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Bihar: समस्तीपुर में गैंगवार से सनसनी, ताबड़तोड़ फायरिंग में दो युवकों की बेरहमी से हत्या; भारी पुलिस बल तैनात
Wed, 08 Jul 2026 10:18 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 08 Jul 2026 10:18 AM IST
सार
समस्तीपुर के नामापुर दरिया गांव में देर रात बदमाशों ने कथित शराब कारोबारी प्रभात चौधरी और उसके साथी सन्नी कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस गैंगवार, पुरानी रंजिश और अवैध कारोबार समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
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हथियारबंद बदमाशों ने शराब कारोबारी और उसके साथ की गोली मारकर हत्या की
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
समस्तीपुर जिले के चकमेहसी थाना क्षेत्र स्थित नामापुर दरिया गांव में मंगलवार देर रात हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। हथियारबंद बदमाशों ने कथित शराब कारोबारी प्रभात चौधरी और उसके साथी सन्नी कुमार पर बेहद नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रभात चौधरी के शरीर पर एक दर्जन से अधिक गोलियां लगने की बात सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी। मृतकों की पहचान नीमा चकहैदर निवासी संजय चौधरी के पुत्र प्रभात चौधरी और बेलसंडी निवासी मुकेश साह के पुत्र सन्नी कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रभात चौधरी के खिलाफ शराब तस्करी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
घटना के बाद गांव में दहशत
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर मिथिला प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी, पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह, सदर डीएसपी-2 संजय कुमार और चकमेहसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, जबकि पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
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अवैध कारोबार समेत सभी पहलुओं पर जांच
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। जांच टीम गैंगवार, आपसी रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई, अवैध कारोबार से जुड़े विवाद और अन्य संभावित पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
कोर्ट शूटआउट से भी जोड़े जा रहे जांच के तार
पुलिस पुराने मामलों को भी खंगाल रही है। कुछ वर्ष पहले समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान प्रभात चौधरी पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह बच गया था। उस मामले में पुलिस ने वर्चस्व की लड़ाई और शराब कारोबार से जुड़े विवाद का खुलासा करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल पुराने मामले और मौजूदा दोहरे हत्याकांड के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ये भी पढ़ें- Bihar : डीएम दफ्तर के सामने दो हजार की रिश्वत लेते धराया बाबू, फाइल बढ़ाने के लिए मांगी थी घूस
एसआईटी का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने सदर डीएसपी-2 संजय कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रभात चौधरी के शरीर पर एक दर्जन से अधिक गोलियां लगने की बात सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी। मृतकों की पहचान नीमा चकहैदर निवासी संजय चौधरी के पुत्र प्रभात चौधरी और बेलसंडी निवासी मुकेश साह के पुत्र सन्नी कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रभात चौधरी के खिलाफ शराब तस्करी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
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घटना के बाद गांव में दहशत
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर मिथिला प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी, पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह, सदर डीएसपी-2 संजय कुमार और चकमेहसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, जबकि पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
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अवैध कारोबार समेत सभी पहलुओं पर जांच
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। जांच टीम गैंगवार, आपसी रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई, अवैध कारोबार से जुड़े विवाद और अन्य संभावित पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
कोर्ट शूटआउट से भी जोड़े जा रहे जांच के तार
पुलिस पुराने मामलों को भी खंगाल रही है। कुछ वर्ष पहले समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान प्रभात चौधरी पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह बच गया था। उस मामले में पुलिस ने वर्चस्व की लड़ाई और शराब कारोबार से जुड़े विवाद का खुलासा करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल पुराने मामले और मौजूदा दोहरे हत्याकांड के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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एसआईटी का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने सदर डीएसपी-2 संजय कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।