बिहार में जेलों पर आधी रात से सुबह तक सघन छापामारी: दरभंगा, सहरसा और हाजीपुर मंडल कारा में मची अफरातफरी
Raids on Jails in Bihar: बिहार के दरभंगा, सहरसा और हाजीपुर मंडल कारा में औचक छापामारी और निरीक्षण किए गए। सभी जगह सघन तलाशी के बावजूद कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रखने के संकेत दिए।
विस्तार
दरभंगा में बीती रात करीब 12 बजे मंडल कारा में अचानक छापामारी से हड़कंप मच गया। डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी के नेतृत्व में करीब 169 अधिकारियों और पुलिस बल की टीम ने जेल परिसर में प्रवेश कर तलाशी अभियान शुरू किया। लगभग दो से तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में सभी वार्डों और बैरकों की गहन जांच की गई। हालांकि इस दौरान किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। जेल अधीक्षक स्नेहलता ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कैदियों के पास से कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
प्रशासनिक सक्रियता और हालिया घटनाओं का संदर्भ
बताया जा रहा है कि नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ी है और अधिकारी अपने-अपने जिलों में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए सतर्क हैं। हाल के दिनों में प्रेम ज्वेलर्स में दिनदहाड़े हुई 2 करोड़ की लूट की घटना, जिसकी साजिश दलसिंहसराय जेल में बंद अपराधियों द्वारा रचे जाने की बात सामने आई थी, ने भी इस तरह की कार्रवाई को और महत्वपूर्ण बना दिया है। दरभंगा मंडल कारा में भी एक दर्जन से अधिक कुख्यात अपराधियों के बंद होने की जानकारी दी गई है।
सहरसा में देर रात औचक निरीक्षण, चप्पे-चप्पे की जांच
इसी सिलसिले में सहरसा मंडल कारा में गुरुवार देर रात जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु भारी पुलिस बल के साथ औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस कार्रवाई से जेल प्रशासन और कैदियों में खलबली मच गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को परखना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। तलाशी के दौरान वार्डों, बैरकों और अन्य हिस्सों की बारीकी से जांच की गई, ताकि मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामग्री की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
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सुरक्षा मानकों पर सख्ती और निगरानी
सहरसा में अधिकारियों ने जेल कर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कैदियों की गतिविधियों, निगरानी व्यवस्था और जेल में उपलब्ध सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस तरह की नियमित जांच से जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ बाहरी आपराधिक नेटवर्क पर भी अंकुश लगाया जा सकता है।
हाजीपुर मंडल कारा में सुबह-सुबह छापामारी
वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित मंडल कारा में भी सुबह के समय अचानक छापामारी की गई। वैशाली जिला अधिकारी और वैशाली पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ अधिकारियों की टीम जेल पहुंची। उस समय अधिकांश कैदी सो रहे थे, जिससे अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। महिला और पुरुष दोनों वार्डों में गहन तलाशी ली गई।
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गहन जांच के बाद नहीं मिली आपत्तिजनक सामग्री
हाजीपुर में छापामारी के दौरान जेल के सभी वार्डों, बैरकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तार से अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने बंदियों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और कारा प्रशासन के कार्यों का भी मूल्यांकन किया। निरीक्षण के बाद किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने कारा प्रशासन को सतर्कता बनाए रखने और सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
राज्यभर में सख्ती का संदेश
इससे पहले शुक्रवार अहले सुबह जिलाधिकारी की अगुवाई में बिहार पुलिस की टीम ने गया, सीतामढ़ी, नालंदा, समस्तीपुर, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण समेत कई जेलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस टीम जेल के अंदर गई। औचक छापामारी और निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि जेल परिसर में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि संचालित न हो सके और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जा सके।

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