Bihar: 11 साल की उम्र, दंडवत कदम और बड़ा सपना...शिक्षक बनने की मन्नत लेकर बाबा धाम निकली प्रियंका
मुंगेर के असरगंज की 11 वर्षीय छठी कक्षा की छात्रा प्रियंका कुमारी बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए दंडवत यात्रा पर निकली हैं। तपती राह और लंबी दूरी के बावजूद प्रियंका का हौसला कम नहीं हुआ है।
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उम्र महज 11 साल, कंधों पर स्कूल का बैग उठाने की उम्र और आंखों में शिक्षिका बनने का सपना। लेकिन इसी छोटी सी उम्र में प्रियंका कुमारी ने ऐसा संकल्प लिया है, जिसने असरगंज के कच्चे कांवरिया पथ से गुजरने वाले हर शख्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मुंगेर जिले के असरगंज सतीस्थान की रहने वाली छठी कक्षा की छात्रा प्रियंका दंडवत यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए निकल पड़ी है। तपती राह, लंबा सफर और हर कुछ कदम पर दंडवत प्रणाम के बावजूद उसके चेहरे पर थकान से ज्यादा बाबा भोलेनाथ के प्रति आस्था और अपने संकल्प को पूरा करने का विश्वास नजर आ रहा है।
चौथे दिन भी जारी है प्रियंका की दंडवत यात्रा
प्रियंका पहली बार दंडवत यात्रा पर निकली है और उसकी यात्रा का मंगलवार को चौथा दिन है। असरगंज कच्चे कांवरिया पथ पर वह लगातार दंडवत प्रणाम करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रही है। उसके साथ उसके दादा उदेव प्रसाद सिंह, दादी रेशमा देवी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी बाबा धाम की यात्रा पर हैं। प्रियंका के माता-पिता मधु देवी और देवेन्द्र प्रसाद सिंह हैं।
इतनी छोटी उम्र में इस कठिन यात्रा को लेकर प्रियंका के भीतर गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है। परिवार के लोग भी उसके इस संकल्प में उसका साथ दे रहे हैं और यात्रा के दौरान उसकी हौसला अफजाई कर रहे हैं।
शिक्षक बनने का सपना, बाबा भोलेनाथ से मांगी मन्नत
प्रियंका ने बाबा भोलेनाथ से एक खास मन्नत मांगी है। उसका सपना है कि वह बड़ी होकर शिक्षिका बने और अपने जीवन में कुछ बड़ा हासिल करे। इसी सपने को लेकर वह बाबा बैद्यनाथ के दरबार तक दंडवत यात्रा करते हुए पहुंचना चाहती है। प्रियंका बताती है कि जब उसने अपनी दीदी और दादा को बाबा धाम जाते हुए देखा, तो उसके मन में भी बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने की इच्छा जागी। इसके बाद उसने मन्नत मांगी और परिवार के साथ दंडवत यात्रा पर निकलने का फैसला किया।
न उम्र की परवाह, न सफर की मुश्किल
महज 11 साल की उम्र में इतनी कठिन यात्रा करने के बावजूद प्रियंका का कहना है कि उसे किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। उसके भीतर बाबा भोलेनाथ के प्रति गहरी आस्था है और इसी विश्वास के सहारे वह लगातार आगे बढ़ रही है। तपती सड़क पर दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ना आसान नहीं है, लेकिन प्रियंका के लिए बाबा धाम पहुंचने का संकल्प हर मुश्किल से बड़ा नजर आ रहा है। उसके हर कदम में एक ही लक्ष्य दिखाई दे रहा है—बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करना और अपनी मन्नत पूरी करना।
आस्था के आगे छोटी पड़ गई उम्र
असरगंज के कच्चे कांवरिया पथ पर प्रियंका की यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था की कहानी नहीं है, बल्कि उसके हौसले, विश्वास और सपने की भी कहानी है। छोटी सी उम्र, बड़ा संकल्प और बाबा भोलेनाथ पर अटूट भरोसा प्रियंका की यात्रा को खास बना रहा है। बोल बम के जयकारों के बीच प्रियंका दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ रही है। उसके मन में शिक्षिका बनने का सपना है और दिल में बाबा बैद्यनाथ का नाम। परिवार के सदस्य भी उसके इस संकल्प को पूरा कराने के लिए उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं।