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Road Accidents: 2025 में गुरुग्राम की पांच सड़कों पर सबसे ज्यादा हादसे, ट्रैफिक रिपोर्ट में खुलासा

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Tue, 03 Feb 2026 05:05 PM IST
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सार

ट्रैफिक पुलिस के नए डेटा से पता चलता है कि पिछले साल सड़क हादसों में हुई मौतों में से ज्यादातर गुरुग्राम की पांच बड़ी सड़कों पर हुईं। 

Road Safety Alert: Gurugram’s Most Dangerous Roads Revealed in 2025 Traffic Police Data
सड़क हादसा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गुरुग्राम में सड़क हादसों को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। ताजा ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में हुई कुल मौतों का बड़ा हिस्सा शहर की सिर्फ पांच प्रमुख सड़कों पर दर्ज किया गया। ये सभी सड़कें तेज रफ्तार और भारी ट्रैफिक के लिए जानी जाती हैं। 

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पांच सड़कों पर केंद्रित हादसे और मौतें
ट्रैफिक पुलिस के डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि गुरुग्राम की जिन पांच मुख्य सड़कों पर सबसे ज्यादा हादसे हुए, उनमें दिल्ली-गुरुग्राम एनएच-48, द्वारका एक्सप्रेसवे, कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे, सोहना एलिवेटेड रोड और गोल्फ कोर्स रोड शामिल हैं।
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इन पांचों कॉरिडोर पर 2025 के दौरान 401 सड़क हादसों में कुल 200 लोगों की जान गई। इनमें सबसे ज्यादा मौतें एनएच-48 पर दर्ज की गईं।
 

NH-48 सबसे खतरनाक, फिर सोहना रोड
आंकड़ों के मुताबिक,

  • NH-48 पर 233 हादसों में 127 मौतें हुईं
  • सोहना एलिवेटेड रोड पर 88 हादसों में 31 मौतें
  • द्वारका एक्सप्रेसवे पर 41 हादसों में 24 मौतें
  • KMP एक्सप्रेसवे पर 16 हादसों में 11 मौतें
  • गोल्फ कोर्स रोड पर 23 हादसों में 7 मौतें दर्ज की गईं

ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि हाई-स्पीड कॉरिडोर पर दुर्घटनाओं का खतरा कहीं ज्यादा है।
 

2024 की तुलना में कुछ सुधार, लेकिन खतरा बरकरार
अगर 2024 से तुलना करें तो इन पांच सड़कों पर हादसों और मौतों की संख्या में कुछ कमी जरूर आई है।
2024 में इन्हीं सड़कों पर 425 हादसों में 236 मौतें हुई थीं। उस साल भी NH-48 सबसे आगे था, जहां 247 हादसों में 150 लोगों की जान गई थी।

हालांकि, 2025 में द्वारका एक्सप्रेसवे और सोहना एलिवेटेड रोड पर मौतों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो प्रशासन के लिए नई चिंता बनकर उभरी है। 
 

ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई से घटे हादसे
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सालभर चले सड़क सुरक्षा अभियानों का असर दिखा है। खतरनाक मोड़ों की पहचान, बेहतर मार्किंग, तेज रफ्तार सड़कों पर कड़ी निगरानी और लगातार पेट्रोलिंग से 2024 की तुलना में 2025 में हादसों की कुल संख्या घटकर 402 रह गई।

ट्रैफिक के डिप्टी कमिश्नर डॉ. राजेश मोहन के मुताबिक, हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सख्त प्रवर्तन और नियमित निगरानी ने दुर्घटनाओं पर काफी हद तक लगाम लगाई है।

पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों की चिंता
डेटा यह भी बताता है कि पैदल यात्रियों की मौतें 2024 के 180 से बढ़कर 2025 में 197 हो गईं। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों की मौतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है।एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर फुट-ओवर ब्रिज, सड़क डिजाइन में सुधार और बेहतर साइन बोर्ड जैसे कदम उठाए गए हैं। लेकिन इनके असर में अभी समय लगेगा। 

आने वाले समय में सड़कों का होगा कायाकल्प
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि गुरुग्राम की लगभग 50 किलोमीटर लंबी सबसे व्यस्त सड़कों को जल्द नए रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें सिग्नलों का बेहतर तालमेल, पैदल यात्रियों के लिए चौड़े फुटपाथ और ट्रैफिक जाम कम करने की योजना शामिल है।

उम्मीद है कि इन उपायों से न सिर्फ सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या से भी राहत मिलेगी।

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