लैंबॉर्गिनी ने 11 साल के कैंसर पीड़ित बच्चे का सपना किया पूरा, मुंबई में दिल छू लेने वाली ड्राइव
इलाज और अस्पताल की दीवारों के बीच एक 11 साल के बच्चे ने देखा था सुपरकार का सपना। मुंबई में लैंबॉर्गिनी की एक खास ड्राइव ने उस ख्वाहिश को हकीकत में बदल दिया... और कुछ पलों के लिए दर्द की जगह मुस्कान ने ले ली।
विस्तार
जलगांव से मुंबई तक, एक मासूम सपना
महाराष्ट्र के जलगांव से आए मुकुंद के लिए अस्पताल की जिंदगी इलाज, इंतजार और अनिश्चितता से भरी थी। ऐसे माहौल में उनकी यह इच्छा किसी लग्जरी मांग जैसी नहीं, बल्कि एक बच्चे की कल्पना थी। जो अस्पताल की दीवारों से बाहर की दुनिया को छूना चाहती थी।
मुकुंद की यह इच्छा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (एक्स) तक पहुंची। वहां साझा एक पोस्ट में बताया गया कि इम्पैक्ट फाउंडेशन से जुड़े समर्थक अनिरुद्ध करंजेकर ने इस पर पहल करने का फैसला किया।
बिना किसी दिखावे या दबाव के उन्होंने सीधे लैंबॉर्गिनी से संपर्क किया। आमतौर पर बड़ी कंपनियों से जुड़ी औपचारिकताओं के उलट, इस बार जवाब बेहद संवेदनशील और तुरंत मिला।
कुछ ही समय बाद अस्पताल के बाहर एक लैंबॉर्गिनी पहुंची। मुकुंद और उनकी मां को मुंबई की सड़कों पर एक खास ड्राइव के लिए ले जाया गया। कुछ घंटों के लिए अस्पताल की मशीनों की आवाज, सफेद गलियारों और इलाज की चिंता पीछे छूट गई। उनकी जगह शहर की हलचल, खुली सड़कें और एक बच्चे की मुस्कान ने ले ली। उस वक्त मुकुंद एक मरीज नहीं, बल्कि सिर्फ एक बच्चा था, जो अपने सपने को जी रहा था।
Mukund, an 11-year-old boy from Jalgaon, has been undergoing treatment at Tata Memorial Hospital for metastatic bone cancer. Mukund shared a simple but extraordinary wish — he wanted to meet a special person and sit in a Lamborghini.
— ImPaCCT Foundation (@ImpacctF) January 28, 2026
What followed was nothing short of magical.… pic.twitter.com/v39TowUSae
यह अनुभव यहीं खत्म नहीं हुआ। पोस्ट के मुताबिक, बाद में मुकुंद को लैंबॉर्गिनी के शोरूम भी बुलाया गया। वहां टीम ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, कार को नजदीक से दिखाया और उनके सवालों के जवाब दिए।
यह पल मुकुंद के लिए सिर्फ एक ड्राइव नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव बन गया।
X पर एक अलग पोस्ट में, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. परमेश सी एस ने बताया कि बच्चा पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का सपना देखता है। लग्जरी कार की सवारी तो पूरी हो गई थी, लेकिन क्रिकेट के दिग्गज से मिलना अभी बाकी था। डॉ. परमेश ने सोशल मीडिया यूजर्स से मदद की अपील की, और कहा कि धोनी के साथ थोड़ी देर की वर्चुअल बातचीत भी उस छोटे लड़के के लिए बहुत मायने रखेगी।
Grateful to our Paediatric Oncology team for making this happen: one of our children with an incurable cancer had two last wishes: meet MS Dhoni, and ride a @Lamborghini. Today, we could make one of these happen. If any of you have contacts with MSD, pls connect us. pic.twitter.com/dMe5iAiVhH
— Pramesh CS (@cspramesh) January 24, 2026
इस भावुक कहानी ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल छू लिया। कई यूजर्स ने इस पहल को बेहद प्यारा और इंसानियत से भरा बताया। वहीं, कई लोगों ने लिखा कि इस छोटे-से पल ने मुकुंद के चेहरे पर जो खुशी लाई होगी, वह अनमोल है।
कभी-कभी किसी बच्चे की छोटी-सी इच्छा उसके इलाज से भी ज्यादा सुकून दे सकती है। मुकुंद की कहानी यह दिखाती है कि संवेदनशीलता और समय पर किया गया एक छोटा कदम भी किसी के जीवन में बड़ी खुशी भर सकता है।
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