Traffic Rules: फुटपाथ पर चलाया वाहन तो जेब हो सकती है ढीली, कर्नाटक सरकार ला रही सख्त नियम; जानें नया प्रस्ताव
Traffic Rules: अगर आप ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कभी-कभी बाइक को फुटपाथ पर चढ़ा देते हैं, अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है। क्योंकि इसपर सख्त कार्रवाई होने वाली है। सरकार इसके लिए जुर्माना हजारों रुपये बढ़ाने की तैयारी में है। आइए जानते हैं कि यह नया प्रस्ता क्या है और यह सख्ती क्यों हो रही है।
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Footpath Driving Fine: बेंगलुरु जैसे महानगर में रोजाना भारी ट्रैफिक जाम से जूझ रहे वाहन चालक अक्सर शॉर्टकट के चक्कर में फुटपाथ पर ही अपनी बाइक या कार चढ़ा देते हैं। जिससे पैदल आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। राहगीरों की इसी सुरक्षित आवागमन के लिए बनी जगह पर वाहन दौड़ाने की इस खतरनाक आदत पर अब कर्नाटक सरकार बेहद सख्त एक्शन लेने जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य के परिवहन मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एक तरफ जहां बेंगलुरु में फुटपाथों से अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राहगीरों की जान जोखिम में डालने वाले वाहन चालकों को बख्शा नहीं जाएगा।
फुटपाथ पर वाहन चलाना पड़ सकता है महंगा
इस नियम के पूरी तरह से लागू होने के बाद चालकों का फुटपाथ पर चलना जुर्माना भरा हो सकता है। क्योंकि परिवहन मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि शहर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार फुटपाथों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और बाधारहित फुटपाथ उपलब्ध कराना है। लेकिन इसके बावजूद कई लोग ट्रैफिक से बचने के लिए फुटपाथ पर बाइक और अन्य वाहन चला रहे हैं, जिसे सरकार ने गंभीर समस्या माना है।
कितना बढ़ सकता है जुर्माना?
- परिवहन मंत्री का कहना है कि उन्हें फुटपाथ पर वाहन चलाने की लगातार शिकायत मिल रही है। उन्होनें इस पर सवाल भी उठाया और कहा कि अगर किसी पैदल यात्री को फुटपाथ पर वाहन से चोट लगती है या कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
- इसी को देखते हुए उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए और परिवहन विभाग को पत्र लिखकर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने की सिफारिश करने को कहा।
बैठक में ट्रैफिक सुधार के लिए लिए गए अहम फैसले
यहीं नहीं इस बैठक में ट्रैफिक सुधारने के लिए कई अन्य सुझावों पर भी चर्चा की, जो इस प्रकार हैं।
- मुख्य सड़कों पर पार्किंग पर सख्ती: सरकार का मानना है कि शहर की प्रमुख और व्यस्त सड़कों पर पार्किंग की अनुमति नहीं होनी चाहिए, ताकि यातायात सुचारु बना रहे।
- एक तरफ पार्किंग नियम का पालन: वैकल्पिक पार्किंग यानी वन-साइड पार्किंग नियम को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया। सरकार का कहना है कि इससे सड़कों पर रोजाना करीब 7 से 8 फीट अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकती है और ट्रैफिक जाम कम होगा।
- बस स्टॉप की नई व्यवस्था: बैठक में यह भी तय किया गया कि ट्रैफिक सिग्नल के बिल्कुल पास बस स्टॉप नहीं होने चाहिए। निर्देश में कहा गया कि ट्रैफिक सिग्नल से 75 मीटर और चौराहे से 50 मीटर के भीतर आने वाले बस स्टॉप को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए।
क्या सख्ती से व्यवस्था सुधर जाएगी?
- इसपर सरकार का कहना है कि सख्ती से साथ-साथ लोगों को जागरुक करना भी जरुरी है। इसलिए ट्रैफिक और पार्किंग नियमों के बारे में लोगों को पहले जागरूक किया जाएगा। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- परिवहन मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि केवल करोड़ों रुपये खर्च करके बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक लोग ट्रैफिक नियमों को समझकर उनका पालन नहीं करेंगे, तब तक कोई भी व्यवस्था पूरी तरह सफल नहीं हो सकती।