{"_id":"6a05d69fa1daefa3a1009453","slug":"mahi-kumari-from-gaya-among-india-top-cbse-commerce-scorers-gaya-news-c-1-1-noi1233-4282154-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: न कोचिंग, न दबाव, बस सेल्फ स्टडी से माही बनी देश की नंबर-2 टॉपर, गया जी की बेटी ने बताया सफलता का मंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: न कोचिंग, न दबाव, बस सेल्फ स्टडी से माही बनी देश की नंबर-2 टॉपर, गया जी की बेटी ने बताया सफलता का मंत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
Published by: Akash Kumar
Updated Thu, 14 May 2026 07:58 PM IST
विज्ञापन
सार
CBSE Topper: गया जी की माही कुमारी ने सीबीएसई 12वीं कॉमर्स परीक्षा में 99.8 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया। सेल्फ स्टडी और स्मार्ट वर्क को सफलता का मंत्र बताते हुए माही ने बिहार और गया का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
माही कुमारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
सीमित संसाधन, साधारण माहौल और पढ़ाई के प्रति असाधारण जुनून…इन तीन चीजों ने गया जी की बेटी माही कुमारी को देशभर में पहचान दिलाई है। सीबीएसई 12वीं कॉमर्स परीक्षा में 99.8 प्रतिशत अंक हासिल कर माही ने पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। पटना रीजन की टॉप सूची में शामिल माही अब बिहार के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गईं हैं। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी सफलता का सबसे बड़ा राज “सेल्फ स्टडी और स्मार्ट वर्क” बताया है।
Trending Videos
किताबों को बनाया सबसे बड़ा साथी
गयाजी शहर के स्वराजपुरी रोड स्थित ढोलकिया गली निवासी माही कुमारी ने शुरुआती शिक्षा दयाशंकर सरस्वती शिक्षा मंदिर से प्राप्त की। इसके बाद केंद्रीय विद्यालय-1 से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। माही बताती हैं कि उन्हें शुरू से ही किताबों से लगाव था। जहां दूसरे बच्चे मनोरंजन के लिए अलग-अलग साधन तलाशते थे, वहीं वह अपना ज्यादातर समय पढ़ाई में लगाती थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क जरूरी
माही कहती हैं कि उनके स्कूल के प्रधानाचार्य हमेशा एक बात कहते थे। सिर्फ मेहनत नहीं, स्मार्ट तरीके से मेहनत करना भी जरूरी है। यही बात उन्होंने अपने जीवन में उतार ली। प्रतिदिन करीब पांच घंटे सेल्फ स्टडी करने वाली माही का मानना है कि अगर स्कूल में अच्छे शिक्षक और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो छात्र बिना कोचिंग के भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
पढ़ें: खगड़िया में भीषण सड़क हादसा, तीन गाड़ियों की आपस में हुई टक्कर; शिक्षिका समेत तीन की मौत
कंफ्यूजन हुआ तो शिक्षकों ने बढ़ाया आत्मविश्वास
माही ने बताया कि पढ़ाई के दौरान जब भी किसी विषय को लेकर परेशानी होती थी तो स्कूल के शिक्षक और प्रिंसिपल तुरंत मदद करते थे। यही कारण रहा कि उनका आत्मविश्वास कभी कमजोर नहीं पड़ा। वह अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, बहन, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को देती हैं।
देश पर बोझ नहीं, ताकत बनना चाहती हूं
देशभर में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद माही बेहद खुश हैं, लेकिन उनका सपना अभी और बड़ा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह ग्रेजुएशन करना चाहती हैं। इसके बाद ऐसा काम करेंगी जिससे देश का नाम रोशन हो। माही के शब्दों में, मैं देश पर बोझ नहीं, बल्कि देश की ताकत बनना चाहती हूं।