भारत में इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। E20 के बाद अब E22, E25, E27, E30 और यहां तक कि E85 फ्यूल भी बाजार में आने लगा है। हालांकि, कई वाहन मालिकों का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से उनकी गाड़ी का माइलेज कम हो रहा है और इंजन से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या E20 या दूसरे इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल के इस्तेमाल से इंश्योरेंस क्लेम पर असर पड़ सकता है?
Motor Insurance: E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो क्या मिलेगा इंश्योरेंस क्लेम? इस कंपनी ने कर दिया साफ!
Does Using E20 Fuel Void Your Insurance: इथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों के बीच यह चिंता थी कि कहीं इसके इस्तेमाल से मोटर इंश्योरेंस क्लेम पर असर तो नहीं पड़ेगा। अब इस पर एक कंपनी ने अपना स्पष्टिकरण जारी कर दिया है। आइए जानते हैं कि अगर E20 से आपके गाड़ी में खराबी आई तो क्या आप क्लेम कर पाएंगे या नहीं?
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क्या E20 पेट्रोल से इंश्योरेंस क्लेम पर कोई असर पड़ेगा?
इस मुद्दे पर ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने स्पष्ट किया है कि E20 फ्यूल का इस्तेमाल करने से मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी रद्द या अमान्य नहीं होती। कंपनी के मुताबिक, किसी वाहन में E20 पेट्रोल भरवाना लापरवाही नहीं माना जाएगा, चाहे वाहन पुराना ही क्यों न हो।
ICICI Lombard Clarifies Motor Insurance Coverage with E-20 Fuel Usage
— ICICI Lombard GIC (@ICICILombard) June 15, 2026
ICICI Lombard General Insurance reaffirms that motor insurance policies remain fully valid by the use of E-20 fuel. We clarify that we do not treat usage of E-20 fuel in older vehicles as a negligence and we… pic.twitter.com/21OOvj1mPF
कंपनी ने कहा कि मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी दुर्घटना, चोरी, थर्ड-पार्टी नुकसान और पर्सनल एक्सीडेंट जैसी घटनाओं को कवर करने के लिए बनाई जाती हैं। केवल फ्यूल के प्रकार के आधार पर कोई क्लेम खारिज नहीं किया जाता।
हालांकि, इंजन की सामान्य घिसावट, मैकेनिकल खराबी या मेंटेनेंस से जुड़े खर्च आमतौर पर स्टैंडर्ड मोटर इंश्योरेंस में कवर नहीं होते, चाहे वाहन किसी भी प्रकार का फ्यूल इस्तेमाल कर रहा हो।
E20 फ्यूल क्या है?
E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से इसे देशभर में मानक फ्यूल के रूप में लागू कर दिया है। इससे पहले भारत में E10 पेट्रोल का इस्तेमाल होता था, जिसमें सिर्फ 10% इथेनॉल होता था। सरकार का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और प्रदूषण घटाना है। इसी वजह से इथेनॉल ब्लेंडिंग को लगातार बढ़ाया जा रहा है।
E22, E25, E27 और E30 क्या हैं?
सरकार ने हाल ही में E22, E25, E27 और E30 फ्यूल ब्लेंड के लिए मानक तय किए हैं।
- E22: 22% इथेनॉल + 78% पेट्रोल
- E25: 25% इथेनॉल + 75% पेट्रोल
- E27: 27% इथेनॉल + 73% पेट्रोल
- E30: 30% इथेनॉल + 70% पेट्रोल
हालांकि, इन नए ब्लेंड्स को अभी खुदरा बिक्री के लिए लॉन्च नहीं किया गया है। आने वाले समय में इन्हें चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जा सकता है।
क्या सभी गाड़ियां E20 फ्यूल के लिए तैयार हैं?
हाल के वर्षों में लॉन्च हुई ज्यादातर नई कारें और दोपहिया वाहन E20 फ्यूल के लिए तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन भारत में लाखों पुराने वाहन ऐसे हैं जिन्हें कम इथेनॉल मिश्रण को ध्यान में रखकर बनाया गया था। इसी वजह से कई वाहन मालिकों को इंजन पार्ट्स की उम्र, फ्यूल सिस्टम और लंबे समय की विश्वसनीयता को लेकर चिंता है।