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Bihar: EO विमल कुमार मर्डर मिस्ट्री! पत्नी के आरोप, ड्राइवर का कबूलनामा और विधायक का नाम... आखिर कौन है कातिल?

Tue, 04 Aug 2026 05:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 04 Aug 2026 05:11 PM IST
सार

डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड की जांच विरोधाभासी बयानों के चलते और उलझ गई है। मृतक की पत्नी ने चालक पर हत्या और डेहरी विधायक पर साजिश रचने का आरोप लगाया है, जबकि चालक की पत्नी ने पुलिस की थ्योरी और कथित कबूलनामे को खारिज करते हुए अपने पति को निर्दोष बताया है।

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Bihar: EO murder case driver MLA or someone else murderer mystery unravelled soon aurangabad bihar police
EO मर्डर केस में हर दिन नया ट्विस्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के बहुचर्चित डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड की जांच अब और उलझती नजर आ रही है। एक तरफ मुख्य आरोपी चालक की पत्नी पुलिस की थ्योरी और कथित कबूलनामे को झूठा बता रही है, तो दूसरी ओर मृतक की पत्नी ने चालक पर हत्या का आरोप लगाने के साथ डेहरी विधायक पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की एंट्री के बाद मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग भी ले चुका है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विमल कुमार की हत्या किसने कराई और एसआईटी कब पूरे मामले से पर्दा उठाएगी।
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विरोधाभासी बयानों से उलझी जांच

विमल कुमार हत्याकांड में लगातार सामने आ रहे अलग-अलग बयानों ने जांच को और पेचीदा बना दिया है। मृतक की पत्नी, मुख्य आरोपी चालक की पत्नी और डेहरी विधायक के अलग-अलग दावों के कारण कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। अब हर किसी की नजर एसआईटी की जांच और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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मृतक की पत्नी ने विधायक पर साजिश का आरोप लगाया

मृतक विमल कुमार की पत्नी बबीता कुमारी ने डेहरी से लोजपा (रामविलास) विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में विधायक का नाम साजिशकर्ता के रूप में शामिल नहीं किया है। एफआईआर में वाहन चालक मिथिलेश कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया है। उनका आरोप है कि चालक ने अपने अज्ञात सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
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चालक की पत्नी ने पुलिस की थ्योरी को बताया गलत

वाहन चालक मिथिलेश कुमार की पत्नी आरती देवी ने पुलिस की पूरी थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति का कथित कबूलनामा दबाव में लिया गया है और वह पूरी तरह निर्दोष हैं। आरती देवी ने यह भी कहा कि उनके पति ने कभी यह नहीं बताया कि उन पर अधिक काम का दबाव था या उनका ईओ विमल कुमार से किसी तरह का विवाद था। उनके अनुसार, दोनों के बीच अच्छे संबंध थे और उनके पति अक्सर ईओ के स्वभाव की तारीफ किया करते थे। उन्होंने दावा किया कि उनके पति को एक सुनियोजित साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष पर संदेह जताने से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विधायक ने भी दी अपनी सफाई

डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि विमल कुमार की हत्या से उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा दुख पहुंचा है और उन्हें बेवजह इस मामले में घसीटा जा रहा है।
विधायक का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते कार्यपालक पदाधिकारी से उनकी नियमित बातचीत होती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

तेजस्वी यादव की एंट्री से गरमाई राजनीति

मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की एंट्री के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। तेजस्वी यादव ने डेहरी विधायक को नामजद आरोपी बनाने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विधायक के खिलाफ हत्या और रंगदारी मांगने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री भागलपुर के सुलतानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णभूषण प्रसाद हत्याकांड की तरह इस मामले में भी अपने गठबंधन के विधायक पर कार्रवाई करेंगे। तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि जब तक विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होती, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे।

जांच के बीच कई सवाल अब भी अनसुलझे

मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब फिलहाल नहीं मिल पाए हैं। क्या चालक मिथिलेश कुमार ही हत्या का मुख्य आरोपी है? क्या मृतक की पत्नी द्वारा लगाए गए साजिश के आरोप सही हैं? क्या चालक का कथित कबूलनामा किसी दबाव में कराया गया? या फिर हत्या के पीछे कोई और साजिशकर्ता है? इन सभी सवालों के जवाब अब एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।

एसपी ने की एसआईटी जांच की समीक्षा

औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने एसआईटी की जांच की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष अनुसंधान दल को मोबाइल लोकेशन, सीडीआर, आईपीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही संभावित आरोपियों और संबंधित लोगों से पूछताछ करने, तकनीकी साक्ष्य मिलने पर संभावित ठिकानों पर त्वरित छापेमारी और सर्च अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


जल्द हो सकता है पूरे मामले का खुलासा

एसपी द्वारा समीक्षा बैठक के बाद एसआईटी ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। माना जा रहा है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा कर सकती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसआईटी की जांच कब पूरी होती है और पुलिस कब विमल कुमार हत्याकांड के असली आरोपी और पूरी साजिश से पर्दा उठाती है।

 

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