VIP Number: 0001 और 9999 जैसे फैंसी नंबर कैसे मिलते हैं? जानें ऑनलाइन आवेदन, ई-नीलामी और कीमत की पूरी जानकारी
भारत में ऑनलाइन वीआईपी नंबर प्लेट कैसे पाएं, जानें स्टेप-बाय-स्टेप एप्लीकेशन प्रोसेस, ऑनलाइन नीलामी सिस्टम.... सबकुछ। और 0001 और 9999 जैसे नंबरों की कीमत कितनी होती है।
विस्तार
भारत में फैंसी या VIP वाहन नंबर अब सिर्फ लग्जरी गाड़ियों तक सीमित नहीं रहे। क्लीन, याद रहने वाला या रिपीटिंग अंकों वाला रजिस्ट्रेशन नंबर आज एक स्टेटस सिंबल बन चुका है। कुछ लोग इसे अपनी पहचान मानते हैं, कुछ के लिए यह लकी नंबर होता है, तो कुछ बस ट्रैफिक में अलग दिखना चाहते हैं।
अहम बात यह है कि ऐसे नंबर मनमाने ढंग से नहीं मिलते। इन्हें सरकार की आधिकारिक ऑनलाइन प्रणाली के जरिए चुना, बोली लगाकर खरीदा और आवंटित किया जाता है। प्रक्रिया सुनने में जटिल लग सकती है, लेकिन असल में यह पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है। यहां हम आपको विस्तार से बता रहे हैं कि आप अपनी पसंदीदी फैंसी नंबर कैसे हासिल कर सकते हैं।
VIP या फैंसी वाहन नंबर क्या होता है?
वीआईपी या फैंसी रजिस्ट्रेशन नंबर वाहन की नंबर प्लेट के आखिरी चार अंकों में खास पैटर्न वाला नंबर होता है।
जैसे- 0001, 1111, 9999 या 1234 जैसे सीक्वेंस।
ये नंबर सामान्य रजिस्ट्रेशन नंबरों से अलग होते हैं, क्योंकि इन्हें आरटीओ द्वारा रैंडम तरीके से जारी नहीं किया जाता। इन्हें आम लोगों के लिए चयन और बोली (बिडिंग) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
ये नंबर पूरी तरह कानूनी और वैध होते हैं, बशर्ते इन्हें तय सरकारी नियमों के तहत लिया गया हो।
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VIP नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन आवेदन कहां और कैसे करें
फैंसी वाहन नंबरों की पूरी प्रक्रिया सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत चलने वाले Fancy Parivahan (फैंसी परिवहन) पोर्टल के जरिए होती है।
सबसे पहले यूजर को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है। अकाउंट बनने के बाद लॉग-इन कर वीआईपी नंबर प्लेट के लिए आवेदन किया जा सकता है।
नंबर की उपलब्धता कैसे जांचें
पैसे खर्च करने से पहले यह देखना जरूरी है कि मनपसंद नंबर उपलब्ध है या नहीं।
इसके लिए यूजर को अपना राज्य और संबंधित आरटीओ चुनना होता है।
हर नंबर हर समय उपलब्ध नहीं होता।
- कुछ नंबर पहले से अलॉट हो चुके होते हैं
- कुछ नए सीरीज खुलने पर ही दिखाई देते हैं
पोर्टल पर यह साफ दिखता है कि कौन-सा नंबर सीधे बुक हो सकता है और कौन-सा ई-नीलामी में जाएगा।
फैंसी नंबर के लिए ऑनलाइन बोली कैसे लगाएं
नंबर चुनने के बाद रजिस्ट्रेशन फीस और रिजर्व प्राइस जमा करनी होती है। इससे वह नंबर अस्थायी रूप से ब्लॉक हो जाता है।
- अगर उस नंबर के लिए सिर्फ एक ही आवेदक है, तो नंबर सीधे मिल सकता है
- अगर एक से ज्यादा लोग उसी नंबर के लिए आवेदन करते हैं, तो वह ई-ऑक्शन में चला जाता है
- रजिस्ट्रेशन आमतौर पर तीन दिन तक खुला रहता है, जबकि बोली अगले दो दिन चलती है।
- बोली तय बढ़ोतरी के साथ आगे बढ़ती है।
- लाइव बिडिंग की जानकारी पोर्टल पर रियल टाइम में देखी जा सकती है।
ई-नीलामी के नतीजे कैसे देखें
- बिडिंग खत्म होने वाले दिन ही नीलामी का नतीजा जारी कर दिया जाता है, आमतौर पर शाम तक।
- जिस आवेदक की सबसे ऊंची बोली होती है, उसे विजेता घोषित किया जाता है।
- विजेताओं को पोर्टल, एसएमएस या ईमेल के जरिए सूचना दी जाती है। इसके बाद तय समय में शेष राशि जमा करनी होती है।
VIP नंबर प्लेट की कीमत कितनी होती है?
- फैंसी नंबर की कीमत राज्य और चुने गए नंबर पर निर्भर करती है।
- 0001 और 9999 जैसे प्रीमियम नंबर आमतौर पर सबसे महंगे होते हैं, जबकि साधारण पैटर्न वाले नंबर अपेक्षाकृत कम कीमत में मिल सकते हैं।
- दस्तावेज, वेरिफिकेशन और बाकी औपचारिकताएं वही रहती हैं।
जरूरी बात जो लोग अक्सर भूल जाते हैं
- नीलामी जीतने के बाद तय समय में पूरी राशि जमा न करने पर नंबर रद्द हो सकता है
- नंबर उसी वाहन और उसी आरटीओ के लिए मान्य होता है
- नंबर ट्रांसफर या दोबारा बेचने की अनुमति नहीं होती
नतीजा
VIP या फैंसी नंबर प्लेट पाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी हो गया है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, यानी बिना किसी एजेंट या दलाल के। अगर आप 0001 या 9999 जैसे खास नंबर का सपना देख रहे हैं, तो सही जानकारी और समय पर बोली लगाकर उसे पूरा किया जा सकता है।