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Satta Ka Sangram: 'महिला सुरक्षा को लेकर नहीं उठाए गए कदम', RJD नेता ने साधा निशाना, जनसुराज ने उठाया ये सवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मधेपुरा Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sat, 01 Nov 2025 06:36 PM IST
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सार

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में 6 और 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी माहौल गर्म है। इसी सिलसिले में अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ शनिवार को मधेपुरा पहुंचा। 
 

Bihar Election 2025 Satta ka Sangram Madhepura, political discussion, know what people said
सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बिहार में सियासी पारा हर दिन चढ़ता ही जा रहा है और इस बीच अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’  मधेपुरा की धरती पर पहुंच चुका है। आज 1 नवंबर की शाम को राजनेताओं से जनता के मुद्दे पर सवाल पूछे गए। इसके साथ ही उनके दावों-वादों को तोला गया कि किसके पक्ष में सियासी हवा बह रही है। जनता की उम्मीदें और सवाल क्या हैं? पहले जानते हैं चाय पर चर्चा और युवाओं से चर्चा के दौरान क्या बातें हुईं।
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चाय पर चर्चा

मौसम की दुश्वारियों के बीच चाय पर चर्चा की शुरुआत स्थानीय निवासी सतीश कुमार के साथ हुई। बातचीत के दौरान सतीश ने कहा कि मधेपुरा की सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति है। उन्होंने बताया कि यहां 700 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा अस्पताल बना है, लेकिन उसमें एक भी ढंग का डॉक्टर नहीं है। अगर किसी को कुछ हो जाए, तो मरीज को सीधे पटना और दरभंगा रेफर कर दिया जाता है।
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सतीश ने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव ने इस जिले को रेल फैक्टरी तो दी, लेकिन अफसोस की बात है कि आज तक वहां एक भी पुर्जा नहीं बनता। जो भी सामान आता है, वह बाहर से लाया जाता है। सतीश ने रोजगार की बात पर कहा कि जो सरकार रोजगार पर गंभीरता से बात करेगी, हम उसी के साथ हैं। सतीश ने यह भी जोड़ा कि यहां भ्रष्टाचार चरम पर है। अगर आप दाखिल-खारिज के लिए ब्लॉक कार्यालय जाते हैं, तो एक लाख रुपये तक की घूस मांगी जाती है।

इस बीच, एक अन्य स्थानीय युवक सींटू कुमार से भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा दर्द बेरोजगारी है और इसका समाधान उन्हें केवल तेजस्वी यादव में दिखता है। जब उनसे पूछा गया कि 'तेजस्वी इतने रोजगार कहां से देंगे?' तो सींटू ने जवाब दिया कि अगर राजद की सरकार बनती, तो निश्चित तौर पर यहां फैक्टरियां लगेंगी और इन्हीं फैक्ट्रियों के जरिए बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 

युवाओं से चर्चा

मधेपुरा में जब स्थानीय माहौल और बिहार चुनाव की स्थिति को लेकर सवाल पूछा गया, तो युवा सोनू यादव ने कहा कि इस बार बदलाव निश्चित है। उन्होंने कहा कि जो सरकार पिछले 20 साल से प्रदेश में शासन कर रही है, वह हमेशा लालू प्रसाद यादव की सरकार को ‘जंगलराज’ कहती रही। सोनू यादव ने कहा कि जब लालू यादव को बिहार मिला था, तब राज्य की हालत क्या थी, यह सब जानते हैं। उन्होंने बिहार को सजाने-संवारने के लिए अपना खून-पसीना एक कर दिया। वहीं, एक अन्य युवा संजीत कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने बेहतर काम किया है, लेकिन अब जनता नए चेहरे की तलाश में है। ऐसे नेता की, जो युवाओं के हित में काम करे और रोजगार की बात करे।

इसी बीच एक और युवा, सारंग ने भी अपनी राय रखी। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बार सरकार बदलेगी, तो उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। सारंग ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में कहा था कि अब मोकामा में रात 10 बजे भी जाया जा सकता है, क्योंकि सुशासन वाली सरकार है। लेकिन परसों ही इसी मोकामा में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधते हुए सारंग ने कहा कि जब जेडीयू के साथ इनकी सरकार थी, तो शिक्षा मंत्री इन्हीं के कोटे से बना था। आज हाल यह है कि यूपी और झारखंड के शिक्षक बिहार में पढ़ा रहे हैं, जबकि बिहार का युवा लाठी खा रहा है और डोमिसाइल का फायदा बाहरी लोग उठा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप जिस विश्वविद्यालय में खड़े हैं, वहां पीएचडी धारकों का सपना प्रोफेसर बनना है, लेकिन 2020 में निकली 4500 असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली आज तक पूरी नहीं हुई। 



राजनीतिक चर्चा

आरजेडी की विनीता भारती ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से नीतीश कुमार की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद बिहार में महिलाओं पर अत्याचार जारी है। उन्होंने कहा कि आरजेडी ने इस बार ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को टिकट दिया है, जिससे यह साफ होता है कि पार्टी महिलाओं की भागीदारी और सुरक्षा को लेकर गंभीर है।

जेडीयू के राजीव जोशी ने कहा कि उनकी पार्टी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार का विजन है कि 2025 से 2030 के बीच बिहार में उद्योगों (इंडस्ट्री) के क्षेत्र में बड़ा काम किया जाए, और वे इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि एनडीए ने इस बार एक महिला उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा है। इसके अलावा महिलाओं के लिए यूनिवर्सिटी और स्कूल खोले गए हैं, और अब पुलिस में भी महिलाओं की संख्या बढ़ी है।

प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि अक्सर यह कहा जाता है कि लालू यादव के शासन में महिलाएं सुरक्षित नहीं थीं, लेकिन नीतीश कुमार की सरकार में भी हालात ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बालिका गृह कांड में बच्चियों के साथ रेप हुआ, लेकिन सरकार ने सख्त कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार में एक भी फैक्ट्री नहीं खुली है। “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाले भी वास्तव में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिखते।

रंजीत कुमार ने कहा कि जनसुराज पार्टी ने ही सबसे पहले पलायन (Migration) का मुद्दा उठाया था, और अब सभी पार्टियां उसी मुद्दे पर बात कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए बहुत बड़ा मसला है, क्योंकि राज्य में असली विकास नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास सिर्फ कागजों पर दिखाया जा रहा है, जबकि बिहार में अब तक एक भी फैक्ट्री नहीं लगी है।

 
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