Driver Fatigue Reduction: अब लंबे सफर में भी नहीं होगी थकान, जानें कैसे ड्राइविंग को आसान बनाती हैं ये तकनीकें
Car Safety Technology: लंबी दूरी की ड्राइविंग चालक के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से थकाने वाली हो सकती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए आधुनिक कारों में ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी दी जा रही हैं, जो बिना लगातार हस्तक्षेप किए ड्राइवर की थकान कम करती हैं। ये सिस्टम बैक-एंड में काम करते हुए आराम, सतर्कता और सुरक्षा को बेहतर बनाते हैं।
विस्तार
सड़क पर घंटों ड्राइविंग करने से होने वाली थकान और कम होती एकाग्रता कभी-कभी सड़क हादसे का कारण भी बन जाती है। इसीलिए आधुनिक कारें अब ऐसी इनविजिबल तकनीकों से लैस हैं जो ड्राइवर के मानसिक और शारीरिक तनाव को कम करती हैं। एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल से लेकर एर्गोनोमिक सीटों तक, ये फीचर्स ड्राइविंग को आसान और अधिक स्वाभाविक बनाते हैं।
दोहराव वाले कामों से बचाती हैं ये
- हाइवे और ट्रैफिक में स्मार्ट सपोर्ट ड्राइविंग को कम थकाऊ बनाने में एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल (ACC) और लेन कीपिंग असिस्ट की अहम भूमिका होती है। एक ओर जहां एसीसी ट्रैफिक के बीच सुरक्षित दूरी और स्पीड को खुद मैनेज करता है, वहीं लेन कीपिंग असिस्ट गाड़ी के लेन से अनजाने में बाहर जाने पर स्टीयरिंग को हल्का सा सुधारता है।
- ये खासकर लंबे और एकरस हाईवे सफर में ड्राइवर को लेन के बीच में बनाए रखने में मदद करता है, जिससे लगातार छोटे-छोटे सुधार करने की थकान कम होती है। ये दोनों तकनीकें ड्राइवर के दोहराव वाले कामों को कम करती हैं, जिससे लंबी यात्राओं में मानसिक थकान महसूस नहीं होती।
लंबे समय तक फोकस के लिए क्या बेहतर?
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ड्राइवर अटेंशन मॉनिटरिंग सिस्टम आंखों की गति और सिर की स्थिति को ट्रैक करता है, जिससे अगर लंबी ड्राइविंग के दौरान झपकी आने से पहले ही चेतावनी दी जा सके। वहीं, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल केबिन का तापमान अपने-आप संतुलित रखता है। ज्यादा गर्मी या ठंड से होने वाली शारीरिक थकान कम होती है, जिससे ड्राइवर बिना बार-बार सेटिंग बदले लंबे समय तक फोकस बनाए रख सकता है।
एचयूडी और लंबर सपोर्ट सीटें बन रही चालकों की पसंद
देखने और बैठने के तरीके में सुधार के लिए हेड्स-अप डिस्प्ले (HUD) और लंबर सपोर्ट वाली सीटें चालकों की पसंद बन रही हैं। एचयूडी तकनीक से ड्राइवर को डैशबोर्ड देखने के लिए नजरें नीचे नहीं करनी पड़तीं, जिससे रिफोकसिंग का प्रयास कम होता है। साथ ही, बेहतर पोस्चर वाली सीटें मांसपेशियों के खिंचाव को रोकती हैं, जिससे ड्राइवर घंटों फर्राटा भरने के बाद भी फ्रेश और अलर्ट रहता है।