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WhatsApp Business पर फ्री में नहीं चला सकेंगे AI: मेटा ने बदले नियम, यूजर्स को कब से और कितना देना होगा शुल्क?
Thu, 02 Jul 2026 02:11 PM IST
Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:11 PM IST
सार
Meta AI: अगर आप व्हाट्सएप बिजनेस का इस्तेमाल करते हैं, तों आपके लिए एक बड़ा अपडेट आने वाला है। अब यूजर्स एआई बिजनेस एजेंट का इस्तेमाल पहले जैसे मुफ्त में नहीं कर सकेंगे। आइए जानते हैं यह नियम कब से लागू होगा और एआई का प्रयोग करने के लिए आपको कितने रुपये खर्च करने होंगे?
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व्हाट्सएप बिजनेस यूजर्स के लिए बदलने वाले हैं नियम
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
WhatsApp Business AI: मेटा ने पिछले महीने ही व्हाट्सएप बिजनेस के लिए एक एडवांस्ड एजेंट लॉन्च किया था। यह बॉट बिना थके 24 घंटे काम करता है, ग्राहकों के सवालों के जवाब दे सकता है, लीड्स जेनरेट कर सकता है, प्रोडक्ट्स की सिफारिश कर सकता है, अपॉइंटमेंट बुक कर सकता है और जरूरत पड़ने पर चैट को इंसानी कर्मचारी को ट्रांसफर कर सकता है।
हालांकि अब तक इसके लिए प्रति-मैसेज के हिसाब से बिलिंग होती थी, लेकिन एक अगस्त से मेटा इसे पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। अब बिजनेस को टोकन की खपत के आधार पर बिल भेजा जाएगा। मेटा का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर कस्टमर सपोर्ट और सेल्स में एआई की रोल महत्वपूर्ण है, और यह नया मॉडल यूजर के प्रॉम्प्ट (सवाल) को प्रोसेस करने में लगने वाली वास्तविक एआई टोकन को सही तरह से दर्शाता है। हालांकि मेटा कोई पहली कंपनी नहीं है, जो ऐसा कर रही है, ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही इसी टोकन-बेस्ड बिलिंग पर काम कर रही हैं।
कब से लागू होगा यह नियम?
मेटा ने बताया है कि एक अगस्त 2026 से व्हाट्सएप बिजनेस पर एआई एजेंट का उपयोग करने वाले कारोबारियों से मैसेज के हिसाब से नहीं, बल्कि टोकन के आधार पर शुल्क लिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि एआई अब पहले से ज्यादा जटिल सवालों के जवाब देता है, इसलिए नया मॉडल वास्तविक एआई प्रोसेसिंग लागत को बेहतर तरीके से दर्शाएगा।
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व्हाट्सएप बिजनेस एआई एजेंट क्या है?
मेटा अब कितना चार्ज करेगा?
जबकि प्रीमियम और बड़े बिजनेस के लिए अलग व्यवस्था है।
एक अक्तूबर से सर्विस मैसेज फिर होंगे पेड
यह बदलाव क्यों किया जा रहा है?
भारत मेटा के लिए सबसे बड़ा बाजार
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हालांकि अब तक इसके लिए प्रति-मैसेज के हिसाब से बिलिंग होती थी, लेकिन एक अगस्त से मेटा इसे पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। अब बिजनेस को टोकन की खपत के आधार पर बिल भेजा जाएगा। मेटा का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर कस्टमर सपोर्ट और सेल्स में एआई की रोल महत्वपूर्ण है, और यह नया मॉडल यूजर के प्रॉम्प्ट (सवाल) को प्रोसेस करने में लगने वाली वास्तविक एआई टोकन को सही तरह से दर्शाता है। हालांकि मेटा कोई पहली कंपनी नहीं है, जो ऐसा कर रही है, ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही इसी टोकन-बेस्ड बिलिंग पर काम कर रही हैं।
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कब से लागू होगा यह नियम?
मेटा ने बताया है कि एक अगस्त 2026 से व्हाट्सएप बिजनेस पर एआई एजेंट का उपयोग करने वाले कारोबारियों से मैसेज के हिसाब से नहीं, बल्कि टोकन के आधार पर शुल्क लिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि एआई अब पहले से ज्यादा जटिल सवालों के जवाब देता है, इसलिए नया मॉडल वास्तविक एआई प्रोसेसिंग लागत को बेहतर तरीके से दर्शाएगा।
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व्हाट्सएप बिजनेस एआई एजेंट क्या है?
- मेटा का बिजनेस एआई एजेंट एक ऐसा एआई असिस्टेंट है, जिसे बिजनेस अपने व्हाट्सएप अकाउंट से जोड़ सकते हैं। यह कई काम अपने आप कर सकता है, जैसे ग्राहकों के सवालों का जवाब देना, प्रोडक्ट की जानकारी देना, प्रोडक्ट रिकमेंड करना, अपॉइंटमेंट बुक करना, लीड्स कैप्चर और क्वालिफाई करना व 24x7 कस्टमर सपोर्ट देना।
- जरूरत पड़ने पर बातचीत इंसानी एजेंट को ट्रांसफर करना। मेटा ने पिछले महीने इस फीचर को लॉन्च किया था और भारत व मैक्सिको सहित कई देशों में लगभग दो साल तक इसका परीक्षण किया गया।
मेटा अब कितना चार्ज करेगा?
- नए प्राइसिंग मॉडल के तहत मेटा ने ग्लोबल रेट तय की है। यूजर्स को 10 लाख (1 मिलियन) टोकन के लिए 2 डॉलर यानी करीब 189 रुपये चुकाने होंगे। एक सामान्य मैसेज में लगभग 20 हजार से 25 हजार टोकन खर्च होते हैं।
- यानी प्रति मैसेज लगभग 4 से 5 सेंट का खर्च आ सकता है। हालांकि अंतिम लागत इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्राहक का सवाल कितना सरल या कठिन है।
- मेटा ने इसे अलग से उदाहरण देकर भी समझाया है। बताया कि "आप कब खुलते हैं?" जैसे आसान सवाल में करीब 80 हजार टोकन खर्च होंगे और लगभग 16 से 20 सेंट की लागत आएगी।
- वहीं, किसी तकनीकी समस्या या विस्तृत गाइडेंस वाले सवाल में 2.5 लाख टोकन तक खर्च हो सकते हैं, जिससे लागत 40 से 50 सेंट तक पहुंच सकती है।
जबकि प्रीमियम और बड़े बिजनेस के लिए अलग व्यवस्था है।
- मेटा के अनुसार, छोटे बिजनेस व्हाट्सएप बिजनेस प्रीमियम के कुछ सब्सक्रिप्शन प्लान के जरिए AI एजेंट का इस्तेमाल कर सकेंगे। बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों से टोकन उपयोग के आधार पर बिलिंग की जाएगी।
- अगर कोई कंपनी ओपनएआई या एंथ्रोपिक जैसे थर्ड-पार्टी एआई मॉडल का उपयोग करती है, तो उसे एआई प्रोसेसिंग और मैसेज डिलीवरी के लिए अलग-अलग भुगतान करना पड़ सकता है। जबकि मेटा बिजनेस एजेंट में दोनों का शुल्क एक साथ शामिल होगा।
एक अक्तूबर से सर्विस मैसेज फिर होंगे पेड
- मेटा ने यह भी कहा है कि एक अक्तूबर 2026 से व्हाट्सएप बिजनेस पर भेजे जाने वाले नॉन-टेम्प्लेट सर्विस मैसेज पर फिर से शुल्क लिया जाएगा।
- ये वही मैसेज होंगे जो एआई एजेंट के बाहर भेजे जाएंगे और जिन्हें कंपनी लगभग दो साल पहले मुफ्त कर चुकी थी।
- भारत में फिलहाल ऐसे मैसेज की कीमत लगभग 0.115 प्रति मैसेज है। मेटा ने कहा है कि अलग-अलग देशों के हिसाब से कीमत तय होगी और नई दरें एक सितंबर तक जारी कर दी जाएंगी।
यह बदलाव क्यों किया जा रहा है?
- मेटा का कहना है कि व्हाट्सएप बिजनेस पर एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एआई आधारित ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने और प्लेटफॉर्म को टिकाऊ बनाने के लिए नया प्राइसिंग मॉडल लागू किया जा रहा है।
- यह बदलाव जुलाई 2025 में लागू हुए प्रति-मैसेज बिलिंग मॉडल के बाद अगला बड़ा अपडेट माना जा रहा है।
भारत मेटा के लिए सबसे बड़ा बाजार
- आपको बता दें भारत में व्हाट्सएप के सबसे ज्यादा यूजर्स हैं। देश में करीब 85 करोड़ लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इंडस्ट्री अनुमान के अनुसार भारत से व्हाट्सएप बिजनेस के जरिए हर साल 1 अरब डॉलर से ज्यादा का राजस्व आता है।
- ऐसे में मेटा का नया एआई चार्जिंग मॉडल भारतीय कारोबारियों पर भी सीधा असर डालेगा।