WhatsApp यूजरनेम विवाद: सरकार की सख्ती के बाद Zoho का बड़ा फैसला, Arattai ने फीचर हटाने का किया एलान!
Zoho Says Arattai Will Disable Username-Based Accounts: व्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर बढ़ते विवाद और सरकार की आपत्तियों के बीच जोहो के भारतीय मैसेजिंग एप अरट्टाई ने बड़ा फैसला लिया है। जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने पुष्टि की है कि अरट्टाई अपने प्लेटफॉर्म से यूजरनेम-आधारित अकाउंट फीचर हटा देगा। जानिए ये पूरा विवाद क्या है और जोहो ने ये फैसला क्यों लिया?
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विस्तार
व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर को लेकर इन दिनों काफी चर्चा है। इसी बीच, जोहो (Zoho) के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने एलान किया है कि उनका स्वदेशी मैसेजिंग एप Arattai अब यूजरनेम फीचर को हटा रहा है। आइए समझते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है।
क्या है व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर और क्यों मचा बवाल?
मेटा अपने मैसेजिंग एप व्हाट्सएप पर एक नया फीचर लाने की तैयारी में था, जिससे यूजर्स मोबाइल नंबर के बजाय अपना एक यूजरनेम सेट कर सकते थे। कंपनी इसे इस साल के अंत तक रोलआउट करने वाली थी और इसके लिए नाम रिजर्व करने का विकल्प भी दिया जा रहा था। हालांकि, भारत सरकार ने बुधवार को मेटा को नोटिस भेजकर इस फीचर पर तुरंत रोक लगाने को कहा। साथ ही, कंपनी को 3 दिन के अंदर जवाब देने का निर्देश भी दिया गया है।
सरकार ने क्यों लगाई रोक?
सरकार का मानना है कि यूजरनेम फीचर से ऑनलाइन ठगी जैसे मामले काफी बढ़ सकते हैं। मिलते-जुलते या फर्जी नाम बनाकर ठग लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं, जिससे असली इंसान को पहचानना मुश्किल हो जाएगा और आम यूजर्स ठगी का शिकार हो सकते हैं। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया था कि ये फीचर पूरी तरह से वैकल्किप रहेगा।
जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू का फैसला
इस पूरे मामले और सरकार की चिंताओं को देखते हुए जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने X पर एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने साफ किया कि सरकार के नए नियमों और निर्देशों का पालन करते हुए, वे अपने मैसेजिंग एप Arattai से भी यूजरनेम-आधारित अकाउंट फीचर को बंद कर रहे हैं।
यूजरनेम आधारित अकाउंट के मुख्य नुकसान
यूजरनेम फीचर को लेकर सुरक्षा से जुड़ी कई चिंताएं हैं, जिन्हें इस तरह समझा जा सकता है:
- फर्जी पहचान का खतरा: असली और नकली अकाउंट में फर्क करना आम इंसान के लिए मुश्किल हो जाएगा।
- साइबर ठगी में इजाफा: ठग मिलते-जुलते यूजरनेम का फायदा उठाकर लोगों को आसानी से बेवकूफ बना सकते हैं।
- सेलिब्रिटी और ब्रांड्स की नकल: बड़ी कंपनियों और मशहूर हस्तियों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को फंसाया जा सकता है।
- सोशल इंजीनियरिंग अटैक: स्पैम मैसेजेस और फिशिंग लिंक्स बढ़ने की आशंका है।
- कानून प्रवर्तन के लिए चुनौती: पुलिस और जांच एजेंसियों को असली अपराधियों की पहचान करने और उन्हें ट्रैक करने में काफी दिक्कत होगी।
व्हाट्सएप ने दी सफाई
इस बवाल के बीच व्हाट्सएप ने अपने आधिकारिक X अकाउंट से पोस्ट कर अपनी स्थिति साफ की है। कंपनी ने कहा है कि यूजरनेम पूरी तरह से एक वैकल्पिक सुविधा है। इसे चालू करना या न करना पूरी तरह से यूजर की मर्जी पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, व्हाट्सएप ने यह भी बताया कि पब्लिक फिगर्स और सेलिब्रिटीज के यूजरनेम को पहले से ही सुरक्षित रखा गया है ताकि उनकी नकल न की जा सके।