EV Report: भारत में ईवी बिक्री को मिलेगी नई रफ्तार, Ind-Ra का बड़ा दावा; जानें किस सेगमेंट में होगी कितनी ग्रो
EV Market: भारत में ईवी बाजार अब तेजी से बढ़ रहा है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार FY27 में देश में कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 10% से 12% तक पहुंच सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन सेगमेंट्स में सबसे ज्यादा तेजी हो सकती है।
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EV Penetration India: देश में ईवी उद्योग अब बड़े पैमाने पर विस्तार की तैयारी में है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष (FY27) में देश की कुल ऑटोमोबाइल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 10 से 12 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जो बीते वर्ष में 8.5% थी। इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (E2W) का रहने वाला है। इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का रहने वाला है, लेकिन कमर्शियल थ्री-व्हीलर्स, ई-बस और पैसेंजर कार सेगमेंट्स में यह आंकड़ा कितना प्रतिशत रहने वाला है? जानिए इस रिपोर्ट में विस्तार से...
टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की इस लहर को सबसे ज्यादा ताकत दोपहिया और तिपहिया वाहनों से मिल रही है।
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (E2W): FY27 में टू-व्हीलर सेगमेंट में ईवी पेनेट्रेशन आठ से 10 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 6.6% दर्ज किया गया था। रनिंग कॉस्ट में भारी बचत, घर पर आसानी से चार्ज करने की सुविधा और ऑटोमेकर्स की ओर लॉन्च किए जा रहे नए-नए मॉडल्स इसके मुख्य कारण हैं।
- इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स: वही, तीन-पहिया वाहन देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिफाइड व्हीकल कैटेगरी बने हुए हैं। व्यावसायिक इस्तेमाल में मिलने वाले बेहतरीन फायदे और सरकारी प्रोत्साहन के दम पर FY27 में इसका पेनेट्रेशन 62% से 65% तक पहुंच सकता है, जो बीते साल 59% था।
सरकारी खरीद और ऑर्डर बुक से मिलेगी ताकत
इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में भी इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती तेजी से बढ़ रही है:
- ई-बस पेनेट्रेशन: Ind-Ra का अनुमान है कि FY27 में ई-बसों की हिस्सेदारी बढ़कर 6% से 8% हो जाएगी, जो FY26 में 4.37% थी।
- विकास का आधार: इस ग्रोथ को मजबूत ऑर्डर बुक्स और सरकारी खरीद कार्यक्रमों का सीधा समर्थन मिल रहा है। हालांकि, इसकी वास्तविक गति राज्य परिवहन उपक्रमों (STUs) में डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियों पर निर्भर करेगी।
रेटिंग एजेंसी का क्या कहना है?
इस अनुमानित रिपोर्ट पर रेटिंग इजेंसी के डायरेक्टर, कॉर्पोरेट्स श्रुति साबू का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का अपनाना उन क्षेत्रों में सबसे मजबूत रहेगा जहां कुल मालिकाना लागत ग्राहक के लिए काफी किफायती है। कम परिचालन लागत, सरकारी प्राथमिकताओं और वाहन निर्माताओं के लगातार बढ़ते पोर्टफोलियो के चलते भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा आने वाले दिनों में और भी गहरा होने वाला है।