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Bihar: EO विमल कुमार हत्याकांड पर फूटा अधिकारियों का गुस्सा, सचिवालय मार्च रोका तो सड़क पर धरना
Sun, 02 Aug 2026 05:43 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 05:43 PM IST
सार
Bihar News: डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के विरोध में बिहार के कार्यपालक पदाधिकारियों ने पटना में प्रदर्शन किया। सचिवालय मार्च रोके जाने पर अधिकारियों ने सड़क पर धरना दिया और पांच करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी, सुरक्षा तथा शस्त्र लाइसेंस की मांग उठाई। ईओ की पत्नी ने स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाया है।
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कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के विरोध में रविवार को पटना में अधिकारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। दिवंगत अधिकारी का पार्थिव शरीर उनके आवास पहुंचने के बाद निकाली गई शवयात्रा के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी सचिवालय जाकर सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने गोला रोड स्थित कृष्णा चौक के पास उन्हें रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और अधिकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए।
सचिवालय मार्च रोका तो सड़क पर बैठ गए अधिकारी
प्रशासन द्वारा सचिवालय जाने से रोके जाने के विरोध में सभी कार्यपालक पदाधिकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने नगर विकास मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पटना के डीडीसी और सिटी एसपी (वेस्ट) संकेत कुमार मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
सरकार के सामने रखीं चार बड़ी मांगें
धरने पर बैठे अधिकारियों ने सरकार के समक्ष कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने दिवंगत विमल कुमार के परिजनों को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा, उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी, सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की। अधिकारियों का कहना था कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
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दानापुर आवास पर उमड़ी भीड़, सड़क जाम
उधर, दानापुर के गोला रोड टी-प्वाइंट स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट में विमल कुमार का पार्थिव शरीर पहुंचते ही शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। उनके आवास के बाहर लोगों ने विरोध स्वरूप मुख्य सड़क जाम कर दी। सूचना मिलते ही दानापुर एसडीएम, नगर परिषद के कई कार्यपालक पदाधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय लोग और शुभचिंतक मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल रहा।
पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
विमल कुमार की शनिवार रात औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र स्थित धनौती पुल के पास हत्या कर दी गई थी। गंभीर अवस्था में उन्हें नारायण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जमुहार ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर के बाद पत्नी बबीता, सात वर्षीय पुत्री वैभवी और पांच वर्षीय पुत्र विवान को औरंगाबाद से दानापुर स्थित आवास लाया गया। परिवार की हालत देख मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
पत्नी ने विधायक पर लगाया गंभीर आरोप
मृतक की पत्नी बबीता ने स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और उनसे 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई तभी सामने आएगी जब किसी भी तरह के दबाव से मुक्त होकर जांच की जाएगी। बबीता ने आरोपों की सत्यता सामने लाने के लिए संबंधित लोगों का नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही उन्हें न्याय दिला सकती है।
यह भी पढ़ें: रिटायरमेंट के बाद शोभा ओहटकर को बड़ी जिम्मेदारी; सरकार ने BSSC का अध्यक्ष बनाया
चालक गिरफ्तार, हत्या की जांच जारी
पुलिस ने मामले में चालक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या का खुलासा हो चुका है। वहीं, फॉरेंसिक टीम और अन्य जांच एजेंसियां साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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सचिवालय मार्च रोका तो सड़क पर बैठ गए अधिकारी
प्रशासन द्वारा सचिवालय जाने से रोके जाने के विरोध में सभी कार्यपालक पदाधिकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने नगर विकास मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पटना के डीडीसी और सिटी एसपी (वेस्ट) संकेत कुमार मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
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सरकार के सामने रखीं चार बड़ी मांगें
धरने पर बैठे अधिकारियों ने सरकार के समक्ष कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने दिवंगत विमल कुमार के परिजनों को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा, उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी, सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की। अधिकारियों का कहना था कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
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दानापुर आवास पर उमड़ी भीड़, सड़क जाम
उधर, दानापुर के गोला रोड टी-प्वाइंट स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट में विमल कुमार का पार्थिव शरीर पहुंचते ही शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। उनके आवास के बाहर लोगों ने विरोध स्वरूप मुख्य सड़क जाम कर दी। सूचना मिलते ही दानापुर एसडीएम, नगर परिषद के कई कार्यपालक पदाधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय लोग और शुभचिंतक मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल रहा।
पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
विमल कुमार की शनिवार रात औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र स्थित धनौती पुल के पास हत्या कर दी गई थी। गंभीर अवस्था में उन्हें नारायण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जमुहार ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर के बाद पत्नी बबीता, सात वर्षीय पुत्री वैभवी और पांच वर्षीय पुत्र विवान को औरंगाबाद से दानापुर स्थित आवास लाया गया। परिवार की हालत देख मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
पत्नी ने विधायक पर लगाया गंभीर आरोप
मृतक की पत्नी बबीता ने स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और उनसे 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई तभी सामने आएगी जब किसी भी तरह के दबाव से मुक्त होकर जांच की जाएगी। बबीता ने आरोपों की सत्यता सामने लाने के लिए संबंधित लोगों का नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही उन्हें न्याय दिला सकती है।
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चालक गिरफ्तार, हत्या की जांच जारी
पुलिस ने मामले में चालक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या का खुलासा हो चुका है। वहीं, फॉरेंसिक टीम और अन्य जांच एजेंसियां साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।