Bihar: भाकपा माले और खेग्रामस ने मनरेगा नाम बदलने के विरोध में निकाला आक्रोश मार्च, मोदी सरकार पर साधा निशाना
Bihar: सहरसा में भाकपा माले और खेग्रामस ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी करने और योजना में बदलाव के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार गारंटी खत्म कर कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाना चाहती है। प्रदर्शन में दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए।
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केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी करने और योजना में बदलाव की चर्चाओं को लेकर सहरसा में सियासी पारा चढ़ गया। भाकपा माले और खेग्रामस के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बिस्कोमान भवन से आक्रोश मार्च निकाला और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाकपा माले के जिला सचिव ललन यादव ने कहा कि एनडीए सरकार लंबे समय से मनरेगा को खत्म करने की साजिश रच रही है। मजदूरी कम करना, भुगतान में देरी और जॉब कार्ड निरस्त करना इसके उदाहरण हैं। उनका आरोप है कि सरकार संवैधानिक रोजगार गारंटी को खत्म कर कॉरपोरेट्स को सस्ते मजदूर उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “मनरेगा की हत्या कर विकसित भारत जी राम जी कानून का झुनझुना थमा दिया गया है, जिसमें रोजगार की कोई कानूनी गारंटी नहीं है। मोदी सरकार का कार्यकाल सिर्फ नाम बदलने के लिए जाना जाएगा।
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खेग्रामस के राष्ट्रीय पार्षद विक्की राम ने कहा कि यह फैसला देश के 12 करोड़ मनरेगा मजदूरों, खासकर महिलाओं और वंचितों के लिए बहुत बड़ा झटका है। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत योजना के कुल खर्च का 40 प्रतिशत हिस्सा अब राज्यों को देना होगा। कुल 125 दिन काम देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
विरोध प्रदर्शन में भाकपा माले और खेग्रामस के दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए। इसमें युवा नेता कुंदन यादव, नगर सचिव वकील कुमार यादव, सागर कुमार शर्मा, शंकर मुखिया, प्रमोद साह, कमलकिशोर यादव, रंधीर कुमार, ठाकुर वीणा देवी, हरिबल्लभ मुखिया, मनरिया देवी, छूतहु सादा, रतन कुमार, संजय यादव, छोटकी देवी और अनिल राम प्रमुख रूप से शामिल थे।