विजयादशमी 2026: बिहार में सबसे बड़े रावण के पुतले का दहन कहां होगा, क्या है तैयारी? ट्रैफिक रूट भी बदला
विजयादशमी के अवसर पर पटना में होने वाले रावण दहन कार्यक्रम की चर्चा खूब हो रही है। आयोजकों का दावा है कि इस बार गांधी मैदान में देश के दूसरे सबसे बड़े रावण के पुतले का दहन होगा। इसके लिए सारी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी भी पहली बार इस समारोह में शामिल होंगे।
विस्तार
पटना में दशहरा के मौके पर गांधी मैदान एक बार फिर रावण वध समारोह का गवाह बनेगा। 20 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में तीन विशाल पुतलों का दहन आकर्षण का केंद्र रहेगा। आयोजन समिति वालों का कहना कि 20 अक्तूबर को होने वाली समारोह में जलने वाले रावण की ऊंचाई 90 फीट रखी गई है। मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले भी क्रमशः 85 और 80 फीट ऊंचे होंगे। आयोजन समिति वालों का कहना है कि गांधी मैदान में जिस रावण के पुतले का दहन होगा, वह बिहार में सबसे बड़ा है। अन्य जिलों में भी पुतला दहन होता है लेकिन उसकी ऊंचाई उतनी नहीं है। इतना ही नहीं आयोजन समिति वालों ने दावा किया कि ऊंचाई के मामले में रावण का यह पुतला देश में दूसरे नंबर पर है। इससे बड़ा पुतला केवल लखनऊ में दहन होने जा रहा है। पिछले साल यानी 2025 में 80 फीट के रावण, 75 फीट के मेघनाद और 70 फीट के कुंभकरण का पुतला दहन किया गया था।
इसके अलावा समारोह में इस बार खास तरह की आतिशबाजी का इंतजाम किया गया है। यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होगी। 30 मिनट चलने वाली यह आतिशबाजी काफी आकर्षक होगी। साथ ही सांस्कृतिक झलकियां भी देखने को मिलेंगी। आयोजकों का कहना है कि मौसम विभाग ने पुतहा दहल के दिन हल्की बारिश का आसार जताया है। इससे सभी पुतलों को बारिश से सुरक्षित रखने के लिए इसमें स्टील के पाइप का उपयोग किया गया है। इस समारोह में 30 लाख से अधिक की राशि खर्च होने का अनुमान है।
71 साल से जारी है गांधी मैदान की परंपरा
गांधी मैदान का रावण वध समारोह पटना के प्रमुख दशहरा आयोजनों में शामिल है। आयोजन समिति के अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 1955 में हुई थी। तब पाकिस्तान के लाहौर के गुजरेवाला गांव से पटना आए बख्शी राम गांधी ने अपने भाइयों और सहयोगियों के साथ इस आयोजन की शुरुआत की थी। उस साल 40 फीट का रावण का पुतला गया के एक मुस्लिम कारीगर ने बनाया था। उसी वक्त श्री दहशरा समिति ट्रस्ट बनाई गई थी। तब से हर साल (1962, 1965, 1971, 1975 को छोड़कर) गांधी मैदान में पुतला दहन कार्यक्रम होता है। 2026 में यह परंपरा 71वें वर्ष में पहुंच गई है। समिति के चेयरमैन कमल नोपानी ने कहा कि यह आयोजन केवल पुतला दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की आस्था, संस्कृति और परिवारों की परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि समारोह में बिहार के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा नगालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव और अन्य कई विभागों के मंत्री व अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। खास बात है कि मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी पहली बार पुतला दहन कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। पिछले साल यानी 2025 में मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार ने पुतला दहन किया था।
पटना के डीएम ने कार्यक्रम को लेकर क्या निर्देश दिया?
रविवार शाम को पटना के जिलाधिकारी और एसएससी ने गांधी मैदान में पुतला दहन स्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कहा कि देश में कई जगह भीड़ प्रबंधन में मामूली चूक के कारण अप्रिय घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं से सीख लेते हुए सभी दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें तथा पूरी सतर्कता एवं तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी अपने निर्धारित स्थल पर मुस्तैद रहें, भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखें तथा किसी भी संभावित समस्या पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आपसी समन्वय से स्थिति को नियंत्रित करें। समारोह के वक्त गांधी मैदान में एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके और आवश्यक सूचनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं सतर्कता के साथ कार्य करें, ताकि दुर्गा पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।
सुबह 11 बजे से गांधी मैदान की ओर जाने में होगी परेशानी
इधर, पुतहा दहन के दिन आवाजाही में किसी तरह की परेशानी लोगों को नहीं हो, इसके लिए पटना यातायात पुलिस की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं। समारोह के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 20 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोकी जाने का फैसला लिया गया है। पटना यातायात के एसपी सागर कुमार झा ने बताया कि तय किए गए मार्गों पर वाहन खड़े करने के साथ ठेला लगाने पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोगों और वीवीआईपी के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आसपास की सड़कों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा। समारोह में शामिल होने वाले लोगों के लिए बेहतर होगा कि वे निकलने से पहले अपने रास्ते की जानकारी कर लें और प्रतिबंधित सड़कों से बचें। इससे गांधी मैदान पहुंचने के दौरान होने वाली परेशानी कम हो सकती है।
जानिए जारी किए गए ट्रैफिक प्लान के बारे में
- डाकबंगला और भट्टाचार्य चौराहे से गांधी मैदान की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। न्यू डाकबंगला रोड से एसपी वर्मा रोड की तरफ जाने वाले रास्ते पर भी प्रतिबंध रहेगा।
- यातायात व्यवस्था के तहत डाकबंगला चौराहे से वाहनों को न्यू डाकबंगला रोड की ओर और भट्टाचार्य मोड़ से राजेंद्र पथ की तरफ भेजा जाएगा।
- जेपी गंगा पथ पर आयुक्त कार्यालय के सामने स्थित गोलंबर से गांधी मैदान की ओर जाने वाले वाहनों पर रोक रहेगी। रामगुलाम चौक से पश्चिम जेपी गोलंबर की तरफ भी परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, जेपी गोलंबर से चिल्ड्रेन पार्क के बीच का रास्ता सुरक्षित रखा जाएगा।
- गांधी मैदान के पश्चिमी हिस्से की ओर जाने वाले कई रास्तों पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा। ठाकुरबाड़ी मोड़ और बाकरगंज मोड़ से पश्चिम की दिशा में गांधी मैदान की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। आईएमए हॉल, होटल पनास, ट्विन टावर और मौर्या होटल के पास स्थित कटिंग से भी गांधी मैदान की तरफ आवाजाही बंद रहेगी।
- अशोक राजपथ पर गोविंद मित्रा रोड मोड़ से पश्चिम कारगिल चौक की ओर वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। वहीं, बुद्ध मार्ग पर कोतवाली टी से पुलिस लाइन तिराहे तक गांधी मैदान की ओर जाने वाले रास्ते बंद रहेंगे।
- नेहरू पथ से गांधी मैदान की ओर आने वाले व्यावसायिक वाहनों को आयकर गोलंबर से दूसरे रास्ते पर भेजा जाएगा। ऑटो, रिक्शा और ठेला को वहां से दाहिनी ओर वीरचंद पटेल पथ की तरफ मोड़ा जाएगा।