EV: भारतीय ईवी बाजार 2026; महिंद्रा और विनफास्ट की तेज रफ्तार, टाटा मोटर्स के दबदबे को चुनौती
EV Sales India January 2026: साल 2026 की शुरुआत भारत के इलेक्ट्रिक कार बाजार के लिए बेहद तेज़ और प्रतिस्पर्धी साबित हुई है। जनवरी में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री सालाना आधार पर 51% बढ़कर 18,059 यूनिट्स तक पहुंच गई। लंबे समय से बाजार पर दबदबा रखने वाली टाटा मोटर्स और MG मोटर को अब महिंद्रा एंड महिंद्रा और वियतनाम की नई कंपनी विनफास्ट कड़ी चुनौती दे रही हैं।
विस्तार
भारत में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार 2026 की शुरुआत में बहुत तेजी से बढ़ा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल जनवरी में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 51% बढ़ गई है, यानी कुल 18,059 कारें बिकीं। जहां पहले इस बाजार में टाटा मोटर्स और MG मोटर का राज था, वहीं अब महिंद्रा और नई कंपनी विनफास्ट उन्हें कड़ी टक्कर दे रही हैं और तेजी से उनके ग्राहकों को अपनी ओर खींच रही हैं।
बाजार का हाल: आंकड़ों की नजर से
सरकार के 'वाहन' पोर्टल के आंकड़ों से यह साफ पता चलता है कि देश में इलेक्ट्रिक कारों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। बाजार में नई कारों के आने, चार्जिंग की बेहतर सुविधा मिलने और कीमतों में गिरावट की वजह से इस साल के पहले 10 महीनों में कारों का रजिस्ट्रेशन 88% बढ़कर करीब 1.60 लाख तक पहुंच गया है। हालांकि, बाजार में बढ़ती इस होड़ का असर बड़ी कंपनियों पर भी पड़ा है। टाटा मोटर्स अभी भी नंबर-1 पायदान पर तो है, लेकिन दूसरी कंपनियों के आने से इसकी हिस्सेदारी थोड़ी कम हुई है। वहीं, MG मोटर को इस बीच बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी बाजार में पकड़ पिछले साल के 38% से घटकर अब केवल 25% के आसपास रह गई है।
महिंद्रा और विनफास्ट का उभरता कद
जनवरी के महीने में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी (SUV) कारों की भारी डिमांड की वजह से महिंद्रा की बाजार में हिस्सेदारी 6.2% से सीधे उछलकर 19.8% पर पहुंच गई है। वहीं, वियतनाम की कंपनी विनफास्ट ने भी भारतीय बाजार में धमाकेदार शुरुआत की है। कंपनी ने आते ही जनवरी में 431 कारें बेचकर चौथा स्थान हासिल कर लिया और इस मामले में दिग्गज कंपनी ह्यूंदै को भी पीछे छोड़ दिया, जिसने महीने भर में 326 कारें बेची थीं।
जनवरी 2026 की इलेक्ट्रिक कार बिक्री का विवरण
अगर कंपनियों की बिक्री पर नजर डालें, तो टाटा मोटर्स 7,842 कारें बेचकर अभी भी बाजार में सबसे आगे है और करीब 43% बाजार पर इसका कब्जा है। इसके बाद MG मोटर दूसरे नंबर पर आती है, जिसने जनवरी में 4,591 कारें बेचीं और इसकी बाजार में हिस्सेदारी 25% रही। वहीं, महिंद्रा ने इस बार सबको चौंकाते हुए बहुत तेज तरक्की की है। कंपनी ने 3,579 कारें बेचीं और बाजार में अपनी पकड़ बढ़ाकर लगभग 20% कर ली है।
नए खिलाड़ियों में वियतनाम की विनफास्ट ने शानदार एंट्री की है और 431 कारें बेचकर चौथे नंबर पर अपनी जगह बना ली है। इसने ह्यूंदै को भी पीछे छोड़ दिया, जिसकी केवल 326 कारें बिकीं। बाकी कंपनियों जैसे BMW, किआ और BYD की बिक्री ठीक-ठाक रही, जबकि दुनिया की मशहूर कंपनी टेस्ला इस महीने भारत में सिर्फ 37 कारें ही बेच पाई।
भविष्य की राह: 7% पैठ का लक्ष्य
S&P ग्लोबल ऑटोमोटिव के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता का कहना है कि भारत का इलेक्ट्रिक कार बाजार अभी एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पुरानी कंपनियों को अब उन नई कारों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो एक बार चार्ज करने पर ज्यादा दूर तक चलती हैं और जल्दी चार्ज भी हो जाती हैं।
आने वाले एक साल में जब मारुति सुजुकी की e-विटारा और टोयोटा की इबेला जैसी कारें बाजार में आएंगी, तो यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो जाएगा। जानकारों का मानना है कि साल 2026 तक भारत की कुल कारों में इलेक्ट्रिक कारों का हिस्सा बढ़कर 7% तक पहुंच जाएगा। वहीं अगर महंगी और लक्जरी कारों की बात करें, तो BMW, किआ और BYD की बिक्री सामान्य रही, जबकि टेस्ला ने जनवरी में सिर्फ 37 कारें बेचीं।
