Bihar: '20 घंटे काम करो', CM सम्राट का अफसरों को अल्टीमेटम, गया को मिला 200 करोड़ के टेक्नोलॉजी सेंटर का तोहफा
Gayaji: गया के खिजरसराय में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को 30 दिनों में जनता के कार्य निपटाने की सख्त चेतावनी दी और भ्रष्टाचार व अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई का संदेश दिया। वहीं केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने अतरी को भविष्य का एजुकेशनल और टेक्नोलॉजी हब बताते हुए फल्गु नदी पुनर्जीवन और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम निर्माण की मांग उठाई है।
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विस्तार
गया के खिजरसराय में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, सुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए अब आराम का समय समाप्त हो गया है। दूसरे राज्यों से 15 साल का अंतर खत्म करने के लिए 24 घंटे में 20 घंटे काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता के खिलाफ सरकार की लड़ाई जारी रहेगी तथा तय समय सीमा में जनता के कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
एक दिन में विकास की तीन बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए हर्ष का विषय है कि एक ही दिन में गया में टेक्नोलॉजी सेंटर, आरा में एक्वा पार्क और पटना में डेयरी क्षेत्र से जुड़े एक कार्यालय का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि बिहार को लगातार विकास परियोजनाओं की सौगात मिल रही है।
एमएसएमई सेक्टर में बिहार की बड़ी छलांग
सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी। पहले बिहार में एमएसएमई क्षेत्र में सीमित काम होता था, लेकिन पिछले चार वर्षों में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की संख्या छह लाख से बढ़कर 47 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिहार में विकास नहीं होने की बात करते हैं, जबकि आंकड़े खुद इसकी सच्चाई बता रहे हैं।
रोजगार, बिजली और विकास के आंकड़ों से साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में बिहार में मात्र 17 लाख बिजली कनेक्शन थे, जो आज बढ़कर 2.22 करोड़ से अधिक हो चुके हैं। राज्य सरकार हर वर्ष 22 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध करा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का अभियान शुरू किया गया है, जिससे बिजली उत्पादन और बचत दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
‘न खाना है, न किसी को खाने देना है’
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि बिहार को बदलने के लिए भ्रष्टाचार से लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति साफ है—न खाना है और न किसी को खाने देना है। क्राइम, कम्यूनलिज्म और करप्शन को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है।
पुलिस को 48 घंटे की डेडलाइन
सम्राट चौधरी ने कहा कि सुशासन तभी स्थापित होगा जब अपराधियों का या तो पिंडदान गयाजी में होगा या वे गया जेल में रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत अपराधी बिहार छोड़ चुके हैं और जो बचे हैं, उनके खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि किसी भी चुनौती का जवाब 48 घंटे के भीतर दिया जाए।
30 दिन में काम नहीं तो निलंबन तय
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सहयोग कार्यक्रम में आने वाले आवेदनों पर 10 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस दिया जाएगा। 20 और 25 दिनों पर क्रमशः दूसरा और तीसरा नोटिस जारी होगा। यदि 30 दिनों में भी काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उद्योग लगाने के लिए यदि 30 दिनों में एनओसी जारी नहीं हुई तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर स्वतः एनओसी प्रदान कर दी जाएगी।
महिलाओं, शिक्षा और युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1.88 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त भेजी जा चुकी है। दूसरी किस्त के लिए 20 लाख महिलाओं की पहचान की गई है और शेष लाभार्थियों को भी जल्द राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। साथ ही सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं। इन स्कूलों में रात आठ बजे तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी, ताकि विद्यार्थियों की निजी कोचिंग पर निर्भरता कम हो सके।
फल्गु नदी और खेल स्टेडियम पर बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि फल्गु नदी के पुनर्जीवन के लिए सरकार गंभीर है। इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाणसागर समझौते के तहत उपलब्ध जल को फल्गु नदी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में खेल स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा करते हुए कहा कि यदि 30 से 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाती है तो बिहार सरकार आधुनिक खेल स्टेडियम बनाने के लिए तैयार है।
प्रवासी बिहारियों से विकास में भागीदारी की अपील
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के करीब एक करोड़ लोग देश के विभिन्न हिस्सों में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपने राज्य लौटकर विकसित बिहार के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रतिभा पूरे देश में अपनी पहचान बना चुकी है और अब समय है कि इसी क्षमता का उपयोग राज्य के विकास में किया जाए।
‘जंगल’ कहे जाने वाले इलाके में विकास की नई इबारत
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अतरी में स्थापित टेक्नोलॉजी सेंटर को बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण संस्थान बताते हुए कहा कि यहां हजारों युवक-युवतियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कभी जिस इलाके को लोग जंगल कहकर उपेक्षित मानते थे, आज वहीं विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।
अतरी को मिली विकास की नई पहचान
मांझी ने कहा कि जब उन्होंने अतरी में टेक्नोलॉजी सेंटर निर्माण की बात कही थी, तब कई लोग सवाल उठाते थे कि इस क्षेत्र में कौन आएगा। लेकिन जिला प्रशासन के अथक प्रयास और सरकार की इच्छाशक्ति ने आज उस सोच को गलत साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि अतरी विधानसभा क्षेत्र लंबे समय तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब यहां परिवर्तन की नई शुरुआत हुई है।
नीतीश कुमार को दिया श्रेय
उन्होंने कहा कि वह स्वयं अतरी क्षेत्र में जन्मे हैं और आठ बार विधायक रहने के बावजूद क्षेत्र के लिए मनमाफिक काम नहीं कर पाए थे। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अतरी को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। इसी का परिणाम है कि आज यहां अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित हो सका है।
हर साल 7 हजार युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस टेक्नोलॉजी सेंटर में हर वर्ष करीब सात हजार युवक-युवतियों
को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल बिहार बल्कि पड़ोसी राज्यों के युवाओं को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना गया शहर में भी स्थापित की जा सकती थी, लेकिन पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे अतरी लाया गया।
फल्गु को बारहमासी नदी बनाने का सपना
अपने संबोधन में मांझी ने फल्गु नदी के पुनर्जीवन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि निरंजना और मोहाना नदियों के संगम से फल्गु नदी बनती है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भागीरथ धरती पर गंगा लेकर आए थे, उसी तरह वह फल्गु को सतत जलधारा वाली नदी बनाने का सपना देख रहे हैं।
सिंचाई और जल प्रबंधन की बड़ी योजना
उन्होंने बताया कि नीति आयोग की बैठक से पहले हुई चर्चाओं में निरंजना और फल्गु नदी में पानी लाने की योजना पर गंभीरता से विचार किया गया है। घोड़ाघाट से हंटरगंज तक लगभग 50 किलोमीटर लंबी निरंजना नदी की सफाई और जल प्रबंधन से फल्गु में पर्याप्त पानी पहुंचाया जा सकता है।
60 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की मांग
मांझी ने कहा कि कुल 80 एकड़ उपलब्ध भूमि में 20 एकड़ पर टेक्नोलॉजी सेंटर का निर्माण हो चुका है, जबकि 60 एकड़ भूमि अभी शेष है। इस भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का निर्माण कराया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यदि ऐसा हुआ तो आने वाले दस वर्षों में लगभग 15 किलोमीटर का पूरा क्षेत्र शिक्षा, खेल और तकनीकी प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
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अतरी का भविष्य उज्ज्वल: मांझी
अपने संबोधन के अंत में मांझी ने विश्वास जताया कि टेक्नोलॉजी सेंटर, प्रस्तावित स्टेडियम और नदी पुनर्जीवन जैसी योजनाओं के जरिए अतरी आने वाले वर्षों में बिहार के सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक और विकासशील क्षेत्रों में शामिल होगा।