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Bihar: निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेते इंजीनियर समेत दो कर्मी गिरफ्तार
Tue, 04 Aug 2026 05:30 PM IST
भागलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांका
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 05:30 PM IST
सार
बिहार के बांका में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला परिषद कार्यालय में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान इंजीनियर ओमप्रकाश मंडल और कर्मी जागेश्वर मंडल को 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
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1.26 लाख की रिश्वत लेते इंजीनियर और कर्मी रंगे हाथ गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के बांका जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला परिषद कार्यालय में छापेमारी की। इस दौरान एक इंजीनियर और एक कर्मी को 1 लाख 26 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई एक संवेदक की शिकायत के सत्यापन के बाद की गई। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को निगरानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
संवेदक की शिकायत पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जिला परिषद की योजना पर कार्य कर रहे संवेदक अवध बिहारी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायत में जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव, जूनियर इंजीनियर (जेई) सुधीर कुमार, कर्मी जागेश्वर मंडल, इंजीनियर ओमप्रकाश मंडल समेत पांच लोगों के नाम शामिल थे।
सत्यापन में सही मिले आरोप
निगरानी विभाग ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बांका स्थित जिला परिषद कार्यालय में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कर्मी जागेश्वर मंडल और इंजीनियर ओमप्रकाश मंडल को 1 लाख 26 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
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जिला परिषद अध्यक्ष से भी हुई पूछताछ
छापेमारी के दौरान निगरानी विभाग की टीम ने जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव से भी पूछताछ की। फिलहाल मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
निगरानी डीएसपी ने क्या कहा?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी सत्येंद्र राम ने बताया कि शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई थी। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को भागलपुर स्थित निगरानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। निगरानी विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। शिकायत में जिन अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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संवेदक की शिकायत पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जिला परिषद की योजना पर कार्य कर रहे संवेदक अवध बिहारी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायत में जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव, जूनियर इंजीनियर (जेई) सुधीर कुमार, कर्मी जागेश्वर मंडल, इंजीनियर ओमप्रकाश मंडल समेत पांच लोगों के नाम शामिल थे।
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सत्यापन में सही मिले आरोप
निगरानी विभाग ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बांका स्थित जिला परिषद कार्यालय में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कर्मी जागेश्वर मंडल और इंजीनियर ओमप्रकाश मंडल को 1 लाख 26 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
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जिला परिषद अध्यक्ष से भी हुई पूछताछ
छापेमारी के दौरान निगरानी विभाग की टीम ने जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव से भी पूछताछ की। फिलहाल मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
निगरानी डीएसपी ने क्या कहा?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी सत्येंद्र राम ने बताया कि शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई थी। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को भागलपुर स्थित निगरानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। निगरानी विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। शिकायत में जिन अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।