{"_id":"6a73c9a6dc4873f3fe0ddec3","slug":"bihar-govt-to-appoint-nodal-officers-for-upper-castes-in-all-38-districts-after-bankipur-bypoll-setback-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar Politics: बांकीपुर उपचुनाव के झटके के बाद सवर्ण मिशन पर भाजपा? 38 जिलों में नोडल अधिकारी बदलेंगे समीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar Politics: बांकीपुर उपचुनाव के झटके के बाद सवर्ण मिशन पर भाजपा? 38 जिलों में नोडल अधिकारी बदलेंगे समीकरण
Thu, 06 Aug 2026 05:14 AM IST
शिवम गर्ग
कुमार निशांत, पटना।
कुमार निशांत, पटना।
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 06 Aug 2026 05:14 AM IST
सार
बांकीपुर उपचुनाव के बाद बिहार सरकार ने सभी 38 जिलों में सवर्ण समाज से जुड़े मामलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का फैसला किया है। सरकार इसे प्रशासनिक सुधार बता रही है, जबकि विपक्ष इसे सवर्ण वोट बैंक को साधने की चुनावी रणनीति मान रहा है। नोडल अधिकारी ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र, जमीन विवाद और अन्य शिकायतों के समाधान में मदद करेंगे।
विज्ञापन
सवर्ण मिशन पर भाजपा
- फोटो : Amar Ujala Graphics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में झटका लगने के बाद बिहार सरकार ने राज्य के सभी 38 जिलों में सवर्ण समाज से जुड़े मामलों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का फैसला किया है। सरकार इसे प्रशासनिक सुधार बता रही है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे सवर्ण वोट बैंक को फिर से मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि जिला स्तर पर सवर्ण समाज की शिकायतों के लिए इस तरह की व्यवस्था पहली बार बनाई जा रही है।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाणपत्र, जमीन विवाद, जातीय उत्पीड़न और अन्य शिकायतों के समाधान में मदद करेंगे। अब तक इन मामलों का निपटारा मुख्य रूप से पटना स्थित बिहार सवर्ण आयोग के स्तर पर होता था। आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र सिंह के अनुसार, जिला स्तर पर व्यवस्था बनने से शिकायतों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। इस फैसले की टाइमिंग को लेकर भी चर्चा है। बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के तुरंत बाद इसकी घोषणा हुई है।
विज्ञापन
विपक्ष ने इसे चुनावी रणनीति बताया
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अपने पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक से मिले नाराजगी के संकेतों के बाद सामाजिक समीकरण साधने में जुटी है। विपक्ष ने इसे चुनावी रणनीति बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। जातीय राजनीति के लिए चर्चित बिहार में इस फैसले को आगामी चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
विज्ञापन