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जयपुर में लगा AI ट्रैफिक सिस्टम: नियम तोड़ा तो LED स्क्रीन पर होगी 'बेइज्जती', शुरू हुआ हाईटेक सिस्टम

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे Published by: Suyash Pandey Updated Tue, 16 Jun 2026 08:44 PM IST
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सार

Jaipur Traffic System: जयपुर में राजस्थान का पहला हाईटेक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू हुआ है। ANPR कैमरे वाहन नंबर स्कैन कर 12 सेकंड में बकाया चालान, बीमा, PUC और फिटनेस सर्टिफिकेट की जानकारी LED स्क्रीन पर दिखाएंगे।

Jaipur Launches AI Traffic Monitoring System, Vehicle Details and Pending Challans Now Displayed on LED Screen
रियल-टाइम ट्रैफिक अवेयरनेस स्क्रीन - फोटो : एआई
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विस्तार

अगर आप जयपुर की सड़कों पर गाड़ी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अब ट्रैफिक नियम तोड़कर बच निकलना लगभग नामुमकिन हो गया है। राजस्थान में पहली बार एक ऐसा हाईटेक ट्रैफिक सिस्टम शुरू किया गया है, जो चौराहे पर पहुंचते ही आपकी गाड़ी का सारा रिकॉर्ड एक बड़ी पब्लिक स्क्रीन पर दिखा देगा।



चाहे आपका पुराना चालान पेंडिंग हो, गाड़ी का इंश्योरेंस खत्म हो गया हो या फिर PUC (प्रदूषण प्रमाण पत्र) एक्सपायर हो गया हो- अब सब कुछ सरेआम दिखेगा। आइए समझते हैं कि यह नया सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है।

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कहां लगा है यह नया सिस्टम?

जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने रियल-टाइम ट्रैफिक अवेयरनेस स्क्रीन नाम से इस तकनीक की शुरुआत की है।
पायलट प्रोजेक्ट: फिलहाल इसे रामबाग सर्किल पर शुरू किया गया है।
अगला टारगेट: जल्द ही यह सिस्टम जेएलएन मार्ग और टोंक रोड जैसे बिजी रास्तों पर भी काम करने लगेगा।


कैसे काम करता है यह हाईटेक सिस्टम?

यह पूरा सिस्टम आधुनिक कैमरों और फास्ट इंटरनेट पर टिका है। यह मुख्य रूप से 3 स्टेप्स में काम करता है:

  • नंबर प्लेट की स्कैनिंग: चौराहों पर ANPR (ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं। जैसे ही आप चौराहे से गुजरेंगे, ये कैमरे आपकी नंबर प्लेट को तुरंत स्कैन कर लेंगे।
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  • डेटाबेस से मिलान: स्कैन करते ही यह सिस्टम आपके नंबर को नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटाबेस से मैच करेगा।
  • 12 सेकंड में रिजल्ट: अगर आपकी गाड़ी पर कोई पुराना चालान बाकी है या कोई जरूरी डॉक्युमेंट एक्सपायर हो चुका है, तो महज 12 सेकंड के अंदर गाड़ी का नंबर चौराहे पर लगी बड़ी एलईडी स्क्रीन पर फ्लैश हो जाएगा।

 


स्क्रीन पर नंबर आने के बाद क्या होगा?

अगर आपको लगता है कि सिर्फ स्क्रीन पर नंबर आने के बाद आप वहां से निकल जाएंगे, तो आप गलत हैं।

  • अगले चौराहे पर पुलिस रहेगी तैयार: जैसे ही आपकी गाड़ी में कोई गड़बड़ी (जैसे पेंडिंग चालान) पाई जाती है, उसकी जानकारी तुरंत अगले चेक-पॉइंट पर खड़े ट्रैफिक पुलिसवालों को भेज दी जाती है।
  • ऑन-द-स्पॉट चालान: पुलिस आपको रोककर पेंडिंग चालान या दस्तावेजों की कमी के बारे में बताएगी और मौके पर ही चालान भरने को कहेगी।
  • गाड़ी हो सकती है जब्त: पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो लोग लगातार अपने चालान पेंडिंग रखेंगे, भविष्य में उनकी गाड़ी को जब्त भी किया जा सकता है।

 


अच्छे ड्राइवरों के लिए है 'थैंक यू' मैसेज

इस सिस्टम की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ डराने के लिए नहीं है। अगर आपकी गाड़ी के सभी कागज पूरे हैं और कोई भी चालान पेंडिंग नहीं है, तो सिस्टम आपको एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते स्क्रीन के जरिए धन्यवाद का मैसेज भी देगा।


कंट्रोल रूम से रखी जा रही है पैनी नजर

इस पूरी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए अजमेरी गेट के पास एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया गया है। जयपुर पुलिस की यह नई स्मार्ट तकनीक सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए एक बेहतरीन कदम मानी जा रही है।

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