Bihar Crime: सुपौल में गांजा तस्करी मामले में नेपाली युवक दोषी करार, 600 किलो गांजा बरामद; कार्रवाई
Bihar News: ट्रायल के दौरान एनडीपीएस वाद संख्या 33/22 की सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने कुल छह गवाह पेश किए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने पैरवी की। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पवन शर्मा को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) (2)(सी) के तहत दोषी पाया।
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सुपौल जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम सह विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट सुनील कुमार की अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में आरोपी पवन शर्मा को दोषी करार दिया है। पवन नेपाल के सुनसरी जिला अंतर्गत भंटाबाड़ी का रहने वाला है। वहीं, मामले में शामिल एक अन्य आरोपी गजेन कुमार उर्फ गजेन यादव को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
विशेष लोक अभियोजक (एनसीबी) धर्मेंद्र कामत ने बताया कि 18 दिसंबर 2022 को एसएसबी ने इंडो-नेपाल बॉर्डर के पिलर संख्या 205 के पास से 600.4 किलो गांजा बरामद किया था। इसके बाद मामले की कागजी कार्रवाई पूरी कर इसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), पटना के हवाले कर दिया गया। एनसीबी ने इस संबंध में केस संख्या 24/22 दर्ज किया था।
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ट्रायल के दौरान एनडीपीएस वाद संख्या 33/22 की सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने कुल छह गवाह पेश किए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने पैरवी की। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पवन शर्मा को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) (2)(सी) के तहत दोषी पाया। सजा पर फैसला 25 सितंबर को सुनाया जाएगा।
कैसे हुई गिरफ्तारी
एनसीबी केस संख्या 24/22 के अनुसार, 18 दिसंबर 2022 को गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी की टीम नेपाल सीमा पर चौकसी कर रही थी। रात करीब 7:40 बजे पवन शर्मा अपने साथियों के साथ गांजा की खेप लेकर भारत की ओर आ रहा था। नाका दल ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उसके साथी अंधेरे और कोहरे का फायदा उठाकर गांजे की बोरियां फेंकते हुए भागने में सफल हो गए। बरामद गांजे का वजन 600 किलो 400 ग्राम पाया गया।