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CORLEO: जहां बाइक नहीं पहुंचती, वहां जाएगा कावासाकी का चार-पैरों वाला वाहन!

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Tue, 03 Feb 2026 08:57 PM IST
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सार

कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज ने CORLEO पर औपचारिक डेवलपमेंट का काम शुरू कर दिया है, जो एक चार पैरों वाला ऑफ-रोड पर्सनल मोबिलिटी व्हीकल है। जिसे पहली बार ओसाका में जापान वर्ल्ड एक्सपो 2025 में सार्वजनिक रूप से दिखाया गया था।

Kawasaki CORLEO Explained: A Robot Vehicle Designed for Extreme Terrain
Kawasaki CORLEO - फोटो : Kawasaki
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विस्तार
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भविष्य की पर्सनल मोबिलिटी कैसी हो सकती है, इसकी एक झलक कावासाकी ने दुनिया के सामने रख दी है। जापान की दिग्गज इंजीनियरिंग कंपनी Kawasaki Heavy Industries (कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज) ने CORLEO नाम के एक अनोखे चार-पैरों वाले वाहन पर औपचारिक रूप से काम शुरू कर दिया है। जो पहियों की जगह "चलता" है और वह रास्ते पार कर सकता है जहां बाइक या कार पहुंच ही नहीं सकती। 
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CORLEO: तुरंत नहीं, लेकिन भविष्य की तैयारी
CORLEO को पहली बार जापान वर्ल्ड एक्सपो 2025 (ओसाका) में प्रदर्शित किया गया था। कावासाकी इसे शॉर्ट-टर्म प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म विजन के तौर पर देख रही है।
कंपनी की योजना है कि इसका व्यावहारिक डेमो एक्सपो 2030 (रियाद) में दिखाया जाए। जबकि इसका कमर्शियल वर्जन 2035 के आसपास आने की उम्मीद है। 
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अलग टीम, सीधी निगरानी
इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए कावासाकी ने सेफ एडवेंचर बिजनेस डेवलपमेंट टीम नाम से एक विशेष इंटरनल यूनिट बनाई है, जो सीधे कंपनी के प्रेसिडेंट को रिपोर्ट करेगी।
यह टीम डेवलपमेंट, टेस्टिंग और इस बात पर काम करेगी कि CORLEO को असल दुनिया में कहां और कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल इसे बड़े आउटडोर इलाकों के लिए ऑन-साइट पर्सनल मोबिलिटी के रूप में देखा जा रहा है, न कि आम बाजार के वाहन की तरह।

Kawasaki CORLEO Explained: A Robot Vehicle Designed for Extreme Terrain
Kawasaki CORLEO - फोटो : Kawasaki
बाइक और रोबोटिक्स का अनोखा मेल
CORLEO न तो बाइक है और न ही पारंपरिक रोबोट, यह दोनों का मिश्रण है। इसमें चार रोबोटिक पैर हैं और कोई पहिया नहीं।
कावासाकी के मुताबिक, यह डिजाइन CORLEO को घास, पत्थर, मलबे और अस्थिर जमीन पर भी चलने में सक्षम बनाता है, जहां सामान्य ऑफ-रोड वाहन भी संघर्ष करते हैं। 

पिछला हिस्सा क्यों है खास?
CORLEO के पिछले दोनों पैर आगे के पैरों से स्वतंत्र रूप से चलते हैं। यह कॉन्सेप्ट मोटरसाइकिल के स्विंगआर्म डिजाइन से प्रेरित है।
इससे ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर झटके कम लगते हैं और चढ़ाई के दौरान राइडर का शरीर ज्यादा संतुलित रहता है। इसका नतीजा यह है कि, राइडर सामने के रास्ते पर नजर बनाए रख सकता है, न कि सिर्फ ऊपर देखने पर मजबूर होता है। 

शरीर के वजन से कंट्रोल
CORLEO को चलाने के लिए पारंपरिक एक्सेलेरेटर या क्लच नहीं है। इसमें राइडर के शरीर के वजन से कंट्रोल होता है।
फुटरेस्ट और हैंडलबार में लगे सेंसर वजन के बदलाव को पहचानकर मूवमेंट में बदल देते हैं, कुछ-कुछ घुड़सवारी जैसा अनुभव। संतुलन बनाए रखने के लिए ऑटोमैटिक सपोर्ट सिस्टम भी दिया गया है।

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