भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार ने नए साल की शुरुआत भी मजबूत रफ्तार के साथ की है। जनवरी में ईवी रजिस्ट्रेशन एक बार फिर 2 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गए, और यह लगातार चौथा महीना है जब यह आंकड़ा पार हुआ है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब अक्तूबर 2025 से आईसीई (पेट्रोल-डीजल) वाहनों पर कम जीएसटी लागू है।
EV Sales: चार महीने से दो लाख के ऊपर इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्ट्रेशन, बाजार में भरोसा बरकरार
भारत के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए नए साल की शुरुआत जोरदार रही है। जनवरी में कुल बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन 2 लाख के आंकड़े को पार कर गया है।
टू-व्हीलर सेगमेंट ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत
मैग्नेट की उपलब्धता में सुधार और उत्पादन में रफ्तार आने से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन किया। जनवरी में करीब 1.22 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन रजिस्टर हुए, जो पिछले 12 महीनों में तीसरा सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है।
दिसंबर 2025 में यह संख्या लगभग 98 हजार यूनिट थी, जबकि जनवरी 2025 में 98,426 यूनिट दर्ज की गई थी।
TVS सबसे आगे, बजाज और एथर पीछे
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में TVS Motor ने अपनी बढ़त और मजबूत की। कंपनी की ई-स्कूटर बिक्री जनवरी में 34,896 यूनिट तक पहुंच गई।
इसके बाद Bajaj Auto ने 25,798 यूनिट रजिस्टर कीं।
अन्य प्रमुख खिलाड़ियों में
- एथर एनर्जी: 22,135 यूनिट्स
- हीरो मोटोकॉर्प: 13,436 यूनिट्स
- ओला इलेक्ट्रिक: 7,610 यूनिट्स
पैसेंजर EV में भी लगातार बढ़त
इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (ई-कार और ई-एसयूवी) सेगमेंट में भी मजबूती दिखी। जनवरी 2026 में कुल 18,101 यूनिट्स रजिस्टर हुईं।
यह आंकड़ा दिसंबर 2025 के 15,685 यूनिट्स और जनवरी 2025 के 11,895 यूनिट्स से कहीं ज्यादा है।
टाटा मोटर्स सबसे आगे, MG और महिंद्रा पीछे
इस सेगमेंट में टाटा मोटर्स ने करीब 7,900 यूनिट्स की बिक्री के साथ नेतृत्व बनाए रखा।
इसके बाद
- जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर: 4,622 यूनिट्स
- महिंद्रा: 3,603 यूनिट्स
बाकी कंपनियों की बिक्री 1,000 यूनिट्स से कम रही। जिनमें विनफास्ट ने 432 यूनिट्स के साथ इस समूह का नेतृत्व किया।
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-रिक्शा समेत) की रजिस्ट्रेशन संख्या जनवरी में 75,764 यूनिट्स रही। यह जनवरी 2025 के 59,930 यूनिट्स से ज्यादा है, लेकिन दिसंबर 2025 में दर्ज 88,277 यूनिट्स से कम है।
EV बाजार की रफ्तार बरकरार
लगातार चार महीनों तक 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन यह संकेत देते हैं कि भारत का ईवी बाजार अब स्थिर और मजबूत विकास के चरण में प्रवेश कर चुका है। टू-व्हीलर और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की बढ़ती हिस्सेदारी आने वाले महीनों में भी इस रुझान को बनाए रखने का संकेत देती है।
