देश में बुनियादी ढांचे और विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए भारत सरकार ने नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर्स और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर संसद में आंकड़े साझा किए हैं। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश भर में कुल 10,389 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर्स और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे स्वीकृत किए जा चुके हैं।
NH: देशभर में 10,389 किमी नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं मंजूर, 4,809 किमी का निर्माण पूरा
देश में नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार ने संसद को बताया है कि अब तक देशभर में 10,389 किलोमीटर लंबाई की ऐसी परियोजनाएं आवंटित की जा चुकी हैं। इनमें से 4,809 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि 5,580 किलोमीटर लंबाई की परियोजनाओं पर काम जारी है।
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संसद में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परियोजनाओं की समीक्षा पर क्या कहा?
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार ने सभी जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की निरंतर निगरानी के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है:
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त्रिस्तरीय समीक्षा तंत्र: सभी चल रही परियोजनाओं की समीक्षा प्रोजेक्ट स्तर, राज्य स्तर और केंद्रीय स्तर पर नियमित रूप से की जाती है।
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सभी हितधारकों की भागीदारी: इस निगरानी प्रक्रिया में संबंधित राज्य सरकारों सहित सभी हितधारकों को शामिल किया जाता है। ताकि किसी भी तरह की देरी से बचा जा सके।
देश के प्रमुख राज्यों में हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण की क्या स्थिति है?
केंद्रीय मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में इन कॉरिडोर्स के निर्माण का ब्यौरा इस प्रकार है:
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राजस्थान (सबसे आगे): राजस्थान में राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर्स और एक्सप्रेसवे की सबसे अधिक 1,340 किमी लंबाई स्वीकृत की गई है। इसमें से 1,192 किमी का काम पूरा हो चुका है, जबकि 148 किमी का निर्माण जारी है।
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पंजाब: पंजाब में कुल 923 किमी की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 774 किमी का निर्माण कार्य चल रहा है।
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आंध्र प्रदेश: कुल स्वीकृत 893 किमी में से 308 किमी का निर्माण पूरा हो चुका है और 585 किमी पर काम जारी है।
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उत्तर प्रदेश: कुल स्वीकृत 884 किमी में से 388 किमी का काम पूरा हो चुका है और 496 किमी का निर्माण चल रहा है।
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हरियाणा: कुल स्वीकृत 839 किमी में से 615 किमी का काम पूरा किया जा चुका है।
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गुजरात: गुजरात में स्वीकृत 764 किमी के कॉरिडोर नेटवर्क में से 605 किमी का काम पूरा हो चुका है।
परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के लिए सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए हैं?
प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने और समय सीमा के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई तकनीकी और प्रशासनिक पहल की हैं:
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'भूमि राशि' पोर्टल और GIS तकनीक:
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए 'भूमि राशि' पोर्टल और जीआईएस-आधारित भूमि अधिग्रहण योजनाओं का सहारा लिया जा रहा है। -
'परिवेश' पोर्टल:
पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरियों को तेजी से हासिल करने के लिए 'परिवेश' पोर्टल को अपग्रेड और नया रूप दिया गया है। -
रेलवे से ऑनलाइन मंजूरी:
रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज के जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग के लिए रेलवे से ऑनलाइन अप्रूवल की सुविधा शुरू की गई है। -
अंतर-एजेंसी समन्वय:
राज्य सरकारों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर अड़चनों को दूर करने के लिए नियमित समीक्षा तंत्र का उपयोग किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, इस सतत निगरानी और अंतर-एजेंसी समन्वय से देश भर में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग, हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के काम को रफ्तार देने में बड़ी मदद मिल रही है।