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Gaya News: बोध महोत्सव 2026 का भव्य आगाज़, तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में देश-विदेश की कला का संगम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:58 AM IST
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सार
बोधगया में तीन दिवसीय बोध महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बिहार की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
बोधगया में तीन दिवसीय बोध महोत्सव 2026 का आयोजन,
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय बोध महोत्सव 2026 का आयोजन 22 जनवरी से 24 जनवरी तक कालचक्र मैदान, बोधगया में किया जा रहा है। इस महोत्सव में भारतीय लोक कला, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, फैशन शो, ग्राम श्री मेला, महिला महोत्सव और स्वास्थ्य सेवाओं सहित कई आकर्षक कार्यक्रम शामिल हैं।
बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से आयोजित इस महोत्सव का आयोजन 22 जनवरी से 24 जनवरी तक कालचक्र मैदान, बोधगया में किया जा रहा है। यह महोत्सव राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
महोत्सव के पहले दिन 22 जनवरी की संध्या 5 बजे उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा। उद्घाटन के उपरांत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी।
23 जनवरी को Magadh Sutra द्वारा प्रस्तुत विशेष फैशन कलेक्शन महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगा। यह फैशन शो मगध की वस्त्र परंपरा, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है। इस पहल में लगभग 15 स्थानीय बुनकरों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी, जिससे पारंपरिक कौशल को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। यह प्रयास स्थानीय कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।
इस वर्ष महोत्सव में 100 से अधिक स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया गया है। साथ ही पांच देशों के विदेशी कलाकार भी अपनी पारंपरिक लोक कलाओं की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रमों की श्रृंखला में पहले दिन वियतनाम और थाईलैंड, दूसरे दिन लाओस और श्रीलंका तथा अंतिम दिन जापान के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
पढ़ें- Crime: जज ने ही रची थी अपनी पत्नी की हत्या की साजिश! दो लाख की दी गई सुपारी; भाइयों और पार्षद ने किया यह काम
इसके अलावा बॉलीवुड पार्श्व गायकों की प्रस्तुति भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होगी। पहले दिन मशहूर गायक जावेद अली, दूसरे दिन रूप कुमार राठौर और अंतिम दिन प्रसिद्ध गायिका भूमि त्रिवेदी अपनी आवाज़ का जादू बिखेरेंगी।
महोत्सव के दौरान कालचक्र मैदान में खानपान मेला भी लगाया गया है, जिसमें विभिन्न जिलों और राज्यों के पारंपरिक एवं लोकप्रिय व्यंजनों के लिए कुल 23 फूड स्टॉल लगाए गए हैं। वहीं ग्राम श्री मेला में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए 76 स्टॉल लगाए गए हैं।
इसके साथ ही 10 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागीय प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके। 24 जनवरी को कालचक्र मैदान में महिला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गायन प्रतियोगिता, नाटक, नृत्य, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, फैशन शो सहित कई प्रतियोगिताएं होंगी।
सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए महोत्सव स्थल पर तीन पालियों में 24×7 मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। साथ ही कालचक्र मैदान एवं आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा क्यूआर कोड आधारित प्रवेश व्यवस्था लागू की गई है।
कुल मिलाकर, बोध महोत्सव 2026 न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह बिहार की कला, परंपरा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देता है। बोधगया में डीएम शशांक शुभंकर बौद्ध महोत्सव की जानकारी देते हुए अन्य पदाधिकारियों के साथ मौजूद रहे।
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बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से आयोजित इस महोत्सव का आयोजन 22 जनवरी से 24 जनवरी तक कालचक्र मैदान, बोधगया में किया जा रहा है। यह महोत्सव राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
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महोत्सव के पहले दिन 22 जनवरी की संध्या 5 बजे उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा। उद्घाटन के उपरांत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी।
23 जनवरी को Magadh Sutra द्वारा प्रस्तुत विशेष फैशन कलेक्शन महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगा। यह फैशन शो मगध की वस्त्र परंपरा, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है। इस पहल में लगभग 15 स्थानीय बुनकरों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी, जिससे पारंपरिक कौशल को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। यह प्रयास स्थानीय कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।
इस वर्ष महोत्सव में 100 से अधिक स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया गया है। साथ ही पांच देशों के विदेशी कलाकार भी अपनी पारंपरिक लोक कलाओं की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रमों की श्रृंखला में पहले दिन वियतनाम और थाईलैंड, दूसरे दिन लाओस और श्रीलंका तथा अंतिम दिन जापान के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
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इसके अलावा बॉलीवुड पार्श्व गायकों की प्रस्तुति भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होगी। पहले दिन मशहूर गायक जावेद अली, दूसरे दिन रूप कुमार राठौर और अंतिम दिन प्रसिद्ध गायिका भूमि त्रिवेदी अपनी आवाज़ का जादू बिखेरेंगी।
महोत्सव के दौरान कालचक्र मैदान में खानपान मेला भी लगाया गया है, जिसमें विभिन्न जिलों और राज्यों के पारंपरिक एवं लोकप्रिय व्यंजनों के लिए कुल 23 फूड स्टॉल लगाए गए हैं। वहीं ग्राम श्री मेला में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए 76 स्टॉल लगाए गए हैं।
इसके साथ ही 10 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागीय प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके। 24 जनवरी को कालचक्र मैदान में महिला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गायन प्रतियोगिता, नाटक, नृत्य, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, फैशन शो सहित कई प्रतियोगिताएं होंगी।
सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए महोत्सव स्थल पर तीन पालियों में 24×7 मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। साथ ही कालचक्र मैदान एवं आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा क्यूआर कोड आधारित प्रवेश व्यवस्था लागू की गई है।
कुल मिलाकर, बोध महोत्सव 2026 न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह बिहार की कला, परंपरा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देता है। बोधगया में डीएम शशांक शुभंकर बौद्ध महोत्सव की जानकारी देते हुए अन्य पदाधिकारियों के साथ मौजूद रहे।