेकिन स्काई एयर ने इसे एक कदम आगे बढ़ाते हुए एंड-टू-एंड ऑटोमेशन में बदल दिया है। गुरुग्राम में अब ऐसी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है जहां ड्रोन हवा में उड़कर आएगा, एक स्मार्ट मेलबॉक्स (Arrive Point) में पैकेट गिराएगा और वहां से एक एआई-संचालित रोवर (रोबोट) उसे उठाकर सीधे आपके दरवाजे तक पहुंचाएगा।
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भारत बना दुनिया का लॉन्चपैड
हाल ही में संपन्न हुए एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में स्काई एयर के सीईओ अंकित कुमार ने तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय सहयोगों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि: 
अराइव एआई (यूएसए) : इनके साथ मिलकर स्मार्ट मेलबॉक्स सिस्टम बनाया गया है जो आवासीय और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगेगा।
ऑटोनोमो (यूएसए): इस कंपनी के रोवर्स (छोटे रोबोटिक वाहन) लास्ट-माइल डिलीवरी सुनिश्चित करेंगे।
स्काई पोर्ट: ये कंपनी का खुद का एआई इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो पूरे सिस्टम को कंट्रोल करता है।



कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
ड्रोन उड़ान:
गोदाम से ड्रोन निकलेगा और निर्धारित स्मार्ट पोर्ट पर लैंड करेगा।
स्मार्ट मेलबॉक्स: ड्रोन पैकेट को अराइव पॉइंट (स्मार्ट बॉक्स) में सुरक्षित ड्रॉप करेगा।
रोबोटिक रोवर: बॉक्स से रोबोट पैकेट लेगा और आपके घर, ऑफिस या निर्धारित स्थान के गेट तक चलेगा।
OTP वेरिफिकेशन: सुरक्षा की दृष्टि पर भी काम किया गया है, ग्राहक अपना मोबाइल ओटीपी दर्ज करेगा और रोबोट का सुरक्षित कंपार्टमेंट खुल जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना
नई दिल्ली घोषणापत्र के साथ समाप्त हुए AI इम्पैक्ट समिट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्वदेशी नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की तकनीकी क्षमताओं को आज पूरी दुनिया मान रही है और हमारे युवाओं की यह सोच पूरी मानवता के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।

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जीरो एमिशन: पिछले 30 महीनों में कंपनी ने 3.6 मिलियन से अधिक ड्रोन डिलीवरी की हैं, जिससे हजारों टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। यह पारंपरिक पेट्रोल डिलीवरी वाहनों का एक हरा-भरा (Green) विकल्प है।

गुरुग्राम से ग्लोबल स्केल तक
कंपनी का पायलट ऑपरेशन गुरुग्राम में है, जिसे नेशनल और फिर इंटरनेशनल विस्तार के लिए लॉन्चपैड बनाया गया है। साथ ही इसे भारत को एआई इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। है।

 AI Impact Summit 2026: क्या तय हुआ था?
नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 का समापन न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन के साथ हुआ। इसमें 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला और एआई को आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण से जोड़ने पर सहमति मिली। ये ड्रोन-आधारित स्वचालित लॉजिस्टिक्स मॉडल उसी व्यापक एआई इकोसिस्टम का हिस्सा है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
एक्सपर्ट्स के अनुसार इस बदलाव से लास्ट-माइल व्हीकल की मांग घट सकती है, ईवी डिलीवरी फ्लीट पर लागत दबाव कम होगा, कार्बन-न्यूट्रल लॉजिस्टिक्स मॉडल को बढ़ावा मिलेगा और स्मार्ट सिटी इंटीग्रेशन की संभावना बढ़ गई है। भविष्य में ड्रोन कॉरिडोर, एआई ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्वायत्त ग्राउंड व्हीकल्स का एकीकृत नेटवर्क विकसित हो सकता है। साथ ही इनका मानना है कि मानव- रहित डिलीवरी से लॉजिस्टिक्स की लागत 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
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