Auto Sales: भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए सुपर जनवरी, 27 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री के साथ बना नया रिकॉर्ड
India Auto Sales: साल 2026 की शुरुआत भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए ऐतिहासिक साबित हुई है। जनवरी महीने में देशभर में 27.20 लाख से अधिक गाड़ियों की बिक्री दर्ज की गई, जो कोरोना महामारी के बाद का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। जीएसटी और इनकम टैक्स में राहत से ग्राहकों की क्रय शक्ति बढ़ी और इसका सीधा फायदा ऑटो सेक्टर को मिला।
विस्तार
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत किसी उत्सव से कम नहीं रही। जनवरी के महीने में देशभर में रिकॉर्ड तोड़ 27.20 लाख से ज्यादा गाड़ियां बिकीं, जो कोरोना महामारी के बाद अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस जबरदस्त तेजी की सबसे बड़ी वजह सरकार के जरिए जीएसटी और इनकम टैक्स में दी गई राहत है, जिसकी वजह से ग्राहकों के लिए नई कार या बाइक खरीदना अब पहले से सस्ता और आसान हो गया है। इसी बढ़ी हुई खरीदारी की बदौलत भारतीय ऑटो सेक्टर आज अपनी सबसे मजबूत स्थिति में पहुंच गया है।
पैसेंजर वाहनों का जलवा: 4.55 लाख यूनिट्स की बिक्री
मारुति सुजुकी के बड़े अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि पिछले महीने सिर्फ पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री का आंकड़ा ही 4.55 लाख के पार पहुंच गया। मारुति के साथ-साथ टाटा मोटर्स, महिंद्रा और हुंडई जैसी बड़ी कंपनियों ने भी बिक्री के मामले में अपने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
जनवरी 2026: ऑटोमोबाइल कंपनियों का रिपोर्ट कार्ड
1. मारुति सुजुकी
मारुति सुजुकी ने इस बार बिक्री का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जहां कंपनी की कुल बिक्री (जिसमें कारें, छोटे कमर्शियल वाहन और एक्सपोर्ट शामिल हैं) 2.36 लाख यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि भारत में होने वाली बिक्री पिछले साल के बराबर यानी लगभग 1.86 लाख यूनिट्स रही, लेकिन नई बुकिंग में 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी भविष्य के लिए अच्छे संकेत दे रही है। एक तरफ जहां मांग बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ प्लेटिनम और तांबे जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनी आने वाले समय में अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ाने की योजना भी बना रही है।
2. टाटा मोटर्स
टाटा मोटर्स ने इस बार 46.1 प्रतिशत की जबरदस्त सालाना बढ़त हासिल करते हुए घरेलू बाजार में कुल 70,222 गाड़ियां बेची हैं। कंपनी की इस शानदार सफलता में इसके सबसे लोकप्रिय मॉडल्स, नेक्सन और पंच का सबसे बड़ा हाथ रहा है। इन दोनों गाड़ियों ने पिछले महीने क्रमशः 23,000 और 19,000 यूनिट्स की बिक्री के साथ अपने अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
3. महिंद्रा एंड महिंद्रा
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए 24 प्रतिशत की सालाना बढ़त के साथ कुल 1,04,309 गाड़ियां बेची हैं। इसमें कंपनी की एसयूवी (SUV) रेंज का बड़ा योगदान रहा, जिसकी बिक्री 25 प्रतिशत बढ़कर 63,510 यूनिट्स तक पहुंच गई, जबकि छोटे कमर्शियल वाहनों (LCV) में भी 22 प्रतिशत का उछाल देखा गया। कंपनी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसकी नई XUV7XO और XEV 9S को 93,689 से ज्यादा बुकिंग्स मिल चुकी हैं, जिनकी कुल कीमत ₹20,500 करोड़ से भी अधिक है।
4. हुंडई मोटर इंडिया
हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस बार इतिहास रचते हुए घरेलू बाजार में अपनी अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री दर्ज की है, जहां कंपनी ने कुल 59,107 गाड़ियां बेचीं। अगर निर्यात (एक्सपोर्ट) को भी मिला लिया जाए, तो हुंडई की कुल बिक्री 73,137 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जिसमें विदेशी बाजारों में होने वाली सप्लाई में 20.9% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी की इस कामयाबी में वेन्यू (12,413 यूनिट्स) और ऑरा (7,978 यूनिट्स) जैसे मॉडल्स का सबसे अहम योगदान रहा, जिन्होंने अब तक का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
5. अन्य प्रमुख कंपनियां
अन्य प्रमुख कंपनियों में टोयोटा किर्लोस्कर ने भी अपनी रफ़्तार बरकरार रखी है, जहां कंपनी ने पिछले साल की 26,178 यूनिट्स के मुकाबले इस बार 30,630 गाड़ियां बेची हैं। वहीं, JSW MG मोटर ने अपनी सालाना बिक्री में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसमें कंपनी की नई विंडसर EV और हेक्टर SUV की सबसे ज्यादा मांग देखी गई।
भविष्य की चुनौतियां और उम्मीदें
1 फरवरी को आए बजट में हालांकि सरकार ने ऑटो सेक्टर के लिए कोई खास नई घोषणा तो नहीं की, लेकिन सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर जो जोर दिया है, उससे पूरी इंडस्ट्री काफी खुश है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि दुनिया में चल रहे तनाव और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों की वजह से गाड़ियों की बिक्री की रफ्तार थोड़ी कम हो सकती है। अब सभी कंपनियों का पूरा ध्यान इस बात पर है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों, उनकी बैटरी और पार्ट्स को भारत में ही बनाया जाए ताकि दूसरे देशों से सामान मंगाने की जरूरत न पड़े।
