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Bihar : कोसी-मेची लिंक परियोजना का शिलान्यास करेंगे पीएम; पूर्णिया सहित इन जिलों को मिलेगी बाढ़ से निजात

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सुपौल Published by: कोसी ब्यूरो Updated Mon, 15 Sep 2025 08:21 AM IST
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सार

Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को पूर्णिया में होंगे। इस दौरान कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। जिसमें सुपौल को तीन सौगात मिलना तय है। इसमें सबसे बड़ी कोसी-मेची लिंक परियोजना है, जिससे उत्तर बिहार के 11 जिलों को लाभ मिलेगा।

Bihar: PM modi lay foundation stone Kosi-Mechi link project many districts benefit of North Bihar supaul bihar
पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार

पीएम नरेंद्र मोदी सोमवार को पूर्णिया से सुपौल वासियों को तीन बड़ी सौगात देंगे। इसमें सुपौल के वीरपुर में केंद्रीय विद्यालय निर्माण कार्य और कोसी-मेची लिंक परियोजना का शिलान्यास करेंगे। साथ ही सहरसा-छेरहटा (अमृतसर) अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। यह ट्रेन सुपौल, सरायगढ़, निर्मली, झंझारपुर के रास्ते चलेगी। सुपौल के रास्ते चलने वाली यह दूसरी नियमित एक्सप्रेस ट्रेन होगी। इससे पहले शुक्रवार को सुपौल से पहली नियमित ट्रेन सुपौल-दानापुर-पुणे एक्सप्रेस का परिचालन शुरु हुआ है। वही सुपौल स्टेशन का उद्घाटन निर्माण कार्य अधूरा रहने की वजह से अभी टल गया है। पूर्व मध्य रेलवे समस्तीपुर मंडल के पीआरओ रंजीत कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

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बिहार के 11 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस संबंध में जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि अब तक मिली जानकारी अनुसार, प्रधानमंत्री पूर्णिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वीरपुर में केंद्रीय विद्यालय का शिलान्यास करेंगे। बीते 13 मार्च को केंद्रीय विद्यालय निर्माण के लिए वीरपुर स्थित एसएसबी 45वीं बटालियन के 05 एकड़ जमीन की 99 साल की लीज रजिस्ट्री हुई है। इससे पूर्व बीते 26 फरवरी को राज्य कैबिनेट ने केंद्रीय विद्यालय के लिए 33 लाख 250 रुपए का स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क माफ कर दिया था। सुपौल में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति वर्ष 2019 में ही केंद्र सरकार ने दी थी। लेकिन स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क की वजह से मामला 06 वर्षों तक अटका रहा था। वही बीते 11 सितंबर को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सुपौल के वीरपुर का दौरा किया था। इस दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उनका विशेष फोकस कोसी-मेची लिंक परियोजना पर रहा था। मीडिया से उनकी बातचीत में भी साफ संकेत मिले थे कि 15 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी पूर्णिया से इस परियोजना का शिलान्यास कर सकते हैं। अब इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। इस परियोजना से उत्तर बिहार के 11 जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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51 साल पहले बनी थी कोसी-मेची लिंक परियोजना
51 साल पहले बने कोसी-मेची लिंक परियोजना को केंद्र सरकार ने इसी साल स्वीकृति दी है। 6282 करोड़ 32 लाख की इस परियोजना के लिए वर्ष 2024-25 के बजट में राशि का भी आवंटन किया गया है। इस परियोजना से अररिया जिले में 69,642 हेक्टेयर, पूर्णिया जिले में 69,970 हेक्टेयर, किशनगंज जिले में 39,548 हेक्टेयर और कटिहार जिले में 35,653 हेक्टेयर, यानी कुल दो लाख 14 हजार 813 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। इससे अररिया जिला अंतर्गत फारबिसगंज, कुर्साकाटा, सिकटी, पलासी, जोकीहाट एवं अररिया प्रखंड, किशनगंज जिला अंतर्गत टेढ़ागाछ, दिघलबैंक, बहादुरगंज एव कोचाधामन प्रखंड, पूर्णिया जिला अंतर्गत बैसा, अमौर एवं बायसी प्रखंड तथा कटिहार जिला अंतर्गत कदवा, डंडखोड़ा, प्राणपुर, मनिहारी एवं अमदाबाद प्रखंड लाभान्वित होंगे। इस परियोजना अंतर्गत कुल 1397 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। जिसमें से 632 हेक्टेयर भूमि पूर्व से अधिग्रहित है। जबकि 765 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण जारी है। परियोजना का 60 फीसदी खर्च केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी।
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वर्ष 2029 तक पूरी होगी लिंक परियोजना, लाखों किसानों को लाभ
परियोजना के तहत 2759 किमी नहरों का जाल बिछा कर 2.15 लाख हेक्टेयर जमीन के लिए सिंचाई प्रबंधन की व्यवस्था होनी है। परियोजना वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसी के तहत 76.02 किमी लिंक नहर का भी निर्माण होना है। इस नहर की कुल लंबाई 117.50 किमी होगी। जिसमें 41.3 किमी लंबा पूर्वी कोसी मुख्य पूर्व से ही निर्मित है। नए सिरे से होने वाले लिंक नहर निर्माण में कुल 9 नहर साईफन, 28 हेड रेगूलेटर, 14 साईफन, एक्वाडक्ट, 42 सड़क-पुल, 9 पाईप कल्वर्ट और 9 रेगुलेटर बनाए जाएंगे। परियोजना की प्रतीक्षा विशेष तौर पर काेसी और सीमांचल के इलाके में लंबे समय से हो रही थी। इसके पूरा होने से तटबंध के बाहर के इलाकों में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ होगी। वहीं बाढ़ की समस्या से भी निजात मिलने की उम्मीद है। बता दें कि कोसी-मेची लिंक परियोजना के माध्यम से कोसी नदी का अतिरिक्त जल मेची नदी में प्रवाहित करने की योजना है। जो महानंदा की सहायक नदी है। बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी नदी नेपाल से सुपौल के रास्ते ही बिहार में प्रवेश करती है। जबकि महानंदा नदी नेपाल से निकल कर भारत में किशनगंज जिले से प्रवेश करती है।

सुपौल स्टेशन पर अब भी निर्माण कार्य जारी
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पीएम को सुपौल में अमृत भारत योजना के तहत 14.50 करोड़ की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्य का उद्घाटन करना था। लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने से कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। स्टेशन के नए भवन में टाइल्स, पेंट, लाइट आदि का काम युद्ध स्तर पर जारी है। टिकट काउंटर का काम भी अधूरा है। इसके अलावा कैचमेंट एरिया में भी काम पूरा नहीं हुआ है। पार्किंग से लेकर मुख्य गेट तक निर्माण कार्य जारी है।

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