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Paper Leak : ट्रांसपोर्ट से ही परीक्षा के पेपर लीक; AEDO का पर्चा आउट होने का राज खुला, 35 हवालात में
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Krishan Ballabh Narayan
Updated Fri, 12 Jun 2026 08:12 PM IST
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सार
Bihar : पहले की परीक्षाओं में आमतौर पर लॉजिस्टिक चेन की गड़बड़ी सामने आती थी, जहाँ प्रिंटिंग प्रेस या ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कर्मचारी परीक्षा माफियाओं से मिलकर पेपर लीक करते थे। लेकिन अब परीक्षा माफियाओं ने नया ट्रेंड बनाया है।
डीआईजी मानव सिंह ढिल्लो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक अभियंता परीक्षा और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी परीक्षा घोटाले में आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। इस संबंध में ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि इस बार परीक्षा माफियाओं ने धांधली के लिए बिल्कुल नया और हैरान करने वाला तरीका अपनाया था।
अब बायोमेट्रिक में सेंध
इस संबंध में डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने खुलासा करते हुए बताया कि पहले की परीक्षाओं में आमतौर पर लॉजिस्टिक चेन की गड़बड़ी सामने आती थी, जहाँ प्रिंटिंग प्रेस या ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कर्मचारी परीक्षा माफियाओं से मिलकर पेपर लीक करते थे। लेकिन अब इन लोगों ने नया ट्रेंड बनाया है। इस बार माफियाओं ने सीधे उस डिजिटल सिस्टम को निशाना बनाया, जिसे सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। बीपीएससी ने परीक्षा में अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का ठेका जयपुर की कंपनी मेसर्स साई एजुकेट प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। जांच में सामने आया है कि इस कंपनी के जिला कोऑर्डिनेटर और सुपरवाइजर ही इस पूरे खेल के मुख्य सूत्रधार थे।
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कुल 8 प्राथमिकी दर्ज
इस संबंध में डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि इस मामले को लेकर राज्य के अलग-अलग जिलों में कुल 8 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सबसे पहला केस मुंगेर में दर्ज हुआ था। इसके बाद बेगूसराय, नालंदा, नवादा और पटना के श्रीकृष्णपुरी थाने में भी प्राथमिकियां दर्ज की गईं। इन 8 मामलों में से 5 मुख्य मुकदमों की जांच खुद आर्थिक अपराध इकाई कर रही है, जबकि एईडीओ की परीक्षा में हुई गड़बड़ी के मामले मुख्य रूप से मुंगेर, बेगूसराय, नालंदा और नवादा जिलों से संबंधित हैं। वहीं, पटना के श्रीकृष्णपुरी थाने में दर्ज मामले की जांच भी ईओयू की विशेष टीम कर रही है।
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अब तक 35 आरोपी भेजे गए जेल
इस संबंध में डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई की त्वरित कार्रवाई के तहत इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए अब तक 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल ईओयू इस पूरे नेटवर्क के सरगनाओं और इसमें शामिल लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही सघन छापेमारी भी की जा रही है।