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Bihar Crime: चाचा ने की एक ही परिवार के तीन बच्चों की निर्मम हत्या, खुद पर भी किया हमला, मचा कोहराम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: मगध ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 02:26 PM IST
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सार
औरंगाबाद के हसपुरा थाना क्षेत्र में खुटहन गांव में एक परिवारिक विवाद के चलते तीन मासूम बच्चों की निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक बच्चों की पहचान अनीष (10), आयुष (7) और अनुष्का (5) के रूप में हुई। आरोपी चाचा अमंत पाल (18) ने वारदात के दौरान तेज संगीत चलाकर बच्चों की चीख-पुकार दबाई और खुद पर भी हमला किया।
मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हसपुरा थाना क्षेत्र में इटवा पंचायत के खुटहन गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की निर्ममता से गला रेत कर हत्या कर दी गई। इस घटना के आरोपी परिवार के ही युवक, बच्चों के चाचा अमंत पाल (18) बताए जा रहे हैं। इस वारदात ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों के पिता गुड्डू घर पर नहीं थे और ट्रेन की पैंट्री कार में कुक का काम करते हैं। घर में केवल मां अनीता देवी और बच्चे मौजूद थे। पिछले दस दिनों से अनीता देवी और उनकी सास के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिससे घर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।
कमरे में बंद कर की गई हत्या
मृतकों की पहचान अनीष (10), आयुष (7) और अनुष्का (5) के रूप में हुई है। तीनों बच्चों के शव घर के एक कमरे में पाए गए, जहां उनके गले पर धारदार हथियार से घातक वार के निशान थे। कमरे के अंदर खून बिखरा हुआ था, जिसे देखकर ग्रामीण स्तब्ध रह गए। घटना के दौरान मां अनीता देवी को कुछ असामान्य लगा। उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। संदेह होने पर उन्होंने शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर गए। अंदर का मंजर देखकर सभी लोग स्तब्ध रह गए।
शोर दबाने के लिए तेज संगीत और खुद पर हमला
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी ने वारदात के दौरान तेज आवाज में संगीत चलाया ताकि बच्चों की चीख-पुकार बाहर तक न पहुंचे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद पर भी हमला किया और धारदार हथियार से अपना गला काट लिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया और बेहतर इलाज के लिए अन्यत्र रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी अमंत पाल का व्यवहार पहले से असामान्य था और वह अक्सर बाहर ही रहता था। दो दिन पहले ही वह घर लौटा था और उसकी शादी तय थी। गांव वाले उसे ‘सनकी’ प्रवृत्ति वाला बताते हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें: फर्जी बीएड अंकपत्र पर बनी शिक्षिका, निगरानी जांच में खुला बड़ा खेल, अब दर्ज हुआ केस
मौके पर पहुंचे अधिकारी और जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना मिलते ही दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास, सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। इसके अलावा जिप प्रतिनिधि मो. एकलाख खां, प्रखंड अध्यक्ष श्रीकांत कुमार वर्मा, विजय सैनी, अलखदेव प्रसाद अचल, जय कृष्ण पटेल और अशोक यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।
दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल हत्या के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन पारिवारिक विवाद और आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। तीन मासूमों की एक साथ हत्या से हर कोई स्तब्ध है और पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों के पिता गुड्डू घर पर नहीं थे और ट्रेन की पैंट्री कार में कुक का काम करते हैं। घर में केवल मां अनीता देवी और बच्चे मौजूद थे। पिछले दस दिनों से अनीता देवी और उनकी सास के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिससे घर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।
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कमरे में बंद कर की गई हत्या
मृतकों की पहचान अनीष (10), आयुष (7) और अनुष्का (5) के रूप में हुई है। तीनों बच्चों के शव घर के एक कमरे में पाए गए, जहां उनके गले पर धारदार हथियार से घातक वार के निशान थे। कमरे के अंदर खून बिखरा हुआ था, जिसे देखकर ग्रामीण स्तब्ध रह गए। घटना के दौरान मां अनीता देवी को कुछ असामान्य लगा। उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। संदेह होने पर उन्होंने शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर गए। अंदर का मंजर देखकर सभी लोग स्तब्ध रह गए।
शोर दबाने के लिए तेज संगीत और खुद पर हमला
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी ने वारदात के दौरान तेज आवाज में संगीत चलाया ताकि बच्चों की चीख-पुकार बाहर तक न पहुंचे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद पर भी हमला किया और धारदार हथियार से अपना गला काट लिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया और बेहतर इलाज के लिए अन्यत्र रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी अमंत पाल का व्यवहार पहले से असामान्य था और वह अक्सर बाहर ही रहता था। दो दिन पहले ही वह घर लौटा था और उसकी शादी तय थी। गांव वाले उसे ‘सनकी’ प्रवृत्ति वाला बताते हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
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मौके पर पहुंचे अधिकारी और जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना मिलते ही दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास, सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। इसके अलावा जिप प्रतिनिधि मो. एकलाख खां, प्रखंड अध्यक्ष श्रीकांत कुमार वर्मा, विजय सैनी, अलखदेव प्रसाद अचल, जय कृष्ण पटेल और अशोक यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।
दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल हत्या के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन पारिवारिक विवाद और आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। तीन मासूमों की एक साथ हत्या से हर कोई स्तब्ध है और पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।