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Bihar : नेपाल की सड़कों पर उतरी सेना, सीमावर्ती इलाकों में हालात अब भी तनावपूर्ण; इंडो-नेपाल सीमा पर बढ़ी चौकसी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 09:04 PM IST
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सुपौल के भीमनगर में इंडो-नेपाल सीमा पर अलर्ट एसएसबी जवान।भीमनगर में बॉर्डर बंद होने के बाद ट्र
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नेपाल में जारी उग्र जेनजी प्रदर्शनों के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राजधानी काठमांडू से लेकर तराई के जिलों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। विरोध प्रदर्शनों की चिंगारी अब नेपाल के सीमावर्ती जिले सप्तरी, सुनसरी, मोरंग तक पहुंच चुकी है। इसी बीच सुपौल में प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील कर दिया है। सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों ने चौकसी बढ़ा दी है। वही सीमावर्ती थानों की पुलिस भी लगातार गश्ती कर रही है।
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डीएम सावन कुमार और एसपी सरथ आरएस भी लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों पर नज़र बनाए हुए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने तथा वर्तमान हालात में नेपाल जाने से परहेज करने की अपील की है। वही दूसरी ओर, नेपाल के क्षेत्रों में भी कर्फ्यू लागू कर दी गई है। वहां सड़कों पर नेपाली सैनिकों का परिचालन शुरू है। वही बॉर्डर से सिर्फ इमरजेंसी एम्बुलेंस को ही आने-जाने दिया जा रहा है। नेपाल के हालात को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर अलर्ट है। खासकर पगडंडियों और ग्रामीण रास्तों पर भी एसएसबी के जवानों को तैनात किया गया है। आमतौर पर भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण लोग बिना रोक-टोक आवाजाही करते हैं। लेकिन मौजूदा हालात में यहां भी सख्ती बरती जा रही है।
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सीमा सील होने से आम लोगों की बढ़ी परेशानी
इधर, इंडो-नेपाल सीमा सील होने से सबसे ज्यादा परेशानी दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में रह रहे आम लोगों को हो रही है। रिश्तेदारी व व्यापार के सिलसिले में बड़ी संख्या में भारत आए नेपाली नागरिक अब वापस लौटने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। दूसरी ओर, नेपाल में फंसे भारतीय नागरिक भी भारत आने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सीमा बंद होने के कारण दोनों तरफ से लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। कई लोग घंटों तक लोग सीमा चौकियों पर इंतजार करते देखे गए। तनावपूर्ण हालात का असर सीमावर्ती बाजारों पर भी दिख रहा है। आम दिनों में जहां भारत और नेपाल के व्यापारी एवं ग्राहक बड़ी संख्या में आते-जाते थे। वही अब बाजार पूरी तरह सुनसान पड़े हैं। दुकानदारों में बेचैनी है, क्योंकि रोजाना होने वाला लाखों का कारोबार लगभग ठप हो गया है।
भाई की मौत के बाद भी गुजरात से लौटे नेपाली नागरिक को घर जाने की अनुमति नहीं
नेपाल के सुनसरी के पत्रकार जुगेश दास के अनुसार, नेपाल में हिंसक प्रदर्शन के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इलाके में कर्फ्यू लगा दी गई है। नेपाल की कमान वहां की आर्मी ने मंगलवार की रात करीब 10 बजे ही संभाल ली है। नेपाल की सड़कों पर सिर्फ सेना की वाहनें दौड़ रही है। फिलहाल इस इलाके में स्थिति सामान्य देखने को मिल रही है। वही सुनसरी जिला के भोखराहा निवासी पंचदेव मेहता ने बताया कि गुजरात में काम करते हैं। मेरे भाई का देहांत हो गया है। मुझे घर जाना है, लेकिन शैलेशपुर बीओपी से नेपाल हमारे घर नही जाने दिया जा रहा है। इधर, एसएसबी 45वीं बटालियन के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि दो अधिकृत मार्ग से होकर भारतीय प्रभाग में फंसे नेपाली नागरिक व नेपाल प्रभाग में फंसे भारतीयों की पहचान के बाद उन्हें जाने दिया जा रहा है। इमरजेंसी वाहन, कोसी विभाग के वाहन, एंबुलेंस आदि को जाने दिया जा रहा है।
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डीएम सावन कुमार और एसपी सरथ आरएस भी लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों पर नज़र बनाए हुए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने तथा वर्तमान हालात में नेपाल जाने से परहेज करने की अपील की है। वही दूसरी ओर, नेपाल के क्षेत्रों में भी कर्फ्यू लागू कर दी गई है। वहां सड़कों पर नेपाली सैनिकों का परिचालन शुरू है। वही बॉर्डर से सिर्फ इमरजेंसी एम्बुलेंस को ही आने-जाने दिया जा रहा है। नेपाल के हालात को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर अलर्ट है। खासकर पगडंडियों और ग्रामीण रास्तों पर भी एसएसबी के जवानों को तैनात किया गया है। आमतौर पर भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण लोग बिना रोक-टोक आवाजाही करते हैं। लेकिन मौजूदा हालात में यहां भी सख्ती बरती जा रही है।
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सीमा सील होने से आम लोगों की बढ़ी परेशानी
इधर, इंडो-नेपाल सीमा सील होने से सबसे ज्यादा परेशानी दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में रह रहे आम लोगों को हो रही है। रिश्तेदारी व व्यापार के सिलसिले में बड़ी संख्या में भारत आए नेपाली नागरिक अब वापस लौटने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। दूसरी ओर, नेपाल में फंसे भारतीय नागरिक भी भारत आने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सीमा बंद होने के कारण दोनों तरफ से लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। कई लोग घंटों तक लोग सीमा चौकियों पर इंतजार करते देखे गए। तनावपूर्ण हालात का असर सीमावर्ती बाजारों पर भी दिख रहा है। आम दिनों में जहां भारत और नेपाल के व्यापारी एवं ग्राहक बड़ी संख्या में आते-जाते थे। वही अब बाजार पूरी तरह सुनसान पड़े हैं। दुकानदारों में बेचैनी है, क्योंकि रोजाना होने वाला लाखों का कारोबार लगभग ठप हो गया है।
भाई की मौत के बाद भी गुजरात से लौटे नेपाली नागरिक को घर जाने की अनुमति नहीं
नेपाल के सुनसरी के पत्रकार जुगेश दास के अनुसार, नेपाल में हिंसक प्रदर्शन के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इलाके में कर्फ्यू लगा दी गई है। नेपाल की कमान वहां की आर्मी ने मंगलवार की रात करीब 10 बजे ही संभाल ली है। नेपाल की सड़कों पर सिर्फ सेना की वाहनें दौड़ रही है। फिलहाल इस इलाके में स्थिति सामान्य देखने को मिल रही है। वही सुनसरी जिला के भोखराहा निवासी पंचदेव मेहता ने बताया कि गुजरात में काम करते हैं। मेरे भाई का देहांत हो गया है। मुझे घर जाना है, लेकिन शैलेशपुर बीओपी से नेपाल हमारे घर नही जाने दिया जा रहा है। इधर, एसएसबी 45वीं बटालियन के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि दो अधिकृत मार्ग से होकर भारतीय प्रभाग में फंसे नेपाली नागरिक व नेपाल प्रभाग में फंसे भारतीयों की पहचान के बाद उन्हें जाने दिया जा रहा है। इमरजेंसी वाहन, कोसी विभाग के वाहन, एंबुलेंस आदि को जाने दिया जा रहा है।
