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Cyber Crime: गयाजी में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, 11 सिम से हुई 2.91 करोड़ की ठगी; आरोपी गिरफ्तार

Mon, 06 Jul 2026 06:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 06 Jul 2026 06:08 PM IST
सार

गया पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़ कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में 11 मोबाइल नंबरों से 22 मामलों में 2.91 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ। 47 संदिग्ध सिम भी बरामद हुए।

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fake sim card racket busted in gaya 3 crore cyber fraud linked 11 mobile numbers seized today bihar news
आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध के खिलाफ गया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना गया और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने आमस क्षेत्र से डोभी थाना क्षेत्र के अमारुत गांव निवासी गोविंद कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कराने और उन्हें देशभर के साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का आरोप है।
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जांच में सामने आया है कि आरोपी से जुड़े 11 मोबाइल नंबरों का संबंध देशभर के 22 साइबर ठगी के मामलों से है। इन मामलों में अब तक 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
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एनसीआरपी के विश्लेषण से खुला नेटवर्क
वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच में कुछ मोबाइल नंबर बार-बार सामने आए। तकनीकी पड़ताल में पता चला कि ये सभी नंबर गया जिले के एक प्वाइंट ऑफ सेल (POS) से जारी किए गए थे। इसके बाद साइबर थाना गया और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना ने संयुक्त कार्रवाई कर आरोपी तक पहुंच बनाई।
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बिना जानकारी के जारी कर दिए जाते थे अतिरिक्त सिम
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कराता था। कई मामलों में संबंधित व्यक्ति की जानकारी के बिना ही उसी दस्तावेज पर अतिरिक्त सिम भी सक्रिय कर दिए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था, जो निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग, अधिक मुनाफे और अन्य लुभावने ऑफर का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे।

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47 संदिग्ध सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से 47 संदिग्ध सिम कार्ड बरामद किए हैं। सभी सिम कार्डों की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का हिस्सा है। मोबाइल डेटा, डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।


कई और आरोपियों पर होगी कार्रवाई
इस मामले में साइबर थाना गया में कांड संख्या 103/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साइबर थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खुलासे के आधार पर कई अन्य संदिग्धों की पहचान हो चुकी है। जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज न दें। साथ ही अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी आपको साइबर अपराध की जांच के दायरे में ला सकती है।
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