Bike Riding Tips: बाइक चलाते समय एक छोटी सी चूक साबित हो सकती है खतरनाक, जानिए सेफ राइडिंग के जरूरी नियम
Two Wheeler Tips: भारत में बाइक सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला निजी वाहन है, लेकिन यही वाहन सड़क हादसों में सबसे ज्यादा जान भी ले रहा है। ट्रैफिक पुलिस और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बाइक चलाते वक्त की गई मामूली लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
विस्तार
भारत में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादातर हादसे लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से होते हैं। हेलमेट न पहनना, मोबाइल का इस्तेमाल, लेन डिसिप्लिन तोड़ना और बाइक की सर्विस में लापरवाही ये सभी छोटी आदतें बड़े हादसों की वजह बनती हैं। सुरक्षित राइडिंग अपनाकर इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सुरक्षा की प्राथमिकता
बाइक चलाते समय हमेशा ISI मार्क वाला फुल-फेस हेलमेट पहनना चाहिए। ढीला या बिना स्ट्रैप वाला हेलमेट एक्सीडेंट के दौरान सिर से उड़ सकता है, जिससे सिर पर गंभीर चोट या मौत का खतरा बढ़ जाता है।
रियर व्यू मिरर पर नजर रखें
हर कुछ सेकंड में रियर व्यू मिरर देखना जरूरी है। पीछे से आ रहे तेज वाहनों या ओवरटेक करने वालों की जानकारी न होने से टक्कर की संभावना बढ़ जाती है।
लेन डिसिप्लिन से ही बचती है जान
बार-बार लेन बदलना, जिग-जैग ड्राइविंग या अचानक कट मारना न सिर्फ अवैध है, बल्कि जानलेवा भी है। अपनी लेन में रहकर चलाने से दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
मोबाइल फोन का इस्तेमाल
बाइक चलाते वक्त मोबाइल पर बात करना या स्क्रीन देखना आपकी प्रतिक्रिया समय को कम कर देता है। एक सेकंड की चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। इसलिए राइडिंग के समय फोन साइलेंट कर दें। नहीं तो किसी का कॉल आने पर किनारे कहीं रुक कर बात करें। गाना चलाकर ईयरबड आदि का प्रयोग भी न करें।
नशा करके न चलाएं
नशा करके राइड या ड्राइव करना मौत को न्यौता देने जैसा है। किसी नशीले पदार्थ के असर में बाइक चलाने से संतुलन और निर्णय क्षमता दोनों प्रभावित होती हैं। ये न सिर्फ राइडर बल्कि सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति के लिए खतरा बन सकता है। इसीलिए हमेशा सुरक्षित राइड अपनाएं।
रात में दिखना भी है सुरक्षा
रात के समय रिफ्लेक्टिव जैकेट, स्टिकर्स या स्ट्रिप्स वाले कपड़े पहनें, ताकि दूर से ही दूसरे वाहन आपको देख सकें।
बाइक की नियमित सर्विस है जरूरी
ब्रेक, टायर, चेन, हेडलाइट, इंडिकेटर और हॉर्न इन सबकी समय-समय पर जांच और सर्विस न कराना भी एक्सीडेंट की बड़ी वजह बनता है। इसलिए समय-समय पर सर्विस सेंटर पर जाकर इसकी जांच कराएं या फिर राइड के दौरान कुछ भी शंका होने पर रास्ते में दुकान पर जांच कराएं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
* तेज रफ्तार में ओवरस्पीडिंग से बचें।
* गड्ढों और फिसलन भरी सड़कों पर धीमी रफ्तार रखें।
* ट्रैफिक सिग्नल और जेब्रा क्रॉसिंग का पालन करें ।
* बारिश में अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
* बच्चों या पीछे बैठे व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाएं।