EV Fire: वायरल ईवी आग की घटना के बाद EV मालिकों के लिए जरूरी गाइड, आग लगने से कैसे रखें अपनी गाड़ी सुरक्षित
हाल की इलेक्ट्रिक वाहनों आग की घटनाओं से सतर्कता, जागरूकता और जिम्मेदार मालिकाना हक की तुरंत जरूरत पर जोर दिया गया है, ताकि गाड़ियां और यात्री सुरक्षित रहें। ईवी मालिकों को इन जरूरी सावधानियों को याद रखना चाहिए।
विस्तार
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें Mahindra BE 6 (महिंद्रा बीई 6) में आग लगी हुई दिख रही थी। इस घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मालिकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि, कंपनी की ओर से जारी स्पष्टीकरण में बताया गया कि आग लगने की वजह बैटरी नहीं, बल्कि लंबे समय तक पूरी तरह पंक्चर टायर पर गाड़ी चलाना था।
वाहन के डेटा के मुताबिक, कार को करीब 10 मिनट तक लगभग 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया गया, जबकि पीछे का एक टायर पूरी तरह पंक्चर था। लगातार अलर्ट मिलने के बावजूद ड्राइव जारी रही। ऑनबोर्ड सेंसर ने यह भी पुष्टि की कि ESP और TCS सिस्टम टायर स्लिप को कंट्रोल करने के लिए लगातार सक्रिय थे। अत्यधिक घर्षण के चलते हाई-टेम्परेचर अलर्ट ट्रिगर हुआ और आग की शुरुआत टायर के रबर से हुई।
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यह घटना बताती है कि ईवी में आग लगने के मामलों को समझना और सही सावधानियां अपनाना कितना जरूरी है।
ईवी की बैटरी उसका सबसे अहम हिस्सा होती है और सुरक्षा सीधे उसी पर निर्भर करती है। समय-समय पर अधिकृत सर्विस सेंटर पर बैटरी की जांच कराएं, ताकि सूजन, ज्यादा गर्म होना या लीकेज जैसे शुरुआती संकेतों को समय रहते पकड़ा जा सके। ओवरचार्जिंग से बचें और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को हमेशा अपडेट रखें। इससे थर्मल रनअवे जैसी गंभीर स्थिति का खतरा कम होता है।
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हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए चार्जर और केबल का ही उपयोग करें। सस्ते या बिना सर्टिफिकेशन वाले चार्जिंग उपकरणों में सही इंसुलेशन या वोल्टेज कंट्रोल नहीं होता, जिससे शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग का जोखिम बढ़ जाता है। चार्जिंग के दौरान जगह हवादार होनी चाहिए और एक्सटेंशन कॉर्ड के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
हापुड़ में रविवार को महिंद्रा की इलेक्ट्रिक कार चलते-चलते जलकर खाक हो गई। गनीमत रही कि ड्राइवर की जान बच गई। इलेक्ट्रिक गाड़ियों में ब्लास्ट होना, उनका जलना आए दिन की घटनाएं हो गई हैं। लेकिन अफ़सोस कि इस तरफ़ ध्यान नहीं दिया जा रहा। pic.twitter.com/ZeI79oLQpM
— Bhadohi Wallah (@Mithileshdhar) January 25, 2026
ईवी को कहां पार्क किया जा रहा है, यह भी सुरक्षा के लिहाज से अहम है। अत्यधिक गर्मी वाली जगहों या सीधे धूप में लंबे समय तक वाहन खड़ा करने से बैटरी पर दबाव बढ़ता है। कोशिश करें कि गाड़ी छायादार या अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह पर खड़ी हो। साथ ही, वाहन को ज्वलनशील पदार्थों से दूर रखें।
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ईवी में बैटरी और सुरक्षा सिस्टम का संचालन सॉफ्टवेयर के जरिए होता है। कंपनियां समय-समय पर ऐसे अपडेट जारी करती हैं, जो थर्मल मैनेजमेंट, चार्जिंग प्रक्रिया और फॉल्ट डिटेक्शन को बेहतर बनाते हैं। इन अपडेट्स को नजरअंदाज करने से जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए नियमित रूप से ऑफिशियल अपडेट इंस्टॉल करते रहें।
अगर वाहन से असामान्य गंध आए, धुआं दिखे, डैशबोर्ड पर चेतावनी लाइट जले या परफॉर्मेंस अचानक गिर जाए, तो इसे हल्के में न लें। तुरंत गाड़ी रोकें, चार्जिंग कनेक्शन हटाएं और प्रोफेशनल मदद लें। समय पर उठाया गया कदम छोटी खराबी को बड़े हादसे में बदलने से रोक सकता है।
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ईवी मालिक याद रखें
ईवी आमतौर पर सुरक्षित होते हैं, लेकिन लापरवाही या चेतावनियों को नजरअंदाज करना खतरे को बढ़ा सकता है। सही मेंटेनेंस, सावधानी और समय पर प्रतिक्रिया से इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।