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Bihar News: झारखंड की बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा, गयाजी में रेड अलर्ट के बाद प्रशासन सतर्क; बढ़ी चिंता
Tue, 18 Aug 2026 06:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 06:18 PM IST
सार
झारखंड में हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गया और जहानाबाद में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद गया जिला प्रशासन ने नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है। चलिए जानते हैं प्रशासन ने क्या-क्या निर्देश दिए हैं?
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फल्गु नदी का जलस्तर बढ़ा।
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विस्तार
झारखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सबसे बड़ा असर बिहार के गया और जहानाबाद जिले में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी होने के बाद गया जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
आशंका जताई जा रही है कि झारखंड में भारी बारिश होने पर फल्गु, मोहाने समेत अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे शेरघाटी, बांकेबाजार, बोधगया, बतसपुर और गयाजी शहर के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और राहत-बचाव की सभी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है।
नदी किनारे रहने वाले परिवारों में बढ़ी चिंता
फल्गु नदी किनारे रहने वाले मोहम्मद ज़ीशान आलम ने बताया कि झारखंड में जब भी तेज बारिश होती है, फल्गु नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। नदी किनारे रहने वाले गरीब परिवारों के घरों में पानी घुसने लगता है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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हर बारिश के साथ रहता है हादसे का डर
भूसंडा गांव निवासी मोहम्मद महफूज ने कहा कि फिलहाल फल्गु नदी में पानी अधिक है। बारिश के दिनों में अक्सर डूबने की घटनाएं होती रहती हैं। नदी किनारे बने सैकड़ों घरों के लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और लगातार डर बना रहता है कि यदि झारखंड में तेज बारिश हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
झारखंड से जुड़ी हैं गया की अधिकांश नदियां
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम पंकज कुमार ने बताया कि 18 और 19 अगस्त को झारखंड के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। गया जिले की अधिकांश नदियां झारखंड से जुड़ी हैं। मोहाने नदी समेत शेरघाटी क्षेत्र की कई नदियों का जलस्तर झारखंड में होने वाली बारिश पर निर्भर करता है। पूर्व के अनुभव बताते हैं कि वहां अधिक वर्षा होने पर गया जिले की नदियों में पानी तेजी से बढ़ता है और नदी किनारे बसे गांवों में पानी प्रवेश कर जाता है।
माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा सतर्क
एडीएम ने बताया कि झारखंड सीमा से सटे मोहनपुर, बोधगया और शेरघाटी अनुमंडल के प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा स्थानीय स्तर पर माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के पास न जाएं, बच्चों और पशुओं को भी नदी किनारे न ले जाएं तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंच जाएं। किसी भी आपदा की स्थिति में कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना देने की भी अपील की गई है।
ये भी पढ़ें- BPSC TRE 4: बिहार शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, बीपीएससी ने जारी किया 32,388 पदों के लिए नोटिफिकेशन
प्रशासन की अपील, अफवाहों से बचें और सतर्क रहें
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखा गया है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी हर चेतावनी का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचना दें।
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आशंका जताई जा रही है कि झारखंड में भारी बारिश होने पर फल्गु, मोहाने समेत अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे शेरघाटी, बांकेबाजार, बोधगया, बतसपुर और गयाजी शहर के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और राहत-बचाव की सभी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है।
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नदी किनारे रहने वाले परिवारों में बढ़ी चिंता
फल्गु नदी किनारे रहने वाले मोहम्मद ज़ीशान आलम ने बताया कि झारखंड में जब भी तेज बारिश होती है, फल्गु नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। नदी किनारे रहने वाले गरीब परिवारों के घरों में पानी घुसने लगता है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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हर बारिश के साथ रहता है हादसे का डर
भूसंडा गांव निवासी मोहम्मद महफूज ने कहा कि फिलहाल फल्गु नदी में पानी अधिक है। बारिश के दिनों में अक्सर डूबने की घटनाएं होती रहती हैं। नदी किनारे बने सैकड़ों घरों के लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और लगातार डर बना रहता है कि यदि झारखंड में तेज बारिश हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
झारखंड से जुड़ी हैं गया की अधिकांश नदियां
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम पंकज कुमार ने बताया कि 18 और 19 अगस्त को झारखंड के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। गया जिले की अधिकांश नदियां झारखंड से जुड़ी हैं। मोहाने नदी समेत शेरघाटी क्षेत्र की कई नदियों का जलस्तर झारखंड में होने वाली बारिश पर निर्भर करता है। पूर्व के अनुभव बताते हैं कि वहां अधिक वर्षा होने पर गया जिले की नदियों में पानी तेजी से बढ़ता है और नदी किनारे बसे गांवों में पानी प्रवेश कर जाता है।
माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा सतर्क
एडीएम ने बताया कि झारखंड सीमा से सटे मोहनपुर, बोधगया और शेरघाटी अनुमंडल के प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा स्थानीय स्तर पर माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के पास न जाएं, बच्चों और पशुओं को भी नदी किनारे न ले जाएं तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंच जाएं। किसी भी आपदा की स्थिति में कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना देने की भी अपील की गई है।
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प्रशासन की अपील, अफवाहों से बचें और सतर्क रहें
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखा गया है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी हर चेतावनी का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचना दें।

फल्गु नदी का जलस्तर बढ़ा