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Bihar: 'बंद करा देंगे कोचिंग सेंटर', बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट ने किसको दी चेतावनी?; जानिए क्या है मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: मगध ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 03:53 PM IST
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सार
गया के अतरी में 170 करोड़ रुपये के टेक्नोलॉजी सेंटर के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा, उद्योग और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का विजन सामने रखा। उन्होंने मॉडल स्कूलों को मजबूत बनाने, निवेश बढ़ाने और अपराध पर सख्ती से नियंत्रण की प्रतिबद्धता दोहराई।
सीएम सम्राट चौधरी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
गया के अतरी विधानसभा क्षेत्र के देवगांव में एमएसएमई के 170 करोड़ रुपये की लागत वाले टेक्नोलॉजी सेंटर के शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने एक ओर मॉडल स्कूलों को इतना बेहतर बनाने की बात कही कि कोचिंग सेंटरों की जरूरत ही खत्म हो जाए, वहीं अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देते हुए कहा कि सुशासन तभी होगा जब अपराधी या तो जेल में हों या उनका पिंडदान गयाजी में हो।
मॉडल स्कूलों से खत्म होगी कोचिंग की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं। इन स्कूलों में ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी कि विद्यार्थियों को निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। उन्होंने कहा कि उनका सपना तब पूरा होगा जब नेताओं और अधिकारियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे। स्कूलों में रात आठ बजे तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
अपराधियों को चेतावनी, पुलिस को 48 घंटे का समय
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपराधिक चुनौती का जवाब 48 घंटे के भीतर दिया जाए। उन्होंने कहा कि 80 से 90 प्रतिशत अपराधी बिहार छोड़कर भाग चुके हैं। जो बचे हुए हैं, उनके बारे में जानकारी दें, पुलिस उनका इलाज करती रहेगी। सुशासन तभी संभव है जब अपराधी जेल में हों या उनका पिंडदान गयाजी में हो।
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प्रवासी बिहारियों से लौटने की अपील
मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों में रह रहे बिहारियों से अपने राज्य लौटकर निवेश और उद्योग स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रतिभा पूरे देश में अपनी पहचान बना चुकी है और अब समय आ गया है कि लोग अपने राज्य के विकास में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार उद्योग लगाने वालों को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है और राज्य में निवेश का अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है।
170 करोड़ के टेक्नोलॉजी सेंटर की रखी आधारशिला
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अतरी विधानसभा क्षेत्र के देवगांव में एमएसएमई मंत्रालय की ओर से लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले टेक्नोलॉजी सेंटर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
ये भी पढ़ें- Bihar: आधी रात को प्रेमिका से मिलने पहुंचा था प्रेमी, रातों-रात पंचायत ने करा दी शादी; सामने आया अनोखा मामला
विकसित बिहार के लिए तेज रफ्तार से काम जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक सक्रिय होना होगा। उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
युवाओं, शिक्षा और उद्योग पर फोकस
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का भविष्य शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक निवेश से तय होगा। टेक्नोलॉजी सेंटर, मॉडल स्कूल और नए उद्योग राज्य के युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।
मॉडल स्कूलों से खत्म होगी कोचिंग की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं। इन स्कूलों में ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी कि विद्यार्थियों को निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। उन्होंने कहा कि उनका सपना तब पूरा होगा जब नेताओं और अधिकारियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे। स्कूलों में रात आठ बजे तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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अपराधियों को चेतावनी, पुलिस को 48 घंटे का समय
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपराधिक चुनौती का जवाब 48 घंटे के भीतर दिया जाए। उन्होंने कहा कि 80 से 90 प्रतिशत अपराधी बिहार छोड़कर भाग चुके हैं। जो बचे हुए हैं, उनके बारे में जानकारी दें, पुलिस उनका इलाज करती रहेगी। सुशासन तभी संभव है जब अपराधी जेल में हों या उनका पिंडदान गयाजी में हो।
प्रवासी बिहारियों से लौटने की अपील
मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों में रह रहे बिहारियों से अपने राज्य लौटकर निवेश और उद्योग स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रतिभा पूरे देश में अपनी पहचान बना चुकी है और अब समय आ गया है कि लोग अपने राज्य के विकास में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार उद्योग लगाने वालों को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है और राज्य में निवेश का अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है।
170 करोड़ के टेक्नोलॉजी सेंटर की रखी आधारशिला
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अतरी विधानसभा क्षेत्र के देवगांव में एमएसएमई मंत्रालय की ओर से लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले टेक्नोलॉजी सेंटर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
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विकसित बिहार के लिए तेज रफ्तार से काम जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक सक्रिय होना होगा। उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
युवाओं, शिक्षा और उद्योग पर फोकस
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का भविष्य शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक निवेश से तय होगा। टेक्नोलॉजी सेंटर, मॉडल स्कूल और नए उद्योग राज्य के युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।