EV: अब इलेक्ट्रिक होगी उबर राइड? मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कंपनी के CEO को दिए खास निर्देश, जानें क्या बदलेगा?
Uber EV Transition India: भारत में ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने अब राइड-हेलिंग दिग्गजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेट-जीरो विजन को जमीन पर उतारने के लिए अब उबर जैसी कंपनियों को अपनी फ्लीट को इलेक्ट्रिक बनाने का अल्टीमेटम मिल रहा है।
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विस्तार
दुनिया के बड़े परिवहन नेटवर्क में से एक है उबर
मंत्री जोशी ने बताया कि उबर दुनिया के सबसे बड़े परिवहन नेटवर्कों में से एक है और भारत जैसे उभरते बाजार में इसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कंपनी को अब अपने इकोसिस्टम को पूरी तरह से ग्रीन बनाने की दिशा में सक्रिय सहायता प्रदान करनी चाहिए।
ड्राइवर्स के लिए बनेगा सपोर्ट सिस्टम
इतना ही नहीं मंत्री जोशी ने बैठक के दौरान साफ किया कि मैंने उबर प्रबंधन से आग्रह किया है कि वे अपने ड्राइवरों और वाहन मालिकों को वित्तीय या तकनीकी सहायता दें ताकि वे आसानी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर सकें। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि स्वच्छ परिवहन की ओर भारत की प्रतिबद्धता भी मजबूत होगी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक ट्वीट में उन्होंने स्पष्ठ किया कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में उबर इंडिया के भविष्य के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा हुई।
Today morning, Uber CEO Mr. @dkhos met me at Krishi Bhawan. Discussions related to Uber’s operations in the country and the future roadmap was held. Senior officials from @jagograhakjago were also present.
At the onset, It was strongly insisted that Uber India, create an… pic.twitter.com/V8nw0LOpCx— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) May 12, 2026
कस्टमर सर्विस और सेल्फ-ऑडिट पर शिकंजा
केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के हितों पर भी सरकार का सख्त रुख देखने को मिला। बैठक में उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। सरकार ने उबर को निर्देश दिया है कि वह अपनी वर्तमान कार्यप्रणाली का खुद ऑडिट करे और देखे कि क्या वे सरकारी नियमों का शत-प्रतिशत पालन कर रहे हैं। मंत्री ने दो टूक कहा कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि और उनके हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सरकार का यह रुख संकेत देता है कि आने वाले समय में कैब एग्रीगेटर्स के लिए इलेक्ट्रिक होना अब विकल्प नहीं बल्कि मजबूरी होगी। अगर उबर अपने ड्राइवरों को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और किफायती ईवी फाइनेंसिंग में मदद करता है, तो यह भारतीय सड़कों पर एक बड़ा कदम बन सकती है।