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Bihar: समस्तीपुर समीक्षा बैठक में सख्त दिखे दामोदर रावत, अनुपस्थित अधिकारियों के वेतन कटौती की चेतावनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 08:14 PM IST
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सार
समस्तीपुर समाहरणालय में आयोजित जिला कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री एवं परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की।
प्रभारी मंत्री एवं बिहार सरकार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत स्वागत करते जिलाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन समिति की बैठक शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री एवं बिहार सरकार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने की। बैठक में सांसद, विधायक, विधान पार्षद, मेयर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
जनता की समस्याओं के समाधान पर दिया जोर
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि जिला कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की समस्याओं को जानना और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निष्पादन किया जाए ताकि लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
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लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति पर प्रभारी मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आगामी बैठकों में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उनका एक दिन का वेतन भी काटा जाएगा।
बैठक में सांसद शांभवी चौधरी, विधायक महेश्वर हजारी, अश्वमेघ देवी, राजकुमार राय, वीरेंद्र कुमार और राजेश कुमार सिंह, विधान पार्षद तरुण कुमार, मेयर अनीता राम सहित समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में जनहित और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। साथ ही विकास योजनाओं को गति देने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करने का निर्देश दिया गया।
जनता की समस्याओं के समाधान पर दिया जोर
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि जिला कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की समस्याओं को जानना और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निष्पादन किया जाए ताकि लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति पर प्रभारी मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आगामी बैठकों में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उनका एक दिन का वेतन भी काटा जाएगा।
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कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूदबैठक में सांसद शांभवी चौधरी, विधायक महेश्वर हजारी, अश्वमेघ देवी, राजकुमार राय, वीरेंद्र कुमार और राजेश कुमार सिंह, विधान पार्षद तरुण कुमार, मेयर अनीता राम सहित समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में जनहित और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। साथ ही विकास योजनाओं को गति देने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करने का निर्देश दिया गया।