{"_id":"6a3d228f16a3af40430e280a","slug":"land-for-industry-at-1-bihar-government-to-allot-land-to-a-sugar-mill-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: ₹1 में इंडस्ट्री के लिए जमीन! बिहार सरकार इतनी टोकन राशि पर चीनी मिल को देगी जगह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: ₹1 में इंडस्ट्री के लिए जमीन! बिहार सरकार इतनी टोकन राशि पर चीनी मिल को देगी जगह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Thu, 25 Jun 2026 06:15 PM IST
सार
बिहार सरकार ने गन्ना उद्योग में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 लागू की है। नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए निवेशकों को 1 रुपये की टोकन राशि पर 30 वर्षों के लिए 40 एकड़ तक जमीन लीज पर दी जाएगी।
विज्ञापन
बिहार सरकार एक रुपये की टोकन राशि पर चीनी मिल को देगी जगह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्य सरकार नई चीनी मिलों को खोलने के लिए हर तरह से निवेशकों को प्रोत्साहित कर रही है। इन्हें आकर्षित करने के लिए कई विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए गन्ना उद्योग विभाग और बिहार राज्य चीनी निगम की उपलब्ध भूमि 1 रुपये की टोकन राशि पर 30 वर्षों के लिए 40 एकड़ तक लीज पर दी जाएगी। ऐसे कई विशेष प्रावधान बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 में किए गए हैं, जिसे हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई है।
1 रुपये में 40 एकड़ जमीन, करों में भी बड़ी राहत
इस मौके पर मंत्री ने बताया कि चीनी मिल के लिए भूमि क्रय पर निबंधन शुल्क और स्टांप शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा उत्पादित चीनी पर पांच वर्षों तक एसजीएसटी की भी पूर्ण प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
नई चीनी मिल लगाने पर 100 करोड़ रुपये तक अनुदान
नई नीति के तहत 5,000 टीसीडी (टन क्रशिंग प्रति दिन) क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर निवेशकों को पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। वहीं, 3,500 टीसीडी क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर 70 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
पुरानी मिलों के विस्तार पर भी मिलेगा प्रोत्साहन
मंत्री ने बताया कि कार्यरत चीनी मिलों की क्षमता में न्यूनतम 1,000 टीसीडी विस्तार करने पर 15 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इससे अधिक क्षमता विस्तार करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इथेनॉल, डिस्टिलरी और सीबीजी परियोजनाओं को बढ़ावा
गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि डिस्टिलरी और इथेनॉल इकाइयों की स्थापना तथा क्षमता विस्तार के लिए प्लांट एवं मशीनरी निवेश पर अनुदान, ब्याज सहायता और इथेनॉल पर एसजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति दी जाएगी। सह-विद्युत उत्पादन परियोजनाओं और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
बिहार बना मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स की अवधारणा अपनाने वाला पहला राज्य
उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स की अवधारणा को बढ़ावा दिया है। इसमें चीनी मिलों के साथ डिस्टिलरी, इथेनॉल उत्पादन, विद्युत उत्पादन और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकाइयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार के लिए समेकित व्यवस्था की गई है।
यह भी पढ़ें: पटना वालों को लगा झटका, नगर निगम ने वार्षिक किराए मूल्य में की 15% की बढ़ोतरी
25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सात निश्चय-3 के तहत राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार के साथ-साथ 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
'गन्ना, चीनी और हरित ऊर्जा में फिर बनेगा अग्रणी बिहार'
उन्होंने विश्वास जताया कि नई नीति के लागू होने से बिहार एक बार फिर देश के अग्रणी गन्ना, चीनी, इथेनॉल और हरित ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर विभागीय सचिव धर्मेंद्र सिंह, ईख आयुक्त अनिल कुमार झा और संयुक्त ईख आयुक्त वेदव्रत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
1 रुपये में 40 एकड़ जमीन, करों में भी बड़ी राहत
इस मौके पर मंत्री ने बताया कि चीनी मिल के लिए भूमि क्रय पर निबंधन शुल्क और स्टांप शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा उत्पादित चीनी पर पांच वर्षों तक एसजीएसटी की भी पूर्ण प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
नई चीनी मिल लगाने पर 100 करोड़ रुपये तक अनुदान
नई नीति के तहत 5,000 टीसीडी (टन क्रशिंग प्रति दिन) क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर निवेशकों को पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। वहीं, 3,500 टीसीडी क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर 70 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
पुरानी मिलों के विस्तार पर भी मिलेगा प्रोत्साहन
मंत्री ने बताया कि कार्यरत चीनी मिलों की क्षमता में न्यूनतम 1,000 टीसीडी विस्तार करने पर 15 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इससे अधिक क्षमता विस्तार करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इथेनॉल, डिस्टिलरी और सीबीजी परियोजनाओं को बढ़ावा
गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि डिस्टिलरी और इथेनॉल इकाइयों की स्थापना तथा क्षमता विस्तार के लिए प्लांट एवं मशीनरी निवेश पर अनुदान, ब्याज सहायता और इथेनॉल पर एसजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति दी जाएगी। सह-विद्युत उत्पादन परियोजनाओं और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
बिहार बना मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स की अवधारणा अपनाने वाला पहला राज्य
उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स की अवधारणा को बढ़ावा दिया है। इसमें चीनी मिलों के साथ डिस्टिलरी, इथेनॉल उत्पादन, विद्युत उत्पादन और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकाइयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार के लिए समेकित व्यवस्था की गई है।
यह भी पढ़ें: पटना वालों को लगा झटका, नगर निगम ने वार्षिक किराए मूल्य में की 15% की बढ़ोतरी
25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सात निश्चय-3 के तहत राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार के साथ-साथ 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
'गन्ना, चीनी और हरित ऊर्जा में फिर बनेगा अग्रणी बिहार'
उन्होंने विश्वास जताया कि नई नीति के लागू होने से बिहार एक बार फिर देश के अग्रणी गन्ना, चीनी, इथेनॉल और हरित ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर विभागीय सचिव धर्मेंद्र सिंह, ईख आयुक्त अनिल कुमार झा और संयुक्त ईख आयुक्त वेदव्रत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।