Bihar: सहयोग शिविर में सीएम सम्राट चौधरी ने क्या घोषणाएं की, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क को लेकर खास बात की
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शिविर का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और पात्र लोगों को एक ही स्थान पर सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। इसके अलावा भी उन्होंने कई बातें की। आइए जानते हैं...
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को सभी 534 प्रखंडों में सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति के दरवाजे तक पहुंचाना है। उन्होंने फुलवारीशरीफ प्रखंड के नदियावां में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और रिमोट के माध्यम से 73 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। सीएम ने कहा कि बिहार में 18 से 20 लाख ऐसे परिवार हैं, जिनका केवाईसी नहीं हुआ है या आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है। ऐसे लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे पात्र लोगों को चिन्हित कर जल्द से जल्द पेंशन योजना से जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर के माध्यम से अब तक 3.25 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2.75 लाख से अधिक का निष्पादन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 99.99 प्रतिशत आवेदनों का निपटारा 25 दिनों के भीतर किया जा रहा है।
हर प्रखंड में बनेगा मॉडल स्कूल
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ने बिहार के सभी 534 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन स्कूलों में समाज के सभी वर्गों के बच्चे एक साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेंगे। साथ ही फुलवारीशरीफ के नदियावां मध्य विद्यालय को प्लस टू विद्यालय में उत्क्रमित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन वर्षों में पीपीपी मॉडल पर कोईलवर से दीघा तथा मुंगेर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा नत्थूपुर सड़क को एम्स गोलंबर से जोड़कर आवागमन को और सुगम बनाया जाएगा।
डॉक्टरों को क्या चेतावनी दी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त से ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे अनुमंडलीय और जिला अस्पतालों से अनावश्यक रेफरल पर रोक लगेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सामान्य मरीजों को पीएमसीएच, आईजीआईएमएस या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं और किसानों को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 48 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं और अगले दो वर्षों में यह संख्या एक करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मनरेगा की बकाया राशि के रूप में केंद्र सरकार 30 जून तक बिहार को 4,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज कायम है और अपराधियों को 48 घंटे के भीतर जवाब दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में टाउनशिप परियोजनाओं के जरिए 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी चल रही है, जिससे रोजगार और विकास को नई गति मिलेगी।