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EV Revolution: इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रफ्तार ने ICE को पछाड़ा, FY26 में रिकॉर्ड 21 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:04 PM IST
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सार
EV Sales India FY26: भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार FY26 में पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) सेगमेंट से तेज गति से बढ़ने की राह पर है। फरवरी में महीने-दर-महीने गिरावट दिखी, लेकिन सालाना आधार पर मजबूत उछाल ने संकेत दिया कि ईवी अपनाने का ट्रेंड स्थायी हो चुका है। जानिए इसके बारे में विस्तार से...
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Freepik
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विस्तार
भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऑटो एक्सपर्ट्स और इंडस्ट्री के ताजा अनुमानों के अुनसार, इस वित्तीय वर्ष में इलेक्ट्रिक वाहनों की ग्रोथ रेट ने पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन (ICE) सेगमेंट को काफी पीछे छोड़ दिया है। इसी के साथ अब तक 2.17 मिलियन से अधिक रजिस्ट्रेशन के साथ ईवी इंडस्ट्री ने 20 प्रतिशत की शानदार वार्षिक वृद्धि दर्ज की है।
क्या कहते हैं बिक्री के बड़े आंकड़े?
फाइनेंसियल ईयर 26 की उपलब्धि: अभी वित्तीय वर्ष खत्म होने में एक महीना बाकी है और कुल ईवी रजिस्ट्रेशन 2.17 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच गए हैं। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना आधिक है। वित्तीय वष 25 में ये आंकड़ा 1.97 मिलियन था।
ये भी पढ़े: Ultra-luxury Cars: लंबी यात्रा के लिए बेस्ट हैं ये SUV, सड़क पर देंगी प्रीमियम एहसास, सफर होगा और भी आसान
ग्रोथ रेट: जहां ईवी इंडस्ट्री 20% की वार्षिक वृद्धि दर्ज कर रही है, वहीं पारंपरिक गाड़ियां (ICE) सिंगल-डिजिट (एकल अंक) की ग्रोथ तक ही सिमटती दिख रही हैं। फरवरी 2026 की बात करें तो इस महीने में कुल 1,93,829 यूनिट्स बिकीं। जोकि जनवरी के मुकाबले 12% कम है, लेकिन पिछले साल की समान अवधि (फरवरी 2025) से 38% ज्यादा है।
ये भी पढ़े: Maruti e-Vitara vs Creta EV: ज्यादा स्पेस या प्रीमियम फीचर्स? जानें कौन सी इलेक्ट्रिक एसयूवी है आपके लिए बेहतर
दो-पहिया वाहनों का दबदबा कायम
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स देश के ईवी बाजार को मजबूत बनाए रखे हैं। फरवरी में 1.11 लाख से ज्यादा बिक्री यह दर्शाती है कि मध्यम वर्ग अब चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बचत को लेकर आश्वस्त हो चुका है। सालाना आधार पर करीब 46% की बढ़त एक बड़ा संकेत है।
पैसेंजर कारों में चुनौतियां
पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारों (EPV) के सेगमेंट में जनवरी के मुकाबले 28.3% की गिरावट आई है, जिसे एक्सपर्ट्स डिमांड करेक्शन मान रहे हैं। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले 45% की बढ़त यह सुनिश्चित करती है कि टाटा, महिंद्रा और ह्यूंदै जैसी कंपनियों की नई लॉन्चिंग रंग ला रही है।
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क्या कहते हैं बिक्री के बड़े आंकड़े?
फाइनेंसियल ईयर 26 की उपलब्धि: अभी वित्तीय वर्ष खत्म होने में एक महीना बाकी है और कुल ईवी रजिस्ट्रेशन 2.17 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच गए हैं। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना आधिक है। वित्तीय वष 25 में ये आंकड़ा 1.97 मिलियन था।
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ग्रोथ रेट: जहां ईवी इंडस्ट्री 20% की वार्षिक वृद्धि दर्ज कर रही है, वहीं पारंपरिक गाड़ियां (ICE) सिंगल-डिजिट (एकल अंक) की ग्रोथ तक ही सिमटती दिख रही हैं। फरवरी 2026 की बात करें तो इस महीने में कुल 1,93,829 यूनिट्स बिकीं। जोकि जनवरी के मुकाबले 12% कम है, लेकिन पिछले साल की समान अवधि (फरवरी 2025) से 38% ज्यादा है।
| वाहन सेगमेंट | फरवरी 2026 की बिक्री | सालाना ग्रोथ (YoY) |
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) | 1,11,680 यूनिट्स | +45.6% |
| इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (E3W) | 66,398 यूनिट्स | +25.1% |
| इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार (EPV) | 13,659 यूनिट्स | +45.0% |
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दो-पहिया वाहनों का दबदबा कायम
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स देश के ईवी बाजार को मजबूत बनाए रखे हैं। फरवरी में 1.11 लाख से ज्यादा बिक्री यह दर्शाती है कि मध्यम वर्ग अब चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बचत को लेकर आश्वस्त हो चुका है। सालाना आधार पर करीब 46% की बढ़त एक बड़ा संकेत है।
पैसेंजर कारों में चुनौतियां
पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारों (EPV) के सेगमेंट में जनवरी के मुकाबले 28.3% की गिरावट आई है, जिसे एक्सपर्ट्स डिमांड करेक्शन मान रहे हैं। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले 45% की बढ़त यह सुनिश्चित करती है कि टाटा, महिंद्रा और ह्यूंदै जैसी कंपनियों की नई लॉन्चिंग रंग ला रही है।